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पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाली जांच
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Sat, 27 Aug 2016 10:08 PM IST
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निर्मल विरक्त कुटिया के मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने प्राणघातक हमले के एक मुकदमे को फर्जी होने की बात कही है। वहीं वादी प्रवीण यादव ने पुलिस पर मुकदमे की जांच को ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाया है। पुलिस महानिदेशक को प्रार्थनापत्र देकर पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
चार दिन पहले भाजपा नेता सतपाल महाराज और सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने दिल्ली में पत्रकार वार्ता कर हरिद्वार की निर्मल विरक्त कुटिया का मुद्दा उठाया था। उन्होंने सरकार में शामिल लोगों पर इसे कब्जाने की कोशिश का आरोप लगाया था। इस बारे में रानीपुर कोतवाली में प्राणघातक हमले का झूठा मुकदमा दर्ज कराने की बात भी कही थी। प्राणघातक हमले का आरोप प्रवीण यादव ने लगाया था, जो निर्मल विरक्त कुटिया प्रकरण का एक पक्षकार है।
20 जुलाई को भेल निवासी प्रवीण यादव ने कोतवाली रानीपुर में अपने बेटे आदित्य पर चाकू से प्राणघातक हमला करने का आरोप लगाते हुए एक व्यक्ति को नामजद करते हुए कुल तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें 19 जुलाई की रात में भेल के सेक्टर एक में इलाहाबाद बैंक के पास आदित्य पर चाकुओं तथा हाकियों से हमला करने का आरोप लगाया था। इस बारे में प्राणघातक हमले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। घायल के पिता प्रवीण यादव का आरोप है कि पुलिस जानबूझ कर इस मामले को ठंडे बस्ते में डाले हुए है।
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जांच के नाम पर आरोपियों को लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रानीपुर कोतवाली के मौजूदा प्रभारी आरोपियों के साथ मित्रता निभा रहे है। डीजीपी को उन्होंने इस बारे में साक्ष्यों समेत शिकायत की। प्रवीण यादव का आरोप है कि कनखल पुलिस ने वर्ष 2013 में उनके खिलाफ कई झूठे मुकदमे दर्ज कर बिना जांच कराए ही उनकी गिरफ्तारी की थी जबकि अब तक ऐसे मामलों में आरोप-पत्र दाखिल नहीं किया गया है। इस मामले में पीड़ित किशोर है सारे साक्ष्य मौजूद हैं फिर भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने डीजीपी से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है। साथ ही आशंका जताई कि पुलिस उसे किसी झूठे मुकदमे में न फंसा दे।
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चार दिन पहले भाजपा नेता सतपाल महाराज और सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने दिल्ली में पत्रकार वार्ता कर हरिद्वार की निर्मल विरक्त कुटिया का मुद्दा उठाया था। उन्होंने सरकार में शामिल लोगों पर इसे कब्जाने की कोशिश का आरोप लगाया था। इस बारे में रानीपुर कोतवाली में प्राणघातक हमले का झूठा मुकदमा दर्ज कराने की बात भी कही थी। प्राणघातक हमले का आरोप प्रवीण यादव ने लगाया था, जो निर्मल विरक्त कुटिया प्रकरण का एक पक्षकार है।
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20 जुलाई को भेल निवासी प्रवीण यादव ने कोतवाली रानीपुर में अपने बेटे आदित्य पर चाकू से प्राणघातक हमला करने का आरोप लगाते हुए एक व्यक्ति को नामजद करते हुए कुल तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें 19 जुलाई की रात में भेल के सेक्टर एक में इलाहाबाद बैंक के पास आदित्य पर चाकुओं तथा हाकियों से हमला करने का आरोप लगाया था। इस बारे में प्राणघातक हमले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। घायल के पिता प्रवीण यादव का आरोप है कि पुलिस जानबूझ कर इस मामले को ठंडे बस्ते में डाले हुए है।
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जांच के नाम पर आरोपियों को लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रानीपुर कोतवाली के मौजूदा प्रभारी आरोपियों के साथ मित्रता निभा रहे है। डीजीपी को उन्होंने इस बारे में साक्ष्यों समेत शिकायत की। प्रवीण यादव का आरोप है कि कनखल पुलिस ने वर्ष 2013 में उनके खिलाफ कई झूठे मुकदमे दर्ज कर बिना जांच कराए ही उनकी गिरफ्तारी की थी जबकि अब तक ऐसे मामलों में आरोप-पत्र दाखिल नहीं किया गया है। इस मामले में पीड़ित किशोर है सारे साक्ष्य मौजूद हैं फिर भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने डीजीपी से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है। साथ ही आशंका जताई कि पुलिस उसे किसी झूठे मुकदमे में न फंसा दे।