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जनहित में सरकार के निर्देश पर जीआईएस सर्वे
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नगर क्षेत्र में जीआईएस सर्वे के तहत सरकारी और गैर सरकारी संपत्तियों की ड्रोन मैपिंग के मामले में नगर आयुक्त ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सरकारी अवकाश के बावजूद अधिकारियों को निगम में तलब कर नागरिकों के बीच सही जानकारी को उपलब्ध कराने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि यह स्मार्ट सिटी से जुड़ी योजना है, जिसके तहत शहर में संपत्तियों का सर्वे किया जा रहा है।
सहायक नगर आयुक्त महेंद्र यादव के मुताबिक जीआईएस सर्वे को लेकर शहर के लोगों में भ्रांतियां फैल रही हैं। भ्रांतियाें को दूर करने के लिए रविवार को नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती ने कार्यालय में बैठक की, जिसमें वह और निगम के अन्य अधिकारियों के साथ ही सर्वे में जुटी निजी एजेंसी के निदेशक भी शामिल हुए। उन्होंने बताया कि राज्य में स्मार्ट सिटी योजना में हरिद्वार भी चिह्नित है, जिसमें सभी सरकारी और गैर सरकारी संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन किए जाने को लेकर यह सर्वे किया जा रहा है। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार इस सर्वे को करा रही है।
इस सर्वे में उपलब्ध डाटा के मुताबिक आने वाले वक्त में सरकार विकास योजनाएं बनाएगी, जिसमें अविकसित क्षेत्रों के डेवलपमेंट के लिए भी फंड इसी सर्वे के अनुसार जारी होगा। संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन होने के साथ ही लोगों को घर बैठे संपत्ति कर जमा करने की भी सुविधा होगी। अभिलेखों में दर्ज संपत्तियों की जानकारी में गलत तरीके से फेरबदल की गुंजाइश भी नहीं रहेगी। बताया कि मैपिंग कार्य को रोक नहीं गया है। सर्वे से नगर निगम का कोई ताल्लुक नहीं है। मौके पर कर अधीक्षक राहुल कैंथोला, लक्ष्मीकांत भट्ट, पराग सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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नगर निगम की सीमा में विश्व बैंक प्रायोजित कार्यक्रम के तहत संपत्ति कर अभिलेखों और संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन करने के लिए आईएस कंसोर्टियम नामक फर्म ड्रोन सर्वे के माध्यम से डॉटा इकट्ठा कर रही है। यह कार्य स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत चार स्थानीय निकायों देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी और रुद्रपुर में किया जा रहा है। इस परियोजना का क्रियान्वयन केंद्र सरकार के देखरेख में राज्य सरकार कर रही है।
- दयानंद सरस्वती, नगर आयुक्त, हरिद्वार
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सहायक नगर आयुक्त महेंद्र यादव के मुताबिक जीआईएस सर्वे को लेकर शहर के लोगों में भ्रांतियां फैल रही हैं। भ्रांतियाें को दूर करने के लिए रविवार को नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती ने कार्यालय में बैठक की, जिसमें वह और निगम के अन्य अधिकारियों के साथ ही सर्वे में जुटी निजी एजेंसी के निदेशक भी शामिल हुए। उन्होंने बताया कि राज्य में स्मार्ट सिटी योजना में हरिद्वार भी चिह्नित है, जिसमें सभी सरकारी और गैर सरकारी संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन किए जाने को लेकर यह सर्वे किया जा रहा है। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार इस सर्वे को करा रही है।
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इस सर्वे में उपलब्ध डाटा के मुताबिक आने वाले वक्त में सरकार विकास योजनाएं बनाएगी, जिसमें अविकसित क्षेत्रों के डेवलपमेंट के लिए भी फंड इसी सर्वे के अनुसार जारी होगा। संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन होने के साथ ही लोगों को घर बैठे संपत्ति कर जमा करने की भी सुविधा होगी। अभिलेखों में दर्ज संपत्तियों की जानकारी में गलत तरीके से फेरबदल की गुंजाइश भी नहीं रहेगी। बताया कि मैपिंग कार्य को रोक नहीं गया है। सर्वे से नगर निगम का कोई ताल्लुक नहीं है। मौके पर कर अधीक्षक राहुल कैंथोला, लक्ष्मीकांत भट्ट, पराग सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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नगर निगम की सीमा में विश्व बैंक प्रायोजित कार्यक्रम के तहत संपत्ति कर अभिलेखों और संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन करने के लिए आईएस कंसोर्टियम नामक फर्म ड्रोन सर्वे के माध्यम से डॉटा इकट्ठा कर रही है। यह कार्य स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत चार स्थानीय निकायों देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी और रुद्रपुर में किया जा रहा है। इस परियोजना का क्रियान्वयन केंद्र सरकार के देखरेख में राज्य सरकार कर रही है।
- दयानंद सरस्वती, नगर आयुक्त, हरिद्वार