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गंगा व गायत्री में है विशेष सामंजस्य: डा. पंड्या
hridwar uttrakhanda india
Updated Tue, 14 Jun 2016 11:42 PM IST
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गायत्री और गंगा
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। शांतिकुंज के प्रमुख डा. प्रणव पंड्या ने कहा कि गंगा, गायत्री के साथ युवा शक्ति की मिलने से संपूर्ण समाज का उद्धार होगा। गंगोत्री से गंगासागर तक पतित पावनी मां गंगा सहित 30 सहायक नदियों में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इन नदियों के दोनों तटों में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण भी किया जाएगा।
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यह बात डा. पंड्या ने वे मंगलवार को शांतिकुंज के मुख्य सत्संग हॉल में शांतिकुंज के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की 25वीं पुण्यतिथि के अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर यमन, कंबोडिया, दक्षिण कोरिया, मॉरीशस, अफगानिस्तान सहित कई देशों से आए प्रतिनिधि उपस्थिति रहे। डा. पंड्या ने कहा कि गंगा और गायत्री में विशेष सामंजस्य है। गंगा मानव को पवित्र करती है तो गायत्री बुद्धि को प्रखर बनाती है। गंगा व गायत्री के तीन-तीन चरण हैं जो मानव को महामानव बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
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डा. पंड्या ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर गायत्री परिवार देश-विदेश में एक लाख से अधिक स्थानों पर शिविर लगाएगा। संस्था की अधिष्ठात्री शैल दीदी ने कहा कि पतित पावनी मां गंगा की प्रेरणा और सबुद्धि की अधिष्ठात्री मां गायत्री की शिक्षाएं जीवन में उतरे तो ही जीवन सार्थक बनता है। इस अवसर पर उन्होंने हिंदी, असमिया, बांग्ला, मराठी, मलयालम सहित सात भाषाओं में 22 पुस्तकों का विमोचन किया।
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सामूहिक तर्पण एवं संस्कार कराए
हरिद्वार। शांतिकुंज पहुंचकर हजारों लोगों ने मंगलवार को शांतिकुंज के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की 25वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सामूहिक तर्पण कर उनके बताए सूत्रों को जीवन में धारण करने का संकल्प लिया। गायत्री जयंती के पावन अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने गुरुदीक्षा ग्रहण की तो वहीं पुंसवन, नामकरण, मुंडन, विद्यारंभ आदि संस्कार भी संपन्न कराए गए।