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आरटीई में दाखिले के लिए एक और मौका मिला
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सरकार की ओर से कोविडकाल के चलते निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा हासिल करने के लिए गरीब बच्चों को एक और मौका दिया गया है। ऐसे अभिभावक 31 जुलाई तक आवेदन कर निजी स्कूलों में अपने बच्चों के दाखिले करा सकते हैं।
शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत कोटा गरीब बच्चों के लिए रिजर्व होता है। योजना के तहत इन गरीब बच्चों को पब्लिक स्कूलों में कक्षा आठ तक मुफ्त शिक्षा दी जाती है। कोरोना संक्रमण की दूूसरी लहर के चलते निजी स्कूलों में गरीब परिवार अपने बच्चों के प्रवेश कराने से वंचित रह गए थे, इसलिए सरकार की ओर से ऐसे पात्र बच्चों को फिर से नजदीकी निजी स्कूलों में प्रवेश का अवसर प्रदान किया गया है।
जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा (प्राथमिक शिक्षा) कार्यालय की ओर से जारी आदेशों के अनुसार मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब परिवार के बच्चे अभी भी प्रवेश ले सकते हैं। इसमें 20 जुलाई से 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। समग्र शिक्षा (प्राथमिक शिक्षा) के जिला समन्वयक डीएस भंडारी ने बताया कि आवश्यक प्रमाणपत्रों के साथ अभिभावक अपने नजदीकी निजी पब्लिक स्कूल में कक्षा एक में प्रवेश के लिए वेबसाइट https://rte121c-ukd.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बताया कि आवेदन करने वालों के प्रवेश लेने वाले नामों की आवेदन पत्रों की जांच करने के बाद पात्रता सूची उप शिक्षा अधिकारियों के कार्यालय पर छह अगस्त को चस्पा कर दी जाएगी।
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ये कर सकते हैं आवेदन
अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के अनाथ बच्चे, शारीरिक रूप से विकलांग बच्चे, तलाकशुदा अथवा विधवा माता पर आश्रित बच्चे। जिनकी वार्षिक आय 80 हजार रुपये से कम हो। ग्रामीण क्षेत्रों के बीपीएल कार्ड धारक परिवार के बच्चे भी निशुल्क शिक्षा का लाभ उठा सकते हैं। कोढ़ से ग्रसित व्यक्तियों के बच्चे, जिनकी वार्षिक चार लाख 50 हजार से कम हो। ये भी प्रवेश ले सकते हैं। इसके अलावा कर्मजोर वर्ग के ऐसे बच्चे, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 55 हजार से कम हो। ऐसे परिवार आरटीई के तहत निजी निजी स्कूलों में प्रवेश पाकर कक्षा आठ तक मुफ्त शिक्षा का लाभ उठा सकते हैं।
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शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत कोटा गरीब बच्चों के लिए रिजर्व होता है। योजना के तहत इन गरीब बच्चों को पब्लिक स्कूलों में कक्षा आठ तक मुफ्त शिक्षा दी जाती है। कोरोना संक्रमण की दूूसरी लहर के चलते निजी स्कूलों में गरीब परिवार अपने बच्चों के प्रवेश कराने से वंचित रह गए थे, इसलिए सरकार की ओर से ऐसे पात्र बच्चों को फिर से नजदीकी निजी स्कूलों में प्रवेश का अवसर प्रदान किया गया है।
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जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा (प्राथमिक शिक्षा) कार्यालय की ओर से जारी आदेशों के अनुसार मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब परिवार के बच्चे अभी भी प्रवेश ले सकते हैं। इसमें 20 जुलाई से 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। समग्र शिक्षा (प्राथमिक शिक्षा) के जिला समन्वयक डीएस भंडारी ने बताया कि आवश्यक प्रमाणपत्रों के साथ अभिभावक अपने नजदीकी निजी पब्लिक स्कूल में कक्षा एक में प्रवेश के लिए वेबसाइट https://rte121c-ukd.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बताया कि आवेदन करने वालों के प्रवेश लेने वाले नामों की आवेदन पत्रों की जांच करने के बाद पात्रता सूची उप शिक्षा अधिकारियों के कार्यालय पर छह अगस्त को चस्पा कर दी जाएगी।
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ये कर सकते हैं आवेदन
अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के अनाथ बच्चे, शारीरिक रूप से विकलांग बच्चे, तलाकशुदा अथवा विधवा माता पर आश्रित बच्चे। जिनकी वार्षिक आय 80 हजार रुपये से कम हो। ग्रामीण क्षेत्रों के बीपीएल कार्ड धारक परिवार के बच्चे भी निशुल्क शिक्षा का लाभ उठा सकते हैं। कोढ़ से ग्रसित व्यक्तियों के बच्चे, जिनकी वार्षिक चार लाख 50 हजार से कम हो। ये भी प्रवेश ले सकते हैं। इसके अलावा कर्मजोर वर्ग के ऐसे बच्चे, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 55 हजार से कम हो। ऐसे परिवार आरटीई के तहत निजी निजी स्कूलों में प्रवेश पाकर कक्षा आठ तक मुफ्त शिक्षा का लाभ उठा सकते हैं।