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अनियमितताओं पर प्रधानाध्यापकों को चार्जशीट जारी
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राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय राजपुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक बिल तैयार करते यह भूल गए कि जिस समय स्कूल के लिए 15 हजार रुपये के फूल और गमले खरीदने दिखाए गए, उस दौरान देशभर में पहले चरण का लॉकडाउन लगा था और सबकुछ बंद था। इसके अलावा गुरुजी पर आरोप है कि उन्होंने मिड-डे मील और सामान खरीदने में अनियमितता बरती है। यह अनियमितता उप शिक्षाधिकारी के निरीक्षण के दौरान मिली। स्कूल में अनियमितताएं मिलने पर प्रभारी प्रधानाध्यापक अरविंद कुुमार आरोप पत्र जारी किया गया है।
बहादराबाद विकासखंड के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय राजपुर में उपशिक्षाधिकारी के सुमन अग्रवाल ने 14 जुलाई 2021 में निरीक्षण किया था। प्रभारी प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार समेत दो शिक्षक अनुपस्थित पाए गए थे। जिनका एक-एक दिन का वेतन काटकर चेतावनी दी गई थी कि अन्य अनियमितताओं में भी सुधार लाया जाए। 20 दिसंबर 2021 को दोबारा उप शिक्षा अधिकारी सुमन अग्रवाल ने निरीक्षण किया तो स्कूल में भारी वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं पाई गईं थीं। जिसमें 3 वर्षों से भोजन माताओं को मानदेय और गणवेश की धनराशि नहीं देना पाया गया। मिड-डे मील में कभी बच्चों सब्जियां बनाकर नहीं दी। भोजन की गुणवत्ता भी बहुत खराब मिली थीं।
विद्यालय संचालन के समय साढ़े तीन बजे तक के आदेशों के विपरीत साढ़े 12 बजे ही स्कूल बंद करना पाया गया। सरकारी धन का दुरुपयोग करते हुए फर्जी बिल लगाए गए। जिस समान के बिल तैयार किए वह स्कूल में था ही नहीं। बच्चों को गणवेश भी वितरित नहीं किया गया। निरीक्षण के दौरान गणवेश अलमारी में बंद पाए गए। 28 मार्च 2020 से पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया गया था और सबकुछ बंद था। इसी दौरान स्कूल के लिए 15 हजार रुपये से कमल और गेंदे के फूल के गमले आदि खरीदने के फर्जी बिल लगाए गए। विद्यालय में मिड-डे मील का चावल और कॉस्ट कुकिंग में भारी गड़बड़ी पाई गई। कोरोनाकाल में बच्चों को अतिरिक्त पोषण वितरण नहीं होना पाया गया।
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- एक-दो बिल गलती से गलत बनवा दिए गए थे और हस्ताक्षर भी भूलवश हो गए थे। इसलिए जो भी हुआ है वह सबकुछ गलती से हुआ है। नहीं तो हमें कोई जरूरत नहीं थी फर्जी बिल बनाने और हस्ताक्षर करने की। न ही मेरी कोई गलत मंशा थी। जिसके बारे में उपशिक्षा को अधिकारी भी बता दिया गया था। बाकी अभी आरोप पत्र नहीं मिला है।
- अरविंद कुमार, प्रभारी प्रधानाध्यापक
आरोपित प्रभारी प्रधानाध्यापक को अनियमितताओं पर आरोप पत्र जारी कर दिया गया है। साथ ही मामले में जांच बैठा दी गई है। एक सप्ताह के भीतर आरोपित प्रभारी प्रधानाध्यापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर दी जाएगी।
- एसपी सेमवाल, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक)
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बहादराबाद विकासखंड के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय राजपुर में उपशिक्षाधिकारी के सुमन अग्रवाल ने 14 जुलाई 2021 में निरीक्षण किया था। प्रभारी प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार समेत दो शिक्षक अनुपस्थित पाए गए थे। जिनका एक-एक दिन का वेतन काटकर चेतावनी दी गई थी कि अन्य अनियमितताओं में भी सुधार लाया जाए। 20 दिसंबर 2021 को दोबारा उप शिक्षा अधिकारी सुमन अग्रवाल ने निरीक्षण किया तो स्कूल में भारी वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं पाई गईं थीं। जिसमें 3 वर्षों से भोजन माताओं को मानदेय और गणवेश की धनराशि नहीं देना पाया गया। मिड-डे मील में कभी बच्चों सब्जियां बनाकर नहीं दी। भोजन की गुणवत्ता भी बहुत खराब मिली थीं।
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विद्यालय संचालन के समय साढ़े तीन बजे तक के आदेशों के विपरीत साढ़े 12 बजे ही स्कूल बंद करना पाया गया। सरकारी धन का दुरुपयोग करते हुए फर्जी बिल लगाए गए। जिस समान के बिल तैयार किए वह स्कूल में था ही नहीं। बच्चों को गणवेश भी वितरित नहीं किया गया। निरीक्षण के दौरान गणवेश अलमारी में बंद पाए गए। 28 मार्च 2020 से पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया गया था और सबकुछ बंद था। इसी दौरान स्कूल के लिए 15 हजार रुपये से कमल और गेंदे के फूल के गमले आदि खरीदने के फर्जी बिल लगाए गए। विद्यालय में मिड-डे मील का चावल और कॉस्ट कुकिंग में भारी गड़बड़ी पाई गई। कोरोनाकाल में बच्चों को अतिरिक्त पोषण वितरण नहीं होना पाया गया।
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- एक-दो बिल गलती से गलत बनवा दिए गए थे और हस्ताक्षर भी भूलवश हो गए थे। इसलिए जो भी हुआ है वह सबकुछ गलती से हुआ है। नहीं तो हमें कोई जरूरत नहीं थी फर्जी बिल बनाने और हस्ताक्षर करने की। न ही मेरी कोई गलत मंशा थी। जिसके बारे में उपशिक्षा को अधिकारी भी बता दिया गया था। बाकी अभी आरोप पत्र नहीं मिला है।
- अरविंद कुमार, प्रभारी प्रधानाध्यापक
आरोपित प्रभारी प्रधानाध्यापक को अनियमितताओं पर आरोप पत्र जारी कर दिया गया है। साथ ही मामले में जांच बैठा दी गई है। एक सप्ताह के भीतर आरोपित प्रभारी प्रधानाध्यापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर दी जाएगी।
- एसपी सेमवाल, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक)