हरिद्वार: बैसाखी स्नान आज, धर्मनगरी में उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम
कोरोनाकाल में दो साल बाद पहली बार बिना किसी रोक टोक के बैसाखी व मेष संक्रांति स्नान हो रहा है। धर्मनगरी में स्नान पर्व को लेकर एक सप्ताह पहले ही ऑनलाइन होटल बुक हो गए थे। स्नान पर्व से एक दिन पहले बुधवार को ही शहर के सभी होटलों में यात्रियों का आना शुरू हो गया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बैसाखी स्नान पर्व से एक दिन पहले बुधवार को धर्मनगरी श्रद्धालुओं से पूरी तरह पैक हो गई। शहर के होटलों के साथ धर्मशालाएं व गंगाघाटों पर यात्रियों की भीड़ नजर आई। वहीं, बाजारों में भी यात्रियों ने जमकर खरीदारी की। मंदिरों में भी पहुंचकर दर्शन किए। आज बैसाखी के साथ ही मेष संक्रांति का भी स्नान होगा। आज शाम छह बजे तक हरिद्वार पुलिस को यात्रियों की भीड़ संभालने के लिए चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
कोरोनाकाल में दो साल बाद पहली बार बिना किसी रोक टोक के बैसाखी व मेष संक्रांति स्नान हो रहा है। धर्मनगरी में स्नान पर्व को लेकर एक सप्ताह पहले ही ऑनलाइन होटल बुक हो गए थे। स्नान पर्व से एक दिन पहले बुधवार को ही शहर के सभी होटलों में यात्रियों का आना शुरू हो गया था। वहीं धर्मशालाओं के अलावा गुरुओं के आश्रमों में आकर भी यात्रियों ने डेरा डाल दिया था। इसके साथ ही सभी पार्किंगों में भी वाहन बड़ी संख्या में नजर आए। आज सुबह चार बजे से बैसाखी व मेष संक्रांति के स्नान पर्व पर स्नान शुरू हो जाएगा।
पुलिस कर्मियों ने चौक-चौराहों पर संभाली ड्यूटी
सद्भावना सम्मेलन व बैसाखी स्नान पर्व से एक दिन पूर्व ही श्रद्धालुओं के धर्मनगरी पहुंचने के चलते सुबह से ही शहर के सभी प्रमुख चौराहों व संपर्क मार्गों पर सिविल पुलिस के साथ ही यातायात पुलिस व सीपीयू के जवान तैनात कर दिए गए थे। शाम के समय हाईवे पर वाहनों का दबाव भी बढ़ गया।
बैसाखी स्नान ब्रह्म मुहूर्त में
ज्योतिषाचार्य विकास जोशी ने बताया कि बैसाख व संक्रांति का पर्व वृद्धि योग में होगा। इसके लिए ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने पर लाभ मिलेगा। वहीं सुबह साढ़े पांच बजे से 7.30 बजे तक दान व स्नान का समय रहेगा।