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फसलों के लिए सोना बनकर बरसा आसमान

Wed, 05 Jan 2022 09:54 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jan 2022 09:54 PM IST
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Rain added life to the withered crop, shine on the face of the farmers
पथरी क्षेत्र में खेत में खड़ी सरसों की फसल । - फोटो : HARIDWAR
बुधवार को दिनभर हुई रिमझिम बारिश लोगों की सेहत के साथ फसलों के लिए वरदान साबित होगी। सूखी ठंड से बेहाल लोगों को राहत मिली और फसलों को पर्याप्त पानी। गेहूं, गन्ना, सरसों, चन्ना, मसूर और सब्जियों के लिए बारिश की आवश्यकता थी। इससे गेहूं की फसल पाले से बचेगी और रोग लगने का खतरा कम हो जाएगा।
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पिछले लंबे समय से सूखी ठंड पड़ रही थी। इससे आम लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। सबसे ज्यादा दिक्कत किसान उठा रहे थे। फसलों की सिंचाई करने के बाद भी रोग लगने की आशंका बनी थी। कई गांवों में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी भी नहीं मिल रहा था। अब बारिश होने से किसानों की चिंता खत्म हो गई। जानकारी के अनुसार जिलेभर में करीब 48 हजार हेक्टेयर पर गेहूं की बुआई हुई है। गेहूं की फसल को इस वक्त बारिश की सख्त जरूरत थी। बारिश के बाद अब गेहूं की फसल में खाद डालने का उपयुक्त समय है। हल्की सी धूप निकलने पर किसान गेहूं के खेतों में खाद का प्रयोग कर सकेंगे। पथरी क्षेत्र के किसान सुखदेव पाल, सुशील सैनी, देशराज सैनी, नीशू सैनी, मोहित सैनी आदि किसानों ने बताया कि बारिश किसानों के लिए वरदान साबित होगी।
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फसलों को थी बारिश की सख्ती जरूरत
क्षेत्र में रिमझिम बारिश हुई। गेहूं और सरसों की फसलों मुफीद है। इससे उत्पादन में वृद्धि होगी। पिछले कई दिनों से गेहूं, गन्ने को पानी की आवश्यकता थी। नहरों से पानी नहीं मिल पा रहा था। रसूलपुर के कमलेश द्विवेदी, टाटवाला के सरदार श्रवण सिंह, नया गांव के वसीम शाह, मोल्हापुरी के चंद्रमोहन सिंह, बिजेंद्र कुमार, गुलाब सिंह, आनंद सिंह रावत, विमल नेगी सुधीर कुमार ने बताया बारिश गेहूं गन्ना, सरसों और सब्जियों के लिए उपयोगी हैं। बारिश से पाले का असर भी कम होगा।
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सभी फसलों के लिए बारिश की सख्त जरूरत थी। सिंचाई के साधनों से जितना पानी मिल जाए, फसल की पैदावार उतनी अच्छी नहीं होती। बारिश के बाद फसलों पर पाले का असर नहीं होगा और रोग लगने की आशंका भी कम हो जाती है।
- डॉ. पुरुषोत्तम, प्रभारी धनौरी कृषि विज्ञान केंद्र
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