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Haridwar News: पेयजल पाइप लाइन डालने के लिए खुले छोड़ दिए गड्ढे
Sun, 23 Nov 2025 08:21 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Sun, 23 Nov 2025 08:21 PM IST
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फोटो समाचार
- हादसों की बन है आशंका, पार्षद ने की गड्ढे भरने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। जल संस्थान की ओर से पाइप लाइन डालने के लिए गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं। इससे लोगों में हादसों की आशंका बनी रहती है। पार्षद और लोगों ने गड्ढों को भरने की मांग की है।
शहर की हिमगिरी कॉलोनी में जल संस्थान की ओर से पेयजल पाइप लाइन डालने का कार्य किया जा रहा है। पाइप लाइन डालने के लिए गड्ढे खोदे गए हैं। इन 8 फुट के दो गड्ढों को खोदकर छोड़ दिया गया है जो चार दिन से खुले पड़े हुए हैं। इन पर जल संस्थान आंख बंद कर बैठा है। इनमें न ही पाइप लाइन डाली जा रही है और न ही इन्हें भरा जा रहा है। इससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। पार्षद भूपेंद्र कुमार का कहना है कि डेढ़ महीने से पाइप लाइन डालने का काम चल रहा है। मगर, इसे कभी किया जाता है, कभी नहीं। कहा, इन गड्ढों में कोई गिर गया तो जिम्मेदार कौन होगा। उन्होंने गड्ढों को भरने के लिए जल संस्थान के अधिकारियों से गुहार लगाई है, ताकि, गड्ढों से हादसा न हो सके।
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- हादसों की बन है आशंका, पार्षद ने की गड्ढे भरने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। जल संस्थान की ओर से पाइप लाइन डालने के लिए गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं। इससे लोगों में हादसों की आशंका बनी रहती है। पार्षद और लोगों ने गड्ढों को भरने की मांग की है।
शहर की हिमगिरी कॉलोनी में जल संस्थान की ओर से पेयजल पाइप लाइन डालने का कार्य किया जा रहा है। पाइप लाइन डालने के लिए गड्ढे खोदे गए हैं। इन 8 फुट के दो गड्ढों को खोदकर छोड़ दिया गया है जो चार दिन से खुले पड़े हुए हैं। इन पर जल संस्थान आंख बंद कर बैठा है। इनमें न ही पाइप लाइन डाली जा रही है और न ही इन्हें भरा जा रहा है। इससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। पार्षद भूपेंद्र कुमार का कहना है कि डेढ़ महीने से पाइप लाइन डालने का काम चल रहा है। मगर, इसे कभी किया जाता है, कभी नहीं। कहा, इन गड्ढों में कोई गिर गया तो जिम्मेदार कौन होगा। उन्होंने गड्ढों को भरने के लिए जल संस्थान के अधिकारियों से गुहार लगाई है, ताकि, गड्ढों से हादसा न हो सके।
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