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उत्तराखंड में कोरोना : मरीज के अस्पताल पहुंचने के बाद आ रही कोविड रिपोर्ट
Mon, 03 May 2021 01:56 PM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 03 May 2021 01:56 PM IST
सार
कई बार रिपोर्ट मिलने से पहले ही मरीज अस्पताल पहुंच जा रहा है। जबकि पिछले एक सप्ताह के दौरान जिले में कोविड जांच की संख्या घटी है।
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
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विस्तार
हरिद्वार जिले में कोविड की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट का बैकलॉग बढ़ता जा रहा है। हाल यह है कि लोगों को रिपोर्ट के लिए अब पांच से छह दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई बार रिपोर्ट मिलने से पहले ही मरीज अस्पताल पहुंच जा रहा है। जबकि पिछले एक सप्ताह के दौरान जिले में कोविड जांच की संख्या घटी है।
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केस नंबर एक
कनखल निवासी अर्चना शर्मा और उनके पिता ने 25 अप्रैल को कोविड जांच कराई थी। सैंपल देने के बाद अर्चना शर्मा के पिता का निधन हो गया। अर्चना शर्मा ने बताया कि इसके बाद उनके परिवार में डर का माहौल पैदा हो गया था, लेकिन जब छह दिन रिपोर्ट आई तो अर्चना शर्मा पॉजिटिव और उनके पिता निगेटिव पाए गए।
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केस नंबर दो
भेल क्षेत्र निवासी पंचम सिंह ने 29 अप्रैल को आरटीपीसीआर जांच कराई थी। पंचम ने बताया उनमें कोविड के लक्षण थे, लेकिन इलाज के लिए रिपोर्ट का इंतजार कर रहे थे। सोमवार उनका स्वास्थ्य खराब होने लगा। आननफानन में एंटीजन जांच कराई। पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल में भर्ती हुए। अब तक आरटीपीसीआर रिपोर्ट नहीं आई है।
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केस नंबर तीन
कनखल निवासी रंजीत सिंह ने 24 अप्रैल को कोविड जांच के लिए सैंपल दिया था। उनको अपने कार्यालय में कोविड रिपोर्ट दिखानी थी, लेकिन कोविड रिपोर्ट नहीं आने के चलते घर पर आइसोलेट रहना उनकी मजबूरी बन गई है। उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने बावजूद रिपोर्ट की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
आरटीपीसीआर की रिपोर्ट में देरी का खामियाजा लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। जिले में महाकुंभ के दौरान 50 हजार तक लोगों की कोविड जांच की जा रही थी। तब सैंपल देने वालों को आरटीपीसीआर भी रिपोर्ट भी समय पर मिल रही थी। अब पिछले एक सप्ताह से जिले से केवल दस हजार तक सैंपल ही आरटीपीसीआर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
सैंपल की संख्या कम होने के बाद भी आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट का बैकलॉग बढ़कर 45 हजार 488 पहुंच गया है। ऐसे में मरीजों की परेशानी यह है कि कोविड के प्रत्यक्ष लक्षण होने के बावजूद रिपोर्ट नहीं मिलने चलते उनका इलाज शुरू नहीं हो पा रहा है। वहीं, कई मामले तो ऐसे हैं कि हालत बिगड़ने पर मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद कोविड रिपोर्ट पहुंची है।
सरकारी और अनुबंधित निजी पैथोलॉजी लैब के कई कर्मचारी संक्रमित हो गए थे। इसलिए आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट आने में देरी हुई है। एक-दो दिनों में सुधार हो जाएगा।
-एसके झा, सीएमओ