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Haridwar News: विवादित जमीन के बना दिए फर्जी दस्तावेज, दो नामजद
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हरिद्वार। सिडकुल थाना क्षेत्र में जमीन से जुड़े एक पुराने विवाद के मामले में दो लोगों ने फर्जी दस्तावेज बना दिए। अग्रिम जमानत की सुनवाई के दौरान ही जिला एवं सत्र न्यायालय ने मामले में दो व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दे दिए। इसके बाद विवेचक उप निरीक्षक इंद्रजीत सिंह राणा की तरफ से मामले में धोखाधड़ी सहित प्रभावी धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस के अनुसार, सिडकुल थाने में दर्ज जमीन से जुड़े धोखाधड़ी के मामले की विवेचना उपनिरीक्षक इन्द्रजीत सिंह राणा कर रहे हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि इस मामले में आरोपी अशोक पाल निवासी ग्राम रावली महदूद ब्रह्मपुरी ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरिद्वार की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रकरण से जुड़े तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए अपने 9 दिसंबर 2025 के आदेश में महेन्द्र कुमार गुप्ता निवासी मोहल्ला संतोषमालन, नजीबाबाद जिला बिजनौर और सुभाष चौहान निवासी पाल विहार कॉलोनी, शिव मंदिर रावली महदूद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। आरोप है कि विवेचना में जो तथ्य सामने आए हैं वे चौंकाने वाले हैं। महावीर विहार फेस-2, ग्राम रावली महदूद स्थित कुल 1551 फुट 3 इंच क्षेत्रफल की भूमि को महेन्द्र कुमार गुप्ता ने 8 फरवरी 1990 को विकास कम्बोज निवासी बीएचईएल रानीपुर के नाम विधिवत रजिस्टर्ड बैनामे के जरिए बेच दिया था।
करीब 35 वर्ष बाद उसी भूखंड को लेकर महेन्द्र कुमार गुप्ता ने 19 अगस्त 2025 को अपने परिचित सुभाष चौहान के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी कर दी। यहीं से पूरे मामले में गड़बड़ी की शुरुआत हुई। 27 अगस्त 2025 को भूमि का दोबारा रजिस्ट्रीकरण कराते हुए दान पत्र (गिफ्ट डीड) के माध्यम से वही जमीन सुभाष चौहान को दे दी। आरोप है कि सबसे अहम बात यह है कि जिस भूमि को लेकर ये दस्तावेज तैयार किए गए, उसी विवादित भूखंड के संबंध में विजयपाल सिंह और सुमितपाल की ओर से पहले से ही सिविल कोर्ट में वाद दाखिल किया जा चुका है। आरोप है कि जांच में सामने आया कि महेन्द्र कुमार गुप्ता और सुभाष चौहान ने षड्यंत्र के तहत छल करने के उद्देश्य से कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने बताया कि इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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पुलिस के अनुसार, सिडकुल थाने में दर्ज जमीन से जुड़े धोखाधड़ी के मामले की विवेचना उपनिरीक्षक इन्द्रजीत सिंह राणा कर रहे हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि इस मामले में आरोपी अशोक पाल निवासी ग्राम रावली महदूद ब्रह्मपुरी ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरिद्वार की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रकरण से जुड़े तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए अपने 9 दिसंबर 2025 के आदेश में महेन्द्र कुमार गुप्ता निवासी मोहल्ला संतोषमालन, नजीबाबाद जिला बिजनौर और सुभाष चौहान निवासी पाल विहार कॉलोनी, शिव मंदिर रावली महदूद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। आरोप है कि विवेचना में जो तथ्य सामने आए हैं वे चौंकाने वाले हैं। महावीर विहार फेस-2, ग्राम रावली महदूद स्थित कुल 1551 फुट 3 इंच क्षेत्रफल की भूमि को महेन्द्र कुमार गुप्ता ने 8 फरवरी 1990 को विकास कम्बोज निवासी बीएचईएल रानीपुर के नाम विधिवत रजिस्टर्ड बैनामे के जरिए बेच दिया था।
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करीब 35 वर्ष बाद उसी भूखंड को लेकर महेन्द्र कुमार गुप्ता ने 19 अगस्त 2025 को अपने परिचित सुभाष चौहान के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी कर दी। यहीं से पूरे मामले में गड़बड़ी की शुरुआत हुई। 27 अगस्त 2025 को भूमि का दोबारा रजिस्ट्रीकरण कराते हुए दान पत्र (गिफ्ट डीड) के माध्यम से वही जमीन सुभाष चौहान को दे दी। आरोप है कि सबसे अहम बात यह है कि जिस भूमि को लेकर ये दस्तावेज तैयार किए गए, उसी विवादित भूखंड के संबंध में विजयपाल सिंह और सुमितपाल की ओर से पहले से ही सिविल कोर्ट में वाद दाखिल किया जा चुका है। आरोप है कि जांच में सामने आया कि महेन्द्र कुमार गुप्ता और सुभाष चौहान ने षड्यंत्र के तहत छल करने के उद्देश्य से कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने बताया कि इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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