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धूमधाम से निकली भगवान जगन्नाथ यात्रा
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
Updated Wed, 06 Jul 2016 11:02 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार। पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा के साथ बुधवार को हरिद्वार में भी भव्य शोभायात्रा निकाली गई। गंगा तट पर भ्रमण करते हुए जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र जब गुरु मंडल आश्रम पहुंचे तो संतों ने भगवान की भव्य आरती उतारी। नगर भर में शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। यात्रा में सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों सहित पंचपुरी के साधु-संतों ने भाग लिया।
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गौरतलब है कि वर्ष में एक बार भगवान जगन्नाथ आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को पुरी स्थित अपने विराट मंदिर से बाहर निकलते हैं। उसी की तर्ज पर हरिद्वार में भी प्रतिवर्ष रथयात्रा निकाली जाती है। गुरुमंडल आश्रम में बुधवार को दोपहर श्री महंत देवेंद्र दास ने पूजा अर्चना कर विग्रहों को रवाना किया। रवानगी से पूर्व नारियल फोड़कर मंगल ध्वनि की गई। संतों और महंतों ने प्रारंभ के समय भी जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की आरती उतारी। यहां से यह शोभायात्रा देवपुरा, रेलवे रोड, शिवमूर्ति, ललतारौ पुल व डाकघर होते हुए नगर के विभिन्न भागों का भ्रमण कर पुन: गुरु मंडल आश्रम पहुंची। वापसी पर आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी भागवत स्वरूप ने विभिन्न वादियों की ध्वनि के साथ भगवान का स्वागत किया। इस शोभायात्रा में महंत मोहनदास, महामंडलेश्वर विवेकानंद, सुखदेव मुनि, संत गुरमीत सिंह, जगजीत सिंह, महंत रंजय, डा. श्यामसुंदर शास्त्री, मोहन दास रामायणी, रघुवीर दास, संतोषानंद, शिव शंकर गिरि आदि ने भाग लिया।
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भगवान की वापसी पर संतों ने कहा कि जगन्नाथ के नाम स्मरण से सभी प्रकार की मनोकामना पूर्ण हो जाती है। जिस प्रकार पुरी में मंदिर से निकलकर भगवान सात दिनों के लिए अपनी मौसी के घर जाते हैं, इसी प्रकार गुरु मंडल आश्रम में भी भगवान की मौसी का दरबार सजाया गया। देश के विभिन्न भागों से आए भक्तों ने झांकियों, ढोल-नगाड़ों और बैंड बाजों से सुुसज्जित रथ यात्रा में भाग लिया।
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