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सम्मान निधि में पांच हजार अपात्र हड़प गए चार करोड
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जनपद में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। जिला प्रशासन की ओर से कराए गए सत्यापन में जिले के पांच हजार ऐसे लोग भी सम्मान निधि का पैसा डकार गए, जिनके पास खेत खलियान कुछ नहीं हैं और न ही इस योजना के हकदार थे। करीब पांच हजार अपात्र लोग किसान बनकर चार करोड़ रुपये की सम्मान निधि हजम कर गए। अब सभी अपात्रों से सम्मान निधि की रकम की रिकवरी करने के लिए कृषि विभाग ने लीड बैंक को सूची सौंप दी है। अब ऐसे लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत किसानों को सालभर में छह हजार रुपये दिए जाते हैं। यह राशि दो-दो हजार के रुपये के हिसाब से तीन किस्तों में हर चार महीने में दी जाती है। योजना का लाभ ऐसे लोगों को दिया जाना था, जो खेतीबाड़ी करते हों। लेकिन योजना का लाभ ऐसे लोगों ने भी ले लिया है, जो पात्र ही नहीं थे।
शिकायतें आने के बाद जिला प्रशासन ने लेखपालों और आयकर विभाग की ओर से निधि लेने वाले लोगों का सत्यापन करने के निर्देश दिए। सत्यापन में जिलेभर में 4741 लोग अपात्र सामने आए हैं। सत्यापन में यह बात सामने आई कि कुछ लोग आयकर दाता हैं और कुछ ऐसे हैं जिनके पास जमीन ही नहीं है। इसके बाद भी इन लोगों को निधि का लाभ दिया जा रहा है। खास बात यह कि पेंशन लेने और सरकारी सेवा में कार्यरत लोग भी किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे। हालांकि, इनके अपात्र मिलते ही इनकी आगामी किस्तों को रोक दिया गया था।
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इसके बाद भी अब तक सम्मान निधि की चार करोड़ 21 लाख 86 हजार रुपये की रकम ले चुके हैं। जांच में अपात्र लोगों की सूची मुख्य कृषि अधिकारी की ओर से सभी बैंकों से ली गई राशि की वसूली करने के लिए लीड बैंक अधिकारी के माध्यम से पत्र भेज दिए गए हैं। जिससे अब उनके बैंक खातों से यह पैसा वसूल कर सरकारी खाते में जमा कराया जाएगा। संवाद
यह लोग नहीं हो सकते हकदार
किसान सम्मान निधि का लाभ किसी भी ऐसे व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता जो पहले से कोई सरकारी पेंशन ले रहा है, भले ही खेती करता हो। सरकारी नौकरी करने वाला और आयकर दाता भी हकदार नहीं होता। विधायक और सांसदों को योजना में शामिल नहीं किया जा सकता।
सवा लाख किसान ले रहे लाभ
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में उन्हीं किसानों को योजना का लाभ दिया जाता है, जो वास्तव में खेती कर रहे हैं। जिससे जनपद में एक लाख 31 हजार किसान योजना का लाभ ले रहे हैं। इन किसानों को योजना का पैसा किस्त आने पर सीधे बैंक खातों में भेज दिया जाता है।
सरकारी सेवाओं वालों पर होगी कार्रवाई
अपात्रों सूची में जो ऐसे पाए गए हैं, जो किसी ने किसी विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उनसे योजना के धन की रिकवरी तो होगी ही। उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी अलग से की जाएगी। जिसमें उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ ही उनकी सेवाएं भी समाप्त की जाएंगी।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में अपात्र पाए गए लोगों से रिकवरी करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही अपात्र लोगों से संबंधित बैंक वसूली कर सरकारी खाते में जमा कराना शुरू कर देंगे। आगे भी अपात्रों से रिकवरी करने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
- विजय देवराड़ी, मुख्य कृषि अधिकारी, हरिद्वार
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केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत किसानों को सालभर में छह हजार रुपये दिए जाते हैं। यह राशि दो-दो हजार के रुपये के हिसाब से तीन किस्तों में हर चार महीने में दी जाती है। योजना का लाभ ऐसे लोगों को दिया जाना था, जो खेतीबाड़ी करते हों। लेकिन योजना का लाभ ऐसे लोगों ने भी ले लिया है, जो पात्र ही नहीं थे।
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शिकायतें आने के बाद जिला प्रशासन ने लेखपालों और आयकर विभाग की ओर से निधि लेने वाले लोगों का सत्यापन करने के निर्देश दिए। सत्यापन में जिलेभर में 4741 लोग अपात्र सामने आए हैं। सत्यापन में यह बात सामने आई कि कुछ लोग आयकर दाता हैं और कुछ ऐसे हैं जिनके पास जमीन ही नहीं है। इसके बाद भी इन लोगों को निधि का लाभ दिया जा रहा है। खास बात यह कि पेंशन लेने और सरकारी सेवा में कार्यरत लोग भी किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे। हालांकि, इनके अपात्र मिलते ही इनकी आगामी किस्तों को रोक दिया गया था।
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इसके बाद भी अब तक सम्मान निधि की चार करोड़ 21 लाख 86 हजार रुपये की रकम ले चुके हैं। जांच में अपात्र लोगों की सूची मुख्य कृषि अधिकारी की ओर से सभी बैंकों से ली गई राशि की वसूली करने के लिए लीड बैंक अधिकारी के माध्यम से पत्र भेज दिए गए हैं। जिससे अब उनके बैंक खातों से यह पैसा वसूल कर सरकारी खाते में जमा कराया जाएगा। संवाद
यह लोग नहीं हो सकते हकदार
किसान सम्मान निधि का लाभ किसी भी ऐसे व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता जो पहले से कोई सरकारी पेंशन ले रहा है, भले ही खेती करता हो। सरकारी नौकरी करने वाला और आयकर दाता भी हकदार नहीं होता। विधायक और सांसदों को योजना में शामिल नहीं किया जा सकता।
सवा लाख किसान ले रहे लाभ
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में उन्हीं किसानों को योजना का लाभ दिया जाता है, जो वास्तव में खेती कर रहे हैं। जिससे जनपद में एक लाख 31 हजार किसान योजना का लाभ ले रहे हैं। इन किसानों को योजना का पैसा किस्त आने पर सीधे बैंक खातों में भेज दिया जाता है।
सरकारी सेवाओं वालों पर होगी कार्रवाई
अपात्रों सूची में जो ऐसे पाए गए हैं, जो किसी ने किसी विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उनसे योजना के धन की रिकवरी तो होगी ही। उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी अलग से की जाएगी। जिसमें उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ ही उनकी सेवाएं भी समाप्त की जाएंगी।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में अपात्र पाए गए लोगों से रिकवरी करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही अपात्र लोगों से संबंधित बैंक वसूली कर सरकारी खाते में जमा कराना शुरू कर देंगे। आगे भी अपात्रों से रिकवरी करने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
- विजय देवराड़ी, मुख्य कृषि अधिकारी, हरिद्वार