फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   recovered from covid, but people struggling with weight gain and fall

कोविड से उबरे, लेकिन वजन बढ़ने-गिरने से जूझ रहे लोग

Fri, 20 Aug 2021 12:54 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 20 Aug 2021 12:54 AM IST
विज्ञापन
recovered from covid, but people struggling with weight gain and fall
कनखल के अनुज कुमार का आठ किलो वजन अचानक गिर गया है। इससे शारीरिक कमजोरी के साथ पहनावे की समस्या से जूझना पड़ रहा है। दरअसल, 53 वर्षीय अनुज जून माह में कोविड की चपेट में आ गए थे। कोविड से तो ठीक हो गए, लेकिन वजन गिरने से सभी कपड़े ढीले हो गए हैं। पोस्ट कोविड में वजन गिरने से कपड़ों की फिटिंग से जूझने वाले अनुज कुमार अकेले नहीं हैं। कई लोग वजन बढ़ने की समस्या से भी दो-चार हो रहे हैं। टेलरों की दुकानों पर कपड़ों की फिटिंग करवा रहे हैं।
विज्ञापन

कोरोना की चपेट में आए अधिकतर लोग अभी तक मानसिक और शारीरिक दुश्वारियां झेल रहे हैं। किसी की आंखों पर नजर का चश्मा चढ़ गया तो कोई पाचन तंत्र ठीक नहीं होने से परेशान है। बुजुर्गों और महिलाओं में कमर दर्द और बाल झड़ने की आम शिकायत है। शुगर, किडनी और लीवर के मरीज पोस्ट कोविड में सबसे अधिक दुष्प्रभाव झेल रहे हैं। ऐसे लोगों का वजन तेजी से गिरा है। इससे उनके कपड़े ढीले हो गए हैं। घर में जैसे तैसे काम चला रहे हैं। घर से बाहर जाने के लिए कपड़ों की फिटिंग करवानी पड़ रही है।
विज्ञापन

ज्वालापुर निवासी 43 साल के जावेद अहमद सिडकुल में काम करते हैं। कोरोना से पहले उनका वजन 84 किलो था। जून दूसरे पखवाड़े में कोविड की चपेट में आए। अब वजन 73 किलो आ गया है। पैंट की कमर 36 इंच से कम होकर 32 इंच आ गई है। जावेद बताते हैं, शुरुआत में वजन गिरने का अंदाज नहीं आया। पैंट ढीली होने पर बेल्ट में नया छेद कर कस लिया। कुछ दिनों बाद बेल्ट में फिर दूसरे नए छेद की जरूरत पड़ी। वजन किया तो 11 किलो वजन कम था और कमर चार इंच कम हो गई। उस दिन के बाद फिटिंग के कुछ कपड़े तो खरीद लिए, लेकिन तनाव से खुद को बीमार महसूस करने लगा हूं।
विज्ञापन
विज्ञापन

गोविंदपुरी की शोभा सैनी के साथ ठीक उल्टा हुआ है। शोभा का वजन आठ किलो बढ़ गया है। शोभा को कोविड हुआ था। उस दौरान प्रोटीन डाइट बढ़ाई और फिजिकल वर्क बंद हो गया। इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए खाने की डाइट भी बढ़ा दी। अनुज, जावेद और शोभा की तरह कई लोग पोस्ट कोविड में वजन गिरने और बढ़ने से टेलरों की दुकानें ढूंढ रहे हैं। आमतौर पर रेडिमेड गारमेंट के इस दौर में लोगों का टेलरों की दुकानों से वास्ता ही नहीं रहा। लोग रेडिमेड गारमेंट खरीदते हैं। फटने पर रिपेयरिंग कराने की नौबत से पहले ही नए कपड़े खरीद लेते हैं। अब कपड़ों की फिटिंग करवाने के लिए टेलरों की दुकानों तक पहुंच रहे हैं। टेलर भी हैरान हैं अचानक फिटिंग करवाने वाले ग्राहक कैसे बढ़े हैं। कई लोगों में समस्या ठीक इससे उल्टी है। कोविड के दौरान हाई प्रोटीन लेने और फिजिकल वर्क नहीं होने से मोटापे की समस्या भी आ रही है। ऐसे लोगों की संख्या गिनती की है और इनमें भी महिलाएं हैं।
------------------------------
पोस्ट कोविड में वजन गिरने और बढ़ने की समस्या कॉमन है। क्लीनिक आने वाले हर दूसरे व्यक्ति के साथ ऐसी समस्या आ रही है। इनमें महिलाओं के वजन बढ़ने तो शुगर मरीजों का वजन गिरने की समस्या है।
- डॉ. वंदना गोयल, क्लीनिकल न्यूट्रीशियन
- कोरोनाकाल के बाद कपड़ों की फिटिंग करवाने वालों की संख्या बढ़ी है। हर रोज आठ से दस ग्राहक पुराने कपड़ों की फिटिंग करवाने आते हैं। इनमें महिलाएं और पुरुष दोनों हैं। कोविड के बाद अधिकतर लोग का वजन गिरने से कपड़े ढीले होने की शिकायत है।

- सुरेंद्र टेलर, गोविंदपुरी
टेलरिंग का अधिकतर काम पुराने कपड़ों की रिपेयरिंग और फिटिंग कराने तक रह गया है। पुरुषों के नए कपड़ों की सिलाई तो लगभग बंद हो गई है। शादी पर दूल्हे और दुल्हन के कपड़ों तक की रेडिमेड खरीदारी होती है। जुलाई माह से पुराने कपड़ों की फिटिंग करवाने वाले ढूंढते हुए दुकानों तक पहुंच रहे हैं।
- कैलाश टेलर, टिबड़ी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed