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साक्षात्कार से लेकर खेलकूद प्रमाण पत्रों में किया गया खेल

Tue, 24 May 2022 08:09 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 24 May 2022 08:09 PM IST
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From interview to sports certificates, did sports
आखिरकार पांच साल बाद जिला सहकारी बैंक (डीसीबी) में हुई भर्ती में अयोग्य अभ्यर्थियों पर गाज गिर ही गई है। भर्ती प्रक्रिया में साक्षात्कार से लेकर खेेलों के प्रमाणपत्रों में जमकर खेल किया गया था।
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वर्ष 2016-17 में डीसीबी में सहयोगी गार्ड के 19 पदों की भर्ती के लिए परीक्षा कराई गई थी। भर्ती परीक्षा के लिए एक समिति बनाई गई थी। भगवानपुर क्षेत्र के सुनहेटी गांव निवासी तत्कालीन डीसीबी चेयरमैन सुशील चौधरी को चयन समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। पर शिकायत के बाद शासन स्तर से उप निबंधक कुमाऊं मंडल अल्मोड़ा नीरज बेलवाल से कराई गई जांच में भर्ती में भारी गड़बड़ियां मिली थीं। जांच में पाया गया था कि प्रतियोगिता परीक्षा में चयनित 19 अभ्यर्थियों में से केवल सात अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाणपत्र जारी करने वाली शिक्षण संस्थाओं का सत्यापन किया गया। 12 का सत्यापन ही नहीं कराया गया था। साक्षात्कार में शामिल हुए 979 अभ्यर्थियों को शून्य अंक प्रदान कर चयन प्रक्रिया में निर्धारित शर्तों का उल्लंघन किया गया। क्योंकि नियमानुसार अधिकतम नौ और न्यूनतम 3 तक दिए जा सकते थे। किसी अभ्यर्थी को अधिकतम दस और न्यूनतम तीन या इससे कम अंक देने पर उसकी वजह का जिक्र करना था। पर इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को शून्य अंक देने का कारण नहीं लिखा गया था।
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जबकि चयनित 19 अभ्यर्थियों में से सात अभ्यर्थी ऐसे मिले थे, जिनके शैक्षिक प्रमाणपत्र दूसरे विद्यालयों के हैं और खेलकूद के प्रमाणपत्र दूसरे विद्यालयों से जारी हुए थे। इन्हें भगवानपुर के बीडी इंटर कॉलेज से एक ही वर्ष 2008-09 में खेलकूद प्रमाणपत्र जारी करना दर्शाया गया था। मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय से खेल प्रमाणपत्र सत्यापित कराने पर आठ लोगों के प्रमाणपत्र फर्जी मिले थे। जांच में चयनित अभ्यर्थियों के खेलकूद के प्रमाणपत्र बीडी इंटर से ही जारी होने से बड़ा षड्यंत्र रचकर भर्ती कराना पाया गया था। इसके अलावा टंकण परीक्षा न कराकर कंप्यूटर प्रमाणपत्र के आधार पर अंक प्रदान करके योग्य अभ्यर्थियों को अवसर प्रदान न करके नियमों का उल्लंघन किया गया था। जांच में सबकुछ दूध का दूध और पानी का साफ होने पर लंबे समय बाद अयोग्य अभ्यर्थियों को बर्खास्त करने से सहकारिता विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। संवाद
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