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मासूम राजन को बेचने की थी योजना
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हरदोई (यूपी) के ढाई साल के मासूम राजन को बेचने की योजना थी। हरिद्वार पुलिस ने पूरे मामले से पर्दा उठाते हुए भदोही की एक महिला और उसके बेटे व भतीजे को गिरफ्तार किया है। आरोपी भूपतवाला क्षेत्र के स्वामी नारायण आश्रम में पिछले कई माह से रह रहे थे।
मेला नियंत्रण कक्ष सभागार में पत्रकारों से बातचीत में एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने बताया कि चार अगस्त सुबह साढ़े आठ बजे रामप्रसाद वाली गली से यूपी के गांव राघवपुर मल्लवा जिला हरदोई निवासी किसान नीरज का ढाई साल का बेटा राजन लापता हो गया था। पुलिस की पड़ताल में सीसीटीवी कैमरे में दो युवक मासूम राजन को गोद में ले जाते हुए दिखाई दिए थे। उन्होंने बताया कि हरकी पैड़ी चौकी प्रभारी अरविंद रतूड़ी की अगुवाई में पुलिस टीम उत्तर प्रदेश भेजी गई। पुलिस टीम को राजन के भदोही में होने की सूचना मिली।
भदोही के गांव बेरासपुर गोपीगंज निवासी दयाशंकर निषाद को बच्चा गांव की ही रहने वाली दुर्गावती ने सौंपा था। पूछताछ करने पर सामने आया कि दुर्गावती की रिश्तेदार गांव की ही रहनी वाली महिला मंजू देवी ने ही मासूम को उसे सौंपा था और इन दिनों वह स्वामी नारायण आश्रम भूपतवाला में रहती है। पुलिस टीम ने महिला मंजू देवी को जब हिरासत में लेकर पूछताछ की तब सामने आया कि मासूम को उसका बेटा विदेशी उर्फ अजीत और भतीजा पिंटू कुमार निषाद पुत्र उदल प्रसाद निवासी नीबी भत्कार जूसी प्रयागराज लेकर आए थे। मासूम को बेचने की उनकी योजना थी।
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एसएसपी ने बताया कि महिला, उसका बेटा एवं रिश्तेदार पिछले आठ माह से यहीं रह रहे थे। महिला घरेलू नौकरानी का काम करती थी और बेटा भतीजा भी दिहाड़ी मजदूरी करते थे। इस दौरान एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह, कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी मौजूद रहे।
नहीं रहा खुशी का ठिकाना
हरिद्वार। मासूम बेटे के सकुशल मिलने पर परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा। वे बार बार पुलिस का शुक्रिया अदा करते रहे। एक बारगी परिवार भी मासूम के मिलने की आस छोड़ चुका था। यूपी पुलिस की मदद से हरिद्वार पुलिस ने परिवार के चेहरे पर रौनक लौटा दी। बेटे को सीने से लगाकर परिजन खुशी के मारे झूमते रहे। मासूम की मां की आंखें भर आई।
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मेला नियंत्रण कक्ष सभागार में पत्रकारों से बातचीत में एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने बताया कि चार अगस्त सुबह साढ़े आठ बजे रामप्रसाद वाली गली से यूपी के गांव राघवपुर मल्लवा जिला हरदोई निवासी किसान नीरज का ढाई साल का बेटा राजन लापता हो गया था। पुलिस की पड़ताल में सीसीटीवी कैमरे में दो युवक मासूम राजन को गोद में ले जाते हुए दिखाई दिए थे। उन्होंने बताया कि हरकी पैड़ी चौकी प्रभारी अरविंद रतूड़ी की अगुवाई में पुलिस टीम उत्तर प्रदेश भेजी गई। पुलिस टीम को राजन के भदोही में होने की सूचना मिली।
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भदोही के गांव बेरासपुर गोपीगंज निवासी दयाशंकर निषाद को बच्चा गांव की ही रहने वाली दुर्गावती ने सौंपा था। पूछताछ करने पर सामने आया कि दुर्गावती की रिश्तेदार गांव की ही रहनी वाली महिला मंजू देवी ने ही मासूम को उसे सौंपा था और इन दिनों वह स्वामी नारायण आश्रम भूपतवाला में रहती है। पुलिस टीम ने महिला मंजू देवी को जब हिरासत में लेकर पूछताछ की तब सामने आया कि मासूम को उसका बेटा विदेशी उर्फ अजीत और भतीजा पिंटू कुमार निषाद पुत्र उदल प्रसाद निवासी नीबी भत्कार जूसी प्रयागराज लेकर आए थे। मासूम को बेचने की उनकी योजना थी।
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एसएसपी ने बताया कि महिला, उसका बेटा एवं रिश्तेदार पिछले आठ माह से यहीं रह रहे थे। महिला घरेलू नौकरानी का काम करती थी और बेटा भतीजा भी दिहाड़ी मजदूरी करते थे। इस दौरान एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह, कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी मौजूद रहे।
नहीं रहा खुशी का ठिकाना
हरिद्वार। मासूम बेटे के सकुशल मिलने पर परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा। वे बार बार पुलिस का शुक्रिया अदा करते रहे। एक बारगी परिवार भी मासूम के मिलने की आस छोड़ चुका था। यूपी पुलिस की मदद से हरिद्वार पुलिस ने परिवार के चेहरे पर रौनक लौटा दी। बेटे को सीने से लगाकर परिजन खुशी के मारे झूमते रहे। मासूम की मां की आंखें भर आई।