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सहालग सीजन से बाजार हुए गुलजार
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कोरोनाकाल में संक्रमण कम होने के बाद बाजारों को सप्ताह में छह दिन खुलने की अनुमति मिलने से खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी है। सहालग सीजन से बाजार गुलजार हो गए। बाजारों में लोग शादी के सामान की खरीदारी कर रहे हैं। कपड़ों के शोरूम, ज्वेलर्स समेत अन्य दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
कोरोनाकाल में शादियों का आखिरी शुभ मुहूर्त एक से 16 जुलाई तक है। इसके बाद चार माह का कोई मुहूर्त नहीं है। ऐसे में बाजारों में शादी से संबंधित सामान खरीदने वालों की भीड़ लगी हुई है। कोई दूल्हे के कपड़े खरीद रहा है तो दुल्हन का लहंगा चुनरी। इसके साथ ही रिश्तेदारों को दिए जाने वाले कपड़ों की खरीदारी भी हो रही है। सप्ताह में छह दिन बाजार खुलने के साथ ही समय बढ़ने से लोगों व दुुकानदारों को काफी राहत मिली है। कपड़े, ज्वैलर्स के शोरूमों पर नियमों का पालन कराते हुए दुकानदार खरीदारी करा रहे हैं। वहीं बर्तन, कॉस्मेटिक स्टोरों पर भी खरीदारी के लिए भीड़ लगी हुई है।
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शादी समारोह में हालांकि अभी तक चुनिंदा मेहमानों के ही शामिल होने की अनुमति है। लेकिन शादी के सीजन में काफी हद तक बैंक्वेट हॉल संचालकों को राहत मिलेगी। हालांकि ज्यादातर लोग कैटरिंग ही करा रहे हैं।
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- सिद्धार्थ मंडपम, मोती महल, ज्वालापुर
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शादियों के लिए आर्डर आने लगे हैं। विवाह का सीजन होने से बर्तनों की दुकानों में भी अच्छी खासी रौनक है। लोग शगुन के बतौर पीतल के बर्तनों की अधिक खरीदी कर रहे हैं।
-गौरव सचदेवा, बर्तन व्यापारी खड़खड़ी
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बाजार खुलने का शाम सात बजे तक होने से थोड़ी राहत मिली है। पहले ग्राहक पांच बजे तक ही आते थे। उससे पहले दोपहर में गर्मी होने से बाजार खाली रहते थे। शादियों का सीजन होने से अब काफी राहत मिली है।
- आशीष मेहता, रतनजी साड़ीज, ज्वालापुर
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दो घंटे का समय बढ़ने से व्यापारियों को राहत मिली है। इसके साथ ही ग्राहकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। बाजारों में रौनक आने लगी है। सहालग होने के कारण समय बढ़ने से ग्राहक अब खरीदारी करने के लिए पहुंच रहे हैं।
- तरुण जगवानी, कनिष्क शोरूम, रानीपुर मोड़
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कोरोनाकाल में शादियों का आखिरी शुभ मुहूर्त एक से 16 जुलाई तक है। इसके बाद चार माह का कोई मुहूर्त नहीं है। ऐसे में बाजारों में शादी से संबंधित सामान खरीदने वालों की भीड़ लगी हुई है। कोई दूल्हे के कपड़े खरीद रहा है तो दुल्हन का लहंगा चुनरी। इसके साथ ही रिश्तेदारों को दिए जाने वाले कपड़ों की खरीदारी भी हो रही है। सप्ताह में छह दिन बाजार खुलने के साथ ही समय बढ़ने से लोगों व दुुकानदारों को काफी राहत मिली है। कपड़े, ज्वैलर्स के शोरूमों पर नियमों का पालन कराते हुए दुकानदार खरीदारी करा रहे हैं। वहीं बर्तन, कॉस्मेटिक स्टोरों पर भी खरीदारी के लिए भीड़ लगी हुई है।
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शादी समारोह में हालांकि अभी तक चुनिंदा मेहमानों के ही शामिल होने की अनुमति है। लेकिन शादी के सीजन में काफी हद तक बैंक्वेट हॉल संचालकों को राहत मिलेगी। हालांकि ज्यादातर लोग कैटरिंग ही करा रहे हैं।
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- सिद्धार्थ मंडपम, मोती महल, ज्वालापुर
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शादियों के लिए आर्डर आने लगे हैं। विवाह का सीजन होने से बर्तनों की दुकानों में भी अच्छी खासी रौनक है। लोग शगुन के बतौर पीतल के बर्तनों की अधिक खरीदी कर रहे हैं।
-गौरव सचदेवा, बर्तन व्यापारी खड़खड़ी
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बाजार खुलने का शाम सात बजे तक होने से थोड़ी राहत मिली है। पहले ग्राहक पांच बजे तक ही आते थे। उससे पहले दोपहर में गर्मी होने से बाजार खाली रहते थे। शादियों का सीजन होने से अब काफी राहत मिली है।
- आशीष मेहता, रतनजी साड़ीज, ज्वालापुर
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दो घंटे का समय बढ़ने से व्यापारियों को राहत मिली है। इसके साथ ही ग्राहकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। बाजारों में रौनक आने लगी है। सहालग होने के कारण समय बढ़ने से ग्राहक अब खरीदारी करने के लिए पहुंच रहे हैं।
- तरुण जगवानी, कनिष्क शोरूम, रानीपुर मोड़