फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Paddy crop lying on the ground due to weather

मौसम की मार से जमीन पर लेट गई धान की फसल

Sun, 17 Oct 2021 08:06 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 17 Oct 2021 08:06 PM IST
विज्ञापन
Paddy crop lying on the ground due to weather
पथरी क्षेत्र में गिरी फसल । - फोटो : HARIDWAR
सुबह-सवेरे तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश ने किसानों को परेशान कर दिया है। दरअसल, अब जब खेतों में धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है तो बारिश और हवाओं ने फसल को जमीन पर बिछा दिया है। इसके अलावा खेतों में काटकर डाली गई फसल भी पड़ी-पड़ी भीग रही है। पहले दिन कृषि विभाग ने 10 फीसदी धान की फसल को नुकसान होने की आशंका जताई है।
विज्ञापन

जनपद में किसानों की ओर से गन्ना और गेहूं के बाद धान की सर्वाधिक खेती की जाती है। इस बार भी जनपद में 14 हजार हेक्टेयर जमीन पर धान की रोपाई की गई है, जो अब खेतों में पककर तैयार हो चुकी है। किसानों ने धान की फसल को समेटना शुरू कर दिया है। उसे खेतों से काटकर अपने घरों में लाना शुरू कर दिया है, लेकिन रविवार की सुबह मौसम के बिगड़े मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। धान की कटाई करने के लिए जा रहे किसान तेज हवाओं और बारिश से खेतों की तरफ नहीं जा सके। तेज हवाओं और बारिश से किसानों के खेतों में खड़ी फसल बिछ गई। इसके अलावा जिन किसानों ने एक-दो दिन पहले खेतों में धान की फसल को काटकर डाला था, वह भी भीगती रही। अभी मौसम के यूं ही सोमवार तक बन रहने से किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं। किसानों को और बारिश आने से फसल के खराब होने का डर सता रहा है।
विज्ञापन

अभी तक जो बारिश हुई, उससे कोई ज्यादा फसलों को नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन धान की फसल को 10 फीसदी तक नुकसान होने की आशंका है। हालांकि, सभी कृषि अधिकारियों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार धान की फसल की कटाई के साथ ही अन्य कृषि कार्य करने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-विजय देवराड़ी, मुख्य कृषि अधिकारी, हरिद्वार।
फसल कटाई के दौरान बारिश होना किसान हित में नहीं
क्षेत्र में हो रही हल्की बूंदाबांदी और हवा चलने से धान की फसल के गिरने से किसानों के चेहरों पर मायूसी छाई है।
लालढांग के किसान शैंलेंद्र पाठक ने बताया कि क्षेत्र में धान की फसल तैयार हो चुकी है। यदि बारिश तेज पड़ गई तो धान की फसल को अधिक नुकसान हो सकता है। नया गांव के किसान वसीम शाह ने बताया धान की कटाई होने तक बारिश नहीं होनी चाहिए थी। प्रताप सिंह लिंगवाल, प्रमोद कुमार, सुधीर कुमार, शिवम, जितेंद्र, कमलेश द्विवेदी, विमल सिंह, हरपाल सिंह आदि किसानों ने बताया कि यदि तेज बारिश इसी तरह जारी रही तो खेतों में कटा पड़ा धान खराब हो जाएगा।
पथरी के शाहपुर, बादशाहपुर, शेरपुर, नई कुंडी, भट्टीपुर, नसीरपुर कलां, धारीवाला, टिकौला, कुंडी, चांदपुर, कटारपुर, फेरूपुर आदि स्थानों पर बारिश के साथ हवा से धान की फसल भूमि पर गिर गई है। देशराम सैनी, नीशू सैनी, मोहित सैनी, सुशील सैनी, विनोद सैनी आदि किसानों का कहना है कि धान की फसल कटाई के दौरान बारिश होना किसान हित में नहीं है। धनौरी के किसान ब्रिजेश, रामबरन, रामचंद्र, विजय, संजय, सोनू, अरविंद, कुर्बान और राजू का कहना है कि इन दिनों फसल को बारिश की जरूरत नहीं होती है। उन्होंने बताया कि फसल के गिरने के बाद पैदावार भी प्रभावित होती है।

गेहूं की बुआई के लिए लाभदायक बारिश
एक तरफ जहां बारिश और हवाओं ने धान की फसल को नुकसान पहुंचाने का कार्य किया है, वहीं क्षेत्र में रविवार की सुबह हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए। गेंहू की बुआई के लिए खेत तैयार करने जुटे किसानों को बड़ी राहत मिली है। दशहरा पर नहर बंदी के बाद गेहूं की फसल की बुआई के लिए सिंचाई की आवश्यता थी। बोंगला गांव के किसान मनोज कुमार ने बताया कि बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। नहर बंदी के कारण ट्यूबवेल से सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता थी, लेकिन डीजल महंगा होने की वजह से किसान तनाव की स्थिति में थे। रोहालकी गांव के किसान प्रेम सिंह ने बताया कि बारिश गेहूं बुआई के साथ-साथ गन्ने की फसल के लिए भी उपयोग साबित होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed