{"_id":"9e998538-a404-11e2-93d9-d4ae52bc57c2","slug":"routes-changed-in-haridwar-for-baisakhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैसाखी स्नान के लिए बदले हरिद्वार में रूट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैसाखी स्नान के लिए बदले हरिद्वार में रूट
हरिद्वार/ब्यूरो
Updated Sat, 13 Apr 2013 12:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैसाखी स्नान के लिए शनिवार को पुलिस प्रशासन ने यातायात व्यवस्था बदल दी है। बाहरी राज्यों से हरिद्वार पहुंचने वाली रोडवेज की बसों के स्टैंड भी बदल दिए गए हैं।
विज्ञापन
रोडवेज बस स्टेशन पर केवल उत्तराखंड परिवहन निगम की बसें आ-जा सकेंगी। ऑटो-विक्रम के रूट भी बदल दिए हैं। पूरा हरकी पैड़ी क्षेत्र जीरो जोन में रखा गया है। यह व्यवस्था शुक्रवार रात 12 बजे से शनिवार रात 12 बजे तक रहेगी।
विज्ञापन
यहां करें वाहन पार्क
- मोतीचूर पार्किंग (देहरादून/ऋषिकेश की ओर से आने वाले यात्री वाहन)
- पंतद्वीप पार्किंग, अलकनंदा पार्किंग (सभी वाहन)
- पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग, धोबीघाट (हल्के वाहन)
- बैरागी कैंप पार्किंग (रुड़की, लक्सर, सहारनपुर की ओर से आने वाले सभी वाहन)
- नीलधारा/गौरीशंकर पार्किंग (नजीबाबाद की ओर से आने वाले वाहन)
- हरिराम इंटर कालेज पार्किंग (अन्य प्रदेशों की अतिरिक्त रोडवेज बसें)
- लालजीवाला और चमगादड़ टापू पार्किंग (रिजर्व रखा गया है)
- रोडवेज बस स्टैंड (केवल उत्तराखंड परिवहन निगम की बसें)
यात्री वाहन के रूट
- हरियाणा, सहारनपुर, पंजाब से हरिद्वार आने वाले वाहन्, रुड़की से वाया लक्सर होकर जगजीतपुर, देशरक्षक तिराहा होते हुए बैरागी कैंप पार्क होंगे, जबकि वापसी हाइवे से होगी।
विज्ञापन
- नजीबाबाद से हरिद्वार आने वाले यात्री वाहन डायवर्ट होकर नीलधारा पार्किंग में पार्क होंगे, जबकि इस मार्ग से वापस लौटेंगे।
- ऋषिकेश और देहरादून की ओर से आने वाले यात्री वाहन हाइवे से होते हुए मोतीचूर और पंतद्वीप पार्किंग पर लाए जाएंगे।
भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध
शुक्रवार रात से शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर से देहरादून जाने वाले भारी माल वाहक वाहनों को नारसन से पुहाना, छुटमलपुर होकर देहरादून भेजा जाएगा।
ऋषिकेश जाने वाले भारी वाहन भी देहरादून का फेर कर गुजरेंगे। जबकि हरिद्वार आने वाले वाहनों को जनपद सीमा पर रोका जाएगा और पर्व खत्म होने के बाद आने दिया जाएगा।
चीलामार्ग से गुजरेंगी पहाड़ की बसें
पहाड़ी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था की लाइफ लाइन कही जाने वाली टीजीएमओ और जीएमओयू की बसें स्नान के दिन चीला मार्ग से गुजरेंगी। पहाड़ से आने वाली बसों को वाया चीला मार्ग हरिद्वार भेजा जाएगा, जबकि यहां से पहाड़ जाने वाली बसें भी इसी मार्ग से जाएंगी। पहाड़ से आने वाली बसों को नीलधारा में पार्क किया जाएगा।
ऑटो और विक्रम के रूट भी बदले
ज्वालापुर की ओर से बस स्टेशन/रेलवे स्टेशन की ओर आने वाले ऑटो, विक्रम भगत सिंह चौक, हिल बाईपास, वाल्मिकी चौक (ललतारो पुल) होते हुए रेलवे स्टेशन/बस स्टेशन आ सकेंगे। जबकि रेलवे स्टेशन से देवपुरा चौक, ऋषिकुल तिराह होते हुए वापस ज्वालापुर जाएंगे। स्टेशन से शिवमूर्ति, वाल्मिकी चौक की ओर ऑटो, विक्रम का प्रवेश बंद रखा गया है।
इसके अलावा हाइवे पर दूधाधारी चौक से शंकराचार्य चौक तक ऑटो, विक्रम का चलना प्रतिबंधित रहेगा। दूधाधारी से हरकी पैड़ी की ओर भी ऑटो, विक्रम नहीं चलेंगे। चंडी देवी की ओर से आने वाले ऑटो-विक्रम चंडी पुल से आगे नहीं आ सकेंगे। हरकी पैड़ी जीरो जोन में रिक्शा, तांगा भी प्रतिबंधित किया गया है। हाइवे पर भी रिक्शा और तांगा के जाने पर रोक है। अपर रोड पर तीन पहिया और चार पहिया वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।
देहरादून की बसें नहीं आएंगी रुड़की
ऋषिकेश को हरिद्वार से होकर जाने वाले रोडवेज की बसों को वाया दून जाना पड़ेगा। दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर से देहरादून/ऋषिकेश जाने वाली रोडवेज की बसें रामपुर तिराहा मुजफ्फरनगर से देवबंद, छुटमलपुर होते हुए दून जाएंगी। वापसी भी इस मार्ग से होगी।
यह बसें रुड़की, मंगलौर, भगवानपुर नहीं आ पाएंगी। जबकि बाहर इलाकों से रुड़की होकर से सीधे हरिद्वार आने वाली रोडवेज बसें रुड़की से लंढौरा लक्सर होकर हरिद्वार पहुंचेंगी। हालांकि हरिद्वार से ऋषिकेश और देहरादून की बस सेवाएं संचालित रहेंगी।