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गंगा स्वच्छता को बनाएं जनांदोलन: रावत
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Sat, 05 Nov 2016 10:15 PM IST
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Rishikul ground lighting the lamp to inaugurate the festival at Ganges, the chief officer of the Board of Harish Rawat and organizer.
- फोटो : amarujala
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि गंगा कि स्वच्छता और निर्मलता तभी संभव है जब इसे जनसहभागिता के साथ जनांदोलन बनाया जाए। केवल सरकारों के भरोसे गंगा को स्वच्छ और निर्मल नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने लोगों से गंगा की स्वच्छता के साथ जुड़ने का आह्वान किया।
शनिवार शाम ऋषिकुल मैदान में शुरू हुए गंगा महोत्सव को मुख्यमंत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी गंगा साफ नहीं हो पाई है। यह जनसहभागिता से संभव है। उन्होंने स्वयंसेवी संगठनों समेत समाज के सभी वर्गों से गंगा की सफाई को अपना मिशन बनाकर जुटने का आह्वान किया।
राजस्थान सरकार के मंत्री डा. अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि मां गंगा भारतीय जनमानस की आस्था का केंद्र है। गंगा की स्वच्छता हर व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने भी महोत्सव की सराहना करते हुए राजस्थान सरकार की ओर से सहयोग का भरोसा दिलाया। मेयर मनोज गर्ग ने सभी को गंगा महोत्सव के प्रति संकल्प दिलाया। भारत माता मंदिर के महंत ललितानंद महाराज ने कहा कि गंगा के बिना भारतीय संस्कृति अधूरी है।
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महोत्सव को पंचायती अखाड़ा उदासीन के सचिव महंत मोहन दास, आयोजक संस्था हरिद्वार नागरिक मंच के अध्यक्ष सतीश जैन, उपाध्यक्ष पीएस चौहान, आयोजन सचिव सुनील बत्रा, चेयरमैन जगदीश लाल पाहवा, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष डॉ संतोष चौहान समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया। इससे पूर्व गंगोत्री धाम के रावल शिव प्रसाद महाराज ने गंगोत्री से लाए गए गंगा जल के कलश की स्थापना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। दोपहर में हरकी पैड़ी से प्रारंभ हुई गंगा शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर में कलश रखकर भागीदारी की। इस दौरान कई अध्यात्मिक झांकियां भी आकर्षण का केंद्र बनी।
पांच प्रतिभाएं हरिद्वार रत्न से सम्मानित
हरिद्वार नागरिक मंच की ओर से पांच दिवसीय गंगा महोत्सव के पहले दिन अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कर्ष योगदान देने वाले पांच लोगों को हरिद्वार रत्न से सम्मानित किया। इनमें साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में साहित्यकार विष्णुदत्त राकेश, पत्रकारिता के क्षेत्र में वरिष्ठ पत्रकार कौशल सिखौला, समाज सेवा के लिए खड़खड़ी श्मशान घाट विकास समिति के हरिराम कुमार, श्रम एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भेल के राजबीर सिंह, राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने वाली कथक नृत्यांगना हंसवी टाक शामिल हैं।
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शनिवार शाम ऋषिकुल मैदान में शुरू हुए गंगा महोत्सव को मुख्यमंत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी गंगा साफ नहीं हो पाई है। यह जनसहभागिता से संभव है। उन्होंने स्वयंसेवी संगठनों समेत समाज के सभी वर्गों से गंगा की सफाई को अपना मिशन बनाकर जुटने का आह्वान किया।
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राजस्थान सरकार के मंत्री डा. अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि मां गंगा भारतीय जनमानस की आस्था का केंद्र है। गंगा की स्वच्छता हर व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने भी महोत्सव की सराहना करते हुए राजस्थान सरकार की ओर से सहयोग का भरोसा दिलाया। मेयर मनोज गर्ग ने सभी को गंगा महोत्सव के प्रति संकल्प दिलाया। भारत माता मंदिर के महंत ललितानंद महाराज ने कहा कि गंगा के बिना भारतीय संस्कृति अधूरी है।
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महोत्सव को पंचायती अखाड़ा उदासीन के सचिव महंत मोहन दास, आयोजक संस्था हरिद्वार नागरिक मंच के अध्यक्ष सतीश जैन, उपाध्यक्ष पीएस चौहान, आयोजन सचिव सुनील बत्रा, चेयरमैन जगदीश लाल पाहवा, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष डॉ संतोष चौहान समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया। इससे पूर्व गंगोत्री धाम के रावल शिव प्रसाद महाराज ने गंगोत्री से लाए गए गंगा जल के कलश की स्थापना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। दोपहर में हरकी पैड़ी से प्रारंभ हुई गंगा शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर में कलश रखकर भागीदारी की। इस दौरान कई अध्यात्मिक झांकियां भी आकर्षण का केंद्र बनी।
पांच प्रतिभाएं हरिद्वार रत्न से सम्मानित
हरिद्वार नागरिक मंच की ओर से पांच दिवसीय गंगा महोत्सव के पहले दिन अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कर्ष योगदान देने वाले पांच लोगों को हरिद्वार रत्न से सम्मानित किया। इनमें साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में साहित्यकार विष्णुदत्त राकेश, पत्रकारिता के क्षेत्र में वरिष्ठ पत्रकार कौशल सिखौला, समाज सेवा के लिए खड़खड़ी श्मशान घाट विकास समिति के हरिराम कुमार, श्रम एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भेल के राजबीर सिंह, राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने वाली कथक नृत्यांगना हंसवी टाक शामिल हैं।