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दादी का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने पर पोते पर मुकदमा
hridwar uttrakhanda india
Updated Thu, 18 Aug 2016 12:28 AM IST
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हरिद्वार। संपत्ति के विवाद में एक पोते ने गलत तथ्यों के आधार पर अपनी दादी का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा डाला। चौंकाने वाली बात यह है कि नगर निगम ने आवेदन के नौ दिन के भीतर जांच पूरी कर बैक डेट का प्रमाण पत्र जारी भी कर दिया। जिलाधिकारी के आदेश पर हुई जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद हरिद्वार कोतवाली में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले में नगर निगम के कर्मचारी सहित गवाह पर भी जांच का शिकंजा कसेगा।
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ज्वालापुर के मौहल्ला मेहतान निवासी बीना गुप्ता पत्नी महेश चंद गुप्ता ने अपने भतीजे पुनीत कंसल पर गलत तथ्यों के आधार पर उनकी माता का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगाया था। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की जांच में सामने आया कि पुनीत कसल ने 19 दिसंबर 2015 को नगर निगम में अपनी दादी का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। जिसमें उनकी मृत्यु 15 मार्च 1980 को होना बताया गया था। प्रमाण पत्र बनवाने के लिए होने वाली जांच में एक गवाह का पहचान पत्र भी दिया गया। नगर निगम ने महज नौ दिन में अपनी जांच पूरी कर 28 दिसंबर 2015 को प्रमाण पत्र जारी कर दिया। जबकि बीना गुप्ता का कहना था कि उनकी मां का देहांत तीन मार्च 1981 को भेल हॉस्पिटल में हुआ था। उनके हक मेें की गई वसीयत को झूठा ठहराने के लिए उनके भतीजे ने एक साल पहले घर में ही मौत दिखाकर गलत प्रमाण पत्र बनवाया है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर नगर निगम की ओर से प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया। साथ ही मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति सहित बीना गुप्ता की ओर से हरिद्वार कोतवाली में तहरीर दी गई। जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी पुनीत कंसल पुत्र अनिल कंसल निवासी मेहतान ज्वालापुर के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। जांच में नगर निगम की ओर से तथ्यों की जांच करने वाले कर्मचारी सहित गवाह की मुश्किलें बढनी तय मानी जा रही है।
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