{"_id":"61bb53c430c09612161901ba","slug":"locks-hanging-in-banks-in-protest-against-privatization-haridwar-news-drn3989319117","type":"story","status":"publish","title_hn":"तालाबंदी कर बैंक कर्मियों ने बुलंद की आवाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तालाबंदी कर बैंक कर्मियों ने बुलंद की आवाज
विज्ञापन
पीएनबी बैंक के बाहर प्रदर्शन करते कर्मचारी ।
- फोटो : HARIDWAR
बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर देशव्यापी दो दिवसीय हड़ताल का पहले दिन व्यापक असर देखने को मिला। सभी सरकारी बैंकों में ताले लटके रहे और कोई कामकाज नहीं हुआ। बैंक कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में प्रदर्शन किया।
चंद्राचार्य चौक के समीप पंजाब नेशनल बैंक की अहमदपुर ब्रांच के बाहर एकत्र होकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर पहले दिन बैंक कर्मियों ने आवाज बुलंद की। बैंककर्मी कर्मचारी अपनी अपनी शाखाओं पर ताला लगाकर धरनास्थल पर पहुंचे। प्रदर्शन स्थल पर अध्यक्षता गुंजन मिश्रा व संचालन राजकुमार सक्सेना ने किया। कर्मचारियों ने एलान किया कि किसी भी हाल में बैंकों का निजीकरण नहीं होने दिया जाएगा।
यूएफबीयू के जिला संयोजक राजकुमार सक्सेना ने कहा कि सरकार संसद के इसी सत्र में एक ऐसा कानून ला रही है, जिससे भविष्य में किसी भी सरकारी बैंक के निजीकरण का रास्ता साफ हो जाएगा।
विज्ञापन
निजीकरण होने से सबसे अधिक दिक्कत कर्मचारियों को ही होगी। इसलिए बैंक कर्मचारी और तमाम अधिकारी सरकार के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। उन्होंने कहा कि छह सरकारी बैंकों का निजीकरण करने की तैयारी की जा रही है। बैंक कर्मचारी ऐसा बिल्कुल भी नहीं होने देंगे। इस दौरान राजेश कुमार, अजय, सुनील, अश्वनी, अजय सिंह, एसके सचान, कपिल, जतिन, मनोज कुमार, शशांक भारद्वाज, शिल्की सग्गू, आरके शर्मा, एसके खन्ना, हिमांशु, वीरपाल सिंह, प्रियंका, अंजू सिंह, राजकुमार, पंकज, पवन कुमार, विजेंद्र बिष्ट आदि शामिल रहे।
1500 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ प्रभावित
हड़ताल के चलतेजनपदभर में करीब 1500 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। सबसे ज्यादा परेशानी उन व्यापारियों को हुई जिनका रोजाना का लेनदेन बैंक के माध्यमों से ही होता है।
ग्राहकों को उठानी पड़ी परेशानी
बैंकों की हड़ताल की वजह से ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जमा और नकदी से लेकर विभिन्न बैंकिंग योजनाओं की सुविधा नहीं मिल सकी। उधर बैंक शाखा बंद होने के कारण एटीएम पर भीड़ का दबाव रहा। जिसके चलते एटीएम जल्दी खाली हो गए। ग्राहकों को एटीएम से रकम निकालने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा।
हड़ताल का चार दिन दिखेगा असर
बैंक कर्मियों की हड़ताल 2 दिन है, लेकिन इसका असर 4 दिन दिखेगा। शुक्रवार के अगले दिन शनिवार और रविवार है। ऐसे में शनिवार को अधिकांश बैंक कर्मचारियों के अवकाश पर चले जाने के कारण कामकाज प्रभावित होगा।
विज्ञापन
चंद्राचार्य चौक के समीप पंजाब नेशनल बैंक की अहमदपुर ब्रांच के बाहर एकत्र होकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर पहले दिन बैंक कर्मियों ने आवाज बुलंद की। बैंककर्मी कर्मचारी अपनी अपनी शाखाओं पर ताला लगाकर धरनास्थल पर पहुंचे। प्रदर्शन स्थल पर अध्यक्षता गुंजन मिश्रा व संचालन राजकुमार सक्सेना ने किया। कर्मचारियों ने एलान किया कि किसी भी हाल में बैंकों का निजीकरण नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन
यूएफबीयू के जिला संयोजक राजकुमार सक्सेना ने कहा कि सरकार संसद के इसी सत्र में एक ऐसा कानून ला रही है, जिससे भविष्य में किसी भी सरकारी बैंक के निजीकरण का रास्ता साफ हो जाएगा।
विज्ञापन
निजीकरण होने से सबसे अधिक दिक्कत कर्मचारियों को ही होगी। इसलिए बैंक कर्मचारी और तमाम अधिकारी सरकार के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। उन्होंने कहा कि छह सरकारी बैंकों का निजीकरण करने की तैयारी की जा रही है। बैंक कर्मचारी ऐसा बिल्कुल भी नहीं होने देंगे। इस दौरान राजेश कुमार, अजय, सुनील, अश्वनी, अजय सिंह, एसके सचान, कपिल, जतिन, मनोज कुमार, शशांक भारद्वाज, शिल्की सग्गू, आरके शर्मा, एसके खन्ना, हिमांशु, वीरपाल सिंह, प्रियंका, अंजू सिंह, राजकुमार, पंकज, पवन कुमार, विजेंद्र बिष्ट आदि शामिल रहे।
1500 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ प्रभावित
हड़ताल के चलतेजनपदभर में करीब 1500 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। सबसे ज्यादा परेशानी उन व्यापारियों को हुई जिनका रोजाना का लेनदेन बैंक के माध्यमों से ही होता है।
ग्राहकों को उठानी पड़ी परेशानी
बैंकों की हड़ताल की वजह से ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जमा और नकदी से लेकर विभिन्न बैंकिंग योजनाओं की सुविधा नहीं मिल सकी। उधर बैंक शाखा बंद होने के कारण एटीएम पर भीड़ का दबाव रहा। जिसके चलते एटीएम जल्दी खाली हो गए। ग्राहकों को एटीएम से रकम निकालने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा।
हड़ताल का चार दिन दिखेगा असर
बैंक कर्मियों की हड़ताल 2 दिन है, लेकिन इसका असर 4 दिन दिखेगा। शुक्रवार के अगले दिन शनिवार और रविवार है। ऐसे में शनिवार को अधिकांश बैंक कर्मचारियों के अवकाश पर चले जाने के कारण कामकाज प्रभावित होगा।