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Haridwar: महिला अस्पताल में दर्द से कराहती रही गर्भवती, डॉक्टर ने देखा तक नहीं, आशा कार्यकर्ता ने कराई डिलीवरी

Wed, 01 Oct 2025 05:28 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Wed, 01 Oct 2025 05:28 PM IST
सार

एक आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिला लेकर डिलीवरी कराने के लिए पहुंची। पहले तो महिला डॉक्टर ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया। कहा कि अभी बच्चा पैदा नहीं हो रहा है। इसलिए यहां से चली जाएं लेकिन गर्भवती महिला को दर्द बढ़ता गया, वह फर्श पर ही तड़पने लगी।

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Haridwar: Pregnant woman suffered in pain at the hospital but the doctor didn't even bother to check on her
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

एक तरफ जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए करीब तीन करोड़ रुपये की सौगात का अनुमोदन बैठक में किया, दूसरी ओर महिला अस्पताल में डॉक्टर के सामने गर्भवती महिला दर्द से कराहती रही, लेकिन उसने देखा तक नहीं। मजबूरन महिला ने आशा कार्यकर्ता के सहयोग से बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने लापरवाही छिपाने के लिए महिला को भर्ती भी कर लिया लेकिन खून से लथपथ वार्ड सबकुछ बयां कर रहा है।

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घटना सोमवार रात लगभग 9:30 बजे की है, जब ब्रह्मपुरी से एक आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिला लेकर डिलीवरी कराने के लिए पहुंची। पहले तो महिला डॉक्टर ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया। कहा कि अभी बच्चा पैदा नहीं हो रहा है। इसलिए यहां से चली जाएं लेकिन गर्भवती महिला को दर्द बढ़ता गया, वह फर्श पर ही तड़पने लगी। यह देखने के बाद भी महिला डॉक्टर ने आशा कार्यकर्ता को महिला को ले जाने के लिए जोर दिया। जब वह गर्भवती को लेकर नहीं गई तो उसके साथ अभद्रता भी की गई।
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रात करीब 12:30 बजे गर्भवती महिला की डिलीवरी होनी शुरू हो गई। आशा कार्यकर्ता ने हिम्मत दिखाते हुए गर्भवती को बेड पर लिटा दिया। थोड़ी देर बाद उसने बिना डॉक्टर के सहयोग के एक कन्या को जन्म दिया। बेटी के जन्म लेने के बाद महिला डॉक्टर के होश उड़ गए। उसने अपनी गर्दन बचाने के लिए महिला को भर्ती कर लिया। फिलहाल जच्चा-बच्चा महिला अस्पताल में भर्ती हैं लेकिन इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।
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प्रमुख अधीक्षक को पता नहीं, सीएमओ तक पहुंच गया मामला
महिला अस्पताल में हुई इस घटना की जानकारी प्रमुख अधीक्षक को नहीं मिली लेकिन सीएमओ डॉ. आरके सिंह तक मामला पहुंच गया। दरअसल, जब प्रमुख अधीक्षक डॉ. आरबी सिंह से पूछा गया तो उन्होंने मामले की जानकारी होने से इंकार करते हुए कहा कि वह मामले की जानकारी लेकर जांच करेंगे। जब इस बारे में सीएमओ से पूछा गया तो उन्होंने सारे प्रकरण की जानकारी दे दी।

आशा कार्यकर्ता से छीना मोबाइल, डिलीट किए फोटो-वीडियो
महिला अस्पताल में जिस समय गर्भवती महिला दर्द से तड़प रही थी, उस समय आशा कार्यकर्ता अपने मोबाइल से वीडियो और फोटो खींचने लगी तो महिला डॉक्टर ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। यही नहीं उसका मोबाइल छीन लिया। मोबाइल से वीडियो और फोटो डिलीट कर दिए गए, ताकि महिला डॉक्टर की मनमानी के सबूत किसी अधिकारी तक न पहुंच सके। इससे आशा कार्यकर्ताओं में महिला डॉक्टर के रवैये से गहरा रोष है।

मामले की जानकारी है। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक से पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट तलब की गई है। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही किसी भी हालत में सहन नहीं की जाएगी।
-डॉ. आरके सिंह, सीएमओ, हरिद्वार

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