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‘बारिश का पानी मोती के समान, संरक्षित करना जरूरी’
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इंटरनेशनल गुडविल सोसायटी ऑफ इंडिया चैप्टर की ओर से जल संरक्षण पर वेबिनार आयोजित किया गया। हरिद्वार चैप्टर अध्यक्ष मधुसूदन आर्य ने वेबिनार की अध्यक्षता करते हुए कहा कि धरती पर बारिश की हर बूंद लोगों के लिए भगवान के आशीर्वाद के समान है। बारिश का पानी जमीन पर मोती के समान गिरता है।
उन्होंने कहा कि बारिश के पानी के महत्व को समझना चाहिए। वर्षा जल को एकत्र करने की कोशिश करनी चाहिए ताकि भूमिगत जलस्तर बढ़ाकर लोगों को पीने योग्य पानी की जरूरत को पूरा किया जा सके। समिति के प्रांतीय उपाध्यक्ष जगदीश लाल पाहवा ने कहा कि धरती पर जीवन का सबसे जरूरी स्रोत जल है। जीवन के सभी कार्यों को निष्पादित करने के लिए जल की आवश्यकता है। पीने के साथ-साथ कृषि के लिए भी जल की आवश्यकता होती है। जितना हो सके, पानी को संरक्षित करने में योगदान करने की पहल करनी चाहिए।
हरिद्वार चैप्टर के कोषाध्यक्ष डॉ. सुनील बत्रा ने कहा कि मानव जीवन की तीन मूलभूत आवश्यकताओं में जल सबसे प्रमुख है। जल ही जीवन है और धरती पर जीवन के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए जल का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। डॉ. पवन सिंह ने कहा कि भविष्य में जल को बचाने के लिए हम सबको मिलकर जल संरक्षण करना होगा।
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समिति ट्रस्ट उत्तराखंड पश्चिम की प्रांतीय उपाध्यक्ष रेखा नेगी ने कहा कि जल हमारे जीवन का बहुमूल्य हिस्सा है। कमला जोशी ने कहा कि दिन-प्रतिदिन धरती के भीतर पानी कम होता जा रहा है, जो जन समुदाय के लिए चिंता का विषय है। वेबिनार में डॉ. विशाल गर्ग, प्रवीण वैदिक, प्रवीण अग्रवाल, विशाल सक्सेना, अंजलि माहेश्वरी, प्रमोद शर्मा, डॉ. महेंद्र आहूजा, सर्वेश गुप्ता, सुरेश चंद्र गुप्ता, यूके गुप्ता और नीरज मित्तल समेत कई लोग मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि बारिश के पानी के महत्व को समझना चाहिए। वर्षा जल को एकत्र करने की कोशिश करनी चाहिए ताकि भूमिगत जलस्तर बढ़ाकर लोगों को पीने योग्य पानी की जरूरत को पूरा किया जा सके। समिति के प्रांतीय उपाध्यक्ष जगदीश लाल पाहवा ने कहा कि धरती पर जीवन का सबसे जरूरी स्रोत जल है। जीवन के सभी कार्यों को निष्पादित करने के लिए जल की आवश्यकता है। पीने के साथ-साथ कृषि के लिए भी जल की आवश्यकता होती है। जितना हो सके, पानी को संरक्षित करने में योगदान करने की पहल करनी चाहिए।
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हरिद्वार चैप्टर के कोषाध्यक्ष डॉ. सुनील बत्रा ने कहा कि मानव जीवन की तीन मूलभूत आवश्यकताओं में जल सबसे प्रमुख है। जल ही जीवन है और धरती पर जीवन के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए जल का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। डॉ. पवन सिंह ने कहा कि भविष्य में जल को बचाने के लिए हम सबको मिलकर जल संरक्षण करना होगा।
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समिति ट्रस्ट उत्तराखंड पश्चिम की प्रांतीय उपाध्यक्ष रेखा नेगी ने कहा कि जल हमारे जीवन का बहुमूल्य हिस्सा है। कमला जोशी ने कहा कि दिन-प्रतिदिन धरती के भीतर पानी कम होता जा रहा है, जो जन समुदाय के लिए चिंता का विषय है। वेबिनार में डॉ. विशाल गर्ग, प्रवीण वैदिक, प्रवीण अग्रवाल, विशाल सक्सेना, अंजलि माहेश्वरी, प्रमोद शर्मा, डॉ. महेंद्र आहूजा, सर्वेश गुप्ता, सुरेश चंद्र गुप्ता, यूके गुप्ता और नीरज मित्तल समेत कई लोग मौजूद रहे।