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वन विकास निगम के बयान को चुनौती
ब्यूरो, अमर उजाला/हरिद्वार
Updated Sat, 14 Nov 2015 12:19 AM IST
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हरिद्वार। मातृसदन ने वन विकास निगम और वन मंत्री के उस बयान को चुुनौती दी है जिसमें दोनों की ओर से खनन सामग्री को गंगा में बहकर आने की बात कही है। आरोप लगाया कि खनन सामग्री से संबंधित दिया गया बयान खनन माफिया को बढ़ावा देना है।
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मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि दो दिन पहले वन विकास निगम की ओर से गंगा में जल के साथ रेत, बजरी और बोल्डर बहकर आने की बात कही थी। बहकर आई सामग्री का खनन कराने के लिए भी बयान दिया गया था। उन्होंने कहा कि यह बयान निगम के निदेशक की ओर से जारी किया गया था जो पूरी तरह झूठ है। उन्होंने कहा कि जल के साथ खनन सामग्री बहकर नहीं आती। निदेशक बताएं कि उन्होंने यह बात किस आधार पर कही।
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यदि किसी वैज्ञानिक ने यह बात कही तो वह इसे साबित करके दिखाएं। यदि साबित नहीं कर पाते तो उनकी डिग्री छीनी जाए और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि वह उस बयान को चुनौती देते हैं। कहा कि वन मंत्रालय की ओर से भी इसी तरह का भ्रामक बयान दिया गया है। इस तरह के बयान सरकार की ओर से साजिश के तहत जानबूझकर दिए जा रहे हैं ताकि खनन शुरू करवाया जा सके। लेकिन गंगा में खनन किसी हालत में शुरू नहीं होने देंगे। रायवाला से भोगपुर तक सरकार खनन करवा ही नहीं सकती।
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