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Haridwar News: फेरुपुर स्थित रामाज्ञा इन्क्लेव परियोजना पर रेरा ने लगाई रोक
Thu, 28 May 2026 04:23 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Thu, 28 May 2026 04:23 PM IST
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- कॉलोनी के प्रमोटर व भाजपा जिलाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग मोर्चा लोकेश पाल ने लगाया फर्जीवाड़े का आरोप
- मामले में एसडीएम के फर्जी हस्ताक्षर कर लैंड यूज बदलने के आरोप में पूर्व में दर्ज हो चुका है मुकदमा
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। उत्तराखंड भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने हरिद्वार के फेरुपुर रामखेड़ा स्थित रामाज्ञा इन्क्लेव आवासीय परियोजना पर तत्काल प्रभाव से अंतरिम रोक लगा दी है। यह कार्रवाई परियोजना के प्रमोटर व भाजपा जिलाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग मोर्चा लोकेश कुमार की शिकायत के बाद की गई है। लोकेश कुमार ने परियोजना के दस्तावेजों पर अपने फर्जी हस्ताक्षर होने का आरोप लगाया है। कुमार ने रेरा को दिए अपने प्रार्थनापत्र में गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि रामाज्ञा इन्क्लेव के पंजीकरण के लिए प्रस्तुत सभी दस्तावेजों पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। यह परियोजना 06 फरवरी 2025 से 02 दिसंबर 2029 तक के लिए स्वीकृत है। परियोजना में कुल 14 प्रमोटर शामिल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कृषि भूमि को आवासीय प्रयोजन में बदलने के लिए उपजिलाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर प्रमाणपत्र जारी किया गया था। इस मामले में उपजिलाधिकारी ने 10 दिसंबर 2024 को मोनू और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था। रेरा ने लोकेश कुमार की शिकायत का संज्ञान लिया। प्राधिकरण ने अन्य प्रमोटरों को नोटिस जारी देकर पक्ष रखने को कहा था।
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शिकायत के मुख्य बिंदु
लोकेश कुमार ने अपनी शिकायत में जालसाजी, धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनकी रजिस्ट्री को छोड़कर सभी दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने निर्माणाधीन भूखंडों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने की प्रार्थना की थी। इस शिकायत के समर्थन में उन्होंने एक शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया। रेरा ने प्रथम दृष्टया इसे जालसाजी और धोखाधड़ी का मामला माना है। रेरा ने आवंटियों के हितों की रक्षा के लिए यह आदेश जारी किया है। प्राधिकरण ने परियोजना की भूमि पर तृतीय पक्ष हित सृजन पर रोक लगाई है। इसके तहत नए आवंटन, बुकिंग, विक्रय अनुबंध पत्र और आवंटियों से किसी भी प्रकार के वित्तीय लेन-देन पर रोक लगी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 02 जुलाई 2026 को होगी।
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- मामले में एसडीएम के फर्जी हस्ताक्षर कर लैंड यूज बदलने के आरोप में पूर्व में दर्ज हो चुका है मुकदमा
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। उत्तराखंड भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने हरिद्वार के फेरुपुर रामखेड़ा स्थित रामाज्ञा इन्क्लेव आवासीय परियोजना पर तत्काल प्रभाव से अंतरिम रोक लगा दी है। यह कार्रवाई परियोजना के प्रमोटर व भाजपा जिलाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग मोर्चा लोकेश कुमार की शिकायत के बाद की गई है। लोकेश कुमार ने परियोजना के दस्तावेजों पर अपने फर्जी हस्ताक्षर होने का आरोप लगाया है। कुमार ने रेरा को दिए अपने प्रार्थनापत्र में गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि रामाज्ञा इन्क्लेव के पंजीकरण के लिए प्रस्तुत सभी दस्तावेजों पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। यह परियोजना 06 फरवरी 2025 से 02 दिसंबर 2029 तक के लिए स्वीकृत है। परियोजना में कुल 14 प्रमोटर शामिल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कृषि भूमि को आवासीय प्रयोजन में बदलने के लिए उपजिलाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर प्रमाणपत्र जारी किया गया था। इस मामले में उपजिलाधिकारी ने 10 दिसंबर 2024 को मोनू और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था। रेरा ने लोकेश कुमार की शिकायत का संज्ञान लिया। प्राधिकरण ने अन्य प्रमोटरों को नोटिस जारी देकर पक्ष रखने को कहा था।
शिकायत के मुख्य बिंदु
लोकेश कुमार ने अपनी शिकायत में जालसाजी, धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनकी रजिस्ट्री को छोड़कर सभी दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने निर्माणाधीन भूखंडों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने की प्रार्थना की थी। इस शिकायत के समर्थन में उन्होंने एक शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया। रेरा ने प्रथम दृष्टया इसे जालसाजी और धोखाधड़ी का मामला माना है। रेरा ने आवंटियों के हितों की रक्षा के लिए यह आदेश जारी किया है। प्राधिकरण ने परियोजना की भूमि पर तृतीय पक्ष हित सृजन पर रोक लगाई है। इसके तहत नए आवंटन, बुकिंग, विक्रय अनुबंध पत्र और आवंटियों से किसी भी प्रकार के वित्तीय लेन-देन पर रोक लगी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 02 जुलाई 2026 को होगी।
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