{"_id":"5e5412ce8ebc3ef4011e793c","slug":"residents-expose-burglaries-one-accused-arrested-haridwar-news-drn3372709135","type":"story","status":"publish","title_hn":"आवासीय सोसायटी में हुई चोरियों का पर्दाफाश, एक आरोपी धरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आवासीय सोसायटी में हुई चोरियों का पर्दाफाश, एक आरोपी धरा
विज्ञापन
सिडकुल एवं ज्वालापुर की आवासीय सोसायटी में तीन चोरी की घटनाओं का खुलासा करते एसएसपी ।
- फोटो : HARIDWAR
बहादराबाद, सिडकुल एवं ज्वालापुर की आवासीय सोसायटी में हुई तीन चोरियों की घटनाओं का पटाक्षेप करते हुए बहादराबाद पुलिस ने अंतरराज्जीय गिरोह के एक सदस्य को दबोचा है। जबकि तीन आरोपी अभी हत्थे नहीं चढ़े हैं। हत्थे चढ़े आरोपी के कब्जे से जेवरात, घड़ियां एवं 30 हजार रुपये की नगदी बरामद की गई है। फरार आरोपियों की धरपकड़ में पुलिस टीम जुटी हुई है। एसएसपी ने पुलिस टीम को ढाई हजार नगद इनाम देने की घोषणा की है।
रोशनाबाद में पुलिस कार्यालय में पत्रकारों को जानकारी देते हुए एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने बताया कि रविवार को पथरी रौ पुल पर एक संदिग्ध कार को पुलिस टीम ने रोक लिया। पुलिस ने कार चला रहे एक युवक को पकड़ लिया, जबकि उसके तीन साथी फरार होने में कामयाब रहे। पूछताछ में कार चालक ने अपना नाम मनजीत सैनी पुत्र धर्मवीर सिंह सैनी निवासी गांव अटोरा मवाना मेरठ यूपी बताया। एसएसपी ने बताया कि आरोपी के कब्जे से रघुनाथ रेजीडेंसी, जुर्स कंट्री सोसायटी एवं हरिद्वार ग्रीन सोसायटी सिडकुल में हुई चोरी के जेवरात, घड़ियां एवं तीस हजार रुपये बरामद हुए। आरोपी ने कबूला कि उसने अपने साथियों अमित उर्फ काली निवासी मवाना मेरठ, ऋषभ पुत्र भोला, कपिल पुत्र भारतवीर निवासीगण खालदपुर फलावदा मेरठ के साथ मिलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। एसएसपी ने बताया कि मंजीत पेशे से कार चालक है। वारदात में इस्तेमाल की गई कार को वह अपने मालिक से बुकिंग पर ले जाने की बात कहकर आता था। फरार आरोपियों के खिलाफ नोएडा गाजियाबाद में भी चोरी के मुकदमे दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुके हैं। इस दौरान एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, सीओ सदर पूर्णिमा गर्ग, एसओ बहादराबाद गोविंद कुमार, एसओ सिडकुल प्रशांत बहुगुणा, एसआई रंजीत सिंह तोमर मौजूद रहे।
सोसायटी रहती थी निशाने पर
हरिद्वार। यह गैंग आवासीय सोसायटी को निशाना बनाता था। दरअसल, सोसायटी में घुसने के दौरान कोई विशेष रोक टोक नहीं होती है। यह लोग एंट्री करने पर फर्जी नाम पता दर्ज करा देते थे और कार का नंबर भी दूसरा लिख देते थे। सिक्योरिटी गार्ड भी इस पर फोकस नहीं करते हैं। लिहाजा गैंग अपने मकसद में कामयाब होने में कामयाब रहता था।
विज्ञापन
ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे
हरिद्वार। आवासीय सोसायटी में फ्लैटों के ताले चटका देने में एक्सपर्ट गैंग ने पुलिस को गच्चा देने की पूरी प्लानिंग की थी, लेकिन एक गलती से दबोचे गए। गैंग ने रघुनाथ रेजीडेंसी में घुसने के दौरान कार का नंबर बदल दिया था। पुलिस ने जब पड़ताल की तब नंबर फर्जी निकलकर सामने आया। फिर कस्बा चौकी प्रभारी रणजीत सिंह ने सूझबूझ से हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए तो कार का असली नंबर सामने आ गया। कार पर दो चिन्ह भी बने हुए थे, इस वजह से पुलिस की राह आसान हो गई।
विज्ञापन
रोशनाबाद में पुलिस कार्यालय में पत्रकारों को जानकारी देते हुए एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने बताया कि रविवार को पथरी रौ पुल पर एक संदिग्ध कार को पुलिस टीम ने रोक लिया। पुलिस ने कार चला रहे एक युवक को पकड़ लिया, जबकि उसके तीन साथी फरार होने में कामयाब रहे। पूछताछ में कार चालक ने अपना नाम मनजीत सैनी पुत्र धर्मवीर सिंह सैनी निवासी गांव अटोरा मवाना मेरठ यूपी बताया। एसएसपी ने बताया कि आरोपी के कब्जे से रघुनाथ रेजीडेंसी, जुर्स कंट्री सोसायटी एवं हरिद्वार ग्रीन सोसायटी सिडकुल में हुई चोरी के जेवरात, घड़ियां एवं तीस हजार रुपये बरामद हुए। आरोपी ने कबूला कि उसने अपने साथियों अमित उर्फ काली निवासी मवाना मेरठ, ऋषभ पुत्र भोला, कपिल पुत्र भारतवीर निवासीगण खालदपुर फलावदा मेरठ के साथ मिलकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। एसएसपी ने बताया कि मंजीत पेशे से कार चालक है। वारदात में इस्तेमाल की गई कार को वह अपने मालिक से बुकिंग पर ले जाने की बात कहकर आता था। फरार आरोपियों के खिलाफ नोएडा गाजियाबाद में भी चोरी के मुकदमे दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुके हैं। इस दौरान एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, सीओ सदर पूर्णिमा गर्ग, एसओ बहादराबाद गोविंद कुमार, एसओ सिडकुल प्रशांत बहुगुणा, एसआई रंजीत सिंह तोमर मौजूद रहे।
विज्ञापन
सोसायटी रहती थी निशाने पर
हरिद्वार। यह गैंग आवासीय सोसायटी को निशाना बनाता था। दरअसल, सोसायटी में घुसने के दौरान कोई विशेष रोक टोक नहीं होती है। यह लोग एंट्री करने पर फर्जी नाम पता दर्ज करा देते थे और कार का नंबर भी दूसरा लिख देते थे। सिक्योरिटी गार्ड भी इस पर फोकस नहीं करते हैं। लिहाजा गैंग अपने मकसद में कामयाब होने में कामयाब रहता था।
विज्ञापन
ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे
हरिद्वार। आवासीय सोसायटी में फ्लैटों के ताले चटका देने में एक्सपर्ट गैंग ने पुलिस को गच्चा देने की पूरी प्लानिंग की थी, लेकिन एक गलती से दबोचे गए। गैंग ने रघुनाथ रेजीडेंसी में घुसने के दौरान कार का नंबर बदल दिया था। पुलिस ने जब पड़ताल की तब नंबर फर्जी निकलकर सामने आया। फिर कस्बा चौकी प्रभारी रणजीत सिंह ने सूझबूझ से हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए तो कार का असली नंबर सामने आ गया। कार पर दो चिन्ह भी बने हुए थे, इस वजह से पुलिस की राह आसान हो गई।