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Haridwar News: बाइक-स्कूटी से विद्यालय पहुंचे नाबालिग, 20 वाहन किए सीज
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- जगजीतपुर के स्कूलों और आसपास परिवहन विभाग की कार्रवाई
- एआरटीओ ने नाबालिगों को वाहन न देने की अभिभावकों को दी हिदायत
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। स्कूल जाने की उम्र में बाइक और स्कूटी चलाने वाले नाबालिग विद्यार्थियों पर परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर बृहस्पतिवार को परिवहन विभाग की टीम ने जगजीतपुर क्षेत्र के स्कूलों और आसपास के इलाकों में विशेष अभियान चलाया। इस दौरान नाबालिग 20 विद्यार्थियों को स्कूटी और मोटरसाइकिल चलाते हुए पकड़ा। वाहनों को सीज कर दिया गया।
कार्रवाई के बाद स्कूलों के आसपास दोपहिया वाहनों से पहुंचने वाले विद्यार्थियों और अभिभावकों में खलबली मच गई। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में टीम ने स्कूलों के आसपास वाहनों की जांच की। अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन से भी जानकारी ली।
विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने बताया कि नाबालिग विद्यार्थियों को स्कूटी या मोटरसाइकिल से स्कूल नहीं भेजने के लिए अभिभावकों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कई विद्यार्थी दोपहिया वाहन लेकर स्कूल पहुंच रहे थे। कार्रवाई से बचने के लिए कुछ विद्यार्थी वाहनों को स्कूल परिसर के बजाय आसपास की गलियों में खड़ा कर देते थे।
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परिवहन विभाग की टीम ने विद्यालय प्रशासन को विश्वास में लेते हुए ऐसे वाहनों को चिह्नित किया। जांच के दौरान नाबालिग विद्यार्थियों से जुड़े 20 दोपहिया वाहन सीज किए गए। अधिकारियों ने संबंधित विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी कार्रवाई की जानकारी दी। साथ ही बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहा गया।
एआरटीओ ने बताया कि बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस और निर्धारित आयु पूरी किए वाहन चलाना बच्चों के लिए बेहद जोखिम भरा है। कम उम्र में वाहन चलाने से सड़क हादसे की आशंका बढ़ जाती है। नाबालिग के साथ ही सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। इसलिए अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को दोपहिया वाहन चलाने की अनुमति न दें। इस दौरान एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा, यातायात कर अधिकारी वरुणा सैनी और यातायात कर अधिकारी भारत भूषण मौजूद रहे।
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- एआरटीओ ने नाबालिगों को वाहन न देने की अभिभावकों को दी हिदायत
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। स्कूल जाने की उम्र में बाइक और स्कूटी चलाने वाले नाबालिग विद्यार्थियों पर परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर बृहस्पतिवार को परिवहन विभाग की टीम ने जगजीतपुर क्षेत्र के स्कूलों और आसपास के इलाकों में विशेष अभियान चलाया। इस दौरान नाबालिग 20 विद्यार्थियों को स्कूटी और मोटरसाइकिल चलाते हुए पकड़ा। वाहनों को सीज कर दिया गया।
कार्रवाई के बाद स्कूलों के आसपास दोपहिया वाहनों से पहुंचने वाले विद्यार्थियों और अभिभावकों में खलबली मच गई। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में टीम ने स्कूलों के आसपास वाहनों की जांच की। अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन से भी जानकारी ली।
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विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने बताया कि नाबालिग विद्यार्थियों को स्कूटी या मोटरसाइकिल से स्कूल नहीं भेजने के लिए अभिभावकों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कई विद्यार्थी दोपहिया वाहन लेकर स्कूल पहुंच रहे थे। कार्रवाई से बचने के लिए कुछ विद्यार्थी वाहनों को स्कूल परिसर के बजाय आसपास की गलियों में खड़ा कर देते थे।
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परिवहन विभाग की टीम ने विद्यालय प्रशासन को विश्वास में लेते हुए ऐसे वाहनों को चिह्नित किया। जांच के दौरान नाबालिग विद्यार्थियों से जुड़े 20 दोपहिया वाहन सीज किए गए। अधिकारियों ने संबंधित विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी कार्रवाई की जानकारी दी। साथ ही बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहा गया।
एआरटीओ ने बताया कि बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस और निर्धारित आयु पूरी किए वाहन चलाना बच्चों के लिए बेहद जोखिम भरा है। कम उम्र में वाहन चलाने से सड़क हादसे की आशंका बढ़ जाती है। नाबालिग के साथ ही सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। इसलिए अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को दोपहिया वाहन चलाने की अनुमति न दें। इस दौरान एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा, यातायात कर अधिकारी वरुणा सैनी और यातायात कर अधिकारी भारत भूषण मौजूद रहे।