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Haridwar News: दस साल बाद शुरू हुई शिक्षक-कर्मचारियों के लिए बीमा योजना की कवायद
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हरिद्वार। सरकार की ओर से अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में तैनात किए गए शिक्षकों और कर्मचारियों के सामूहिक बीमे के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। माध्यामिक निदेशालय को मुख्य शिक्षा अधिकारी ने बीमा के लिए शिक्षक व कर्मचारियों की सूची भेज दी है।
जिले में 44 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में एक अप्रैल 2014 के बाद तैनात किए गए शिक्षकों और कर्मचारियों का सामूहिक बीमा नहीं कराया गया है, जबकि इससे पूर्व नियुक्त शिक्षक और कर्मचारियों का बीमा हो रखा है। विभाग ने अब इनके भी सामूहिक बीमा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इसके लिए अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा निदेशक डाॅ. मुकुल कुमार सती की ओर से 15 जुलाई को सामूहिक बीमा कराने के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों की सूची मांगी गई थी, लेकिन विद्यालयों की ओर से कर्मचारियों और शिक्षकों की सूची नहीं भेजे रही जा रही थी। इससे इनका बीमा कराने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी। इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से कर्मचारियों और शिक्षकों की सूची समस्त प्रधानाचार्य और प्रबंधकों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
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लगभग चार सौ को मिलना है लाभ
- 2014 के बाद अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय में व्यापक स्तर पर शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति की गई। एक आंकड़े के अनुसार जिले के माध्यामिक विद्यालय में इनकी संख्या 400 के आसपास है। जिन्हें सामूहिक बीमा योजना का लाभ दिया जाना है।
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मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कार्य प्रणाली बहुत ही खराब है, क्योंकि पूर्व में भी गोल्डन कार्ड की सूचना न भेजने के कारण पूरे प्रदेश के शिक्षकों के कार्ड अटक गए थे। अब सामूहिक बीमा योजना में भी 12 जनपदों से निदेशालय को भेजने में देरी की गई, जिस पर शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने भी कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा। कार्यालय में शैक्षिक कार्य में सुधार की आवश्यकता है।
राजेश सैनी, जिलाध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षक संघ, हरिद्वार
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तीन विद्यालयों ने फिर भी नहीं भेजी सूची
शिक्षकों और कर्मचारियों की सूची भेजने में हीलाहवाली की गई। इसके बावजूद भी तीन विद्यालयों की सूची नहीं आई, जिन कॉलेजों की सूची आई थी, उसे निदेशालय को भेज दिया गया है।
-केके गुप्ता, मुख्य शिक्षा अधिकारी, हरिद्वार
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जिले में 44 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में एक अप्रैल 2014 के बाद तैनात किए गए शिक्षकों और कर्मचारियों का सामूहिक बीमा नहीं कराया गया है, जबकि इससे पूर्व नियुक्त शिक्षक और कर्मचारियों का बीमा हो रखा है। विभाग ने अब इनके भी सामूहिक बीमा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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इसके लिए अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा निदेशक डाॅ. मुकुल कुमार सती की ओर से 15 जुलाई को सामूहिक बीमा कराने के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों की सूची मांगी गई थी, लेकिन विद्यालयों की ओर से कर्मचारियों और शिक्षकों की सूची नहीं भेजे रही जा रही थी। इससे इनका बीमा कराने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी। इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से कर्मचारियों और शिक्षकों की सूची समस्त प्रधानाचार्य और प्रबंधकों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
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लगभग चार सौ को मिलना है लाभ
- 2014 के बाद अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय में व्यापक स्तर पर शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति की गई। एक आंकड़े के अनुसार जिले के माध्यामिक विद्यालय में इनकी संख्या 400 के आसपास है। जिन्हें सामूहिक बीमा योजना का लाभ दिया जाना है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कार्य प्रणाली बहुत ही खराब है, क्योंकि पूर्व में भी गोल्डन कार्ड की सूचना न भेजने के कारण पूरे प्रदेश के शिक्षकों के कार्ड अटक गए थे। अब सामूहिक बीमा योजना में भी 12 जनपदों से निदेशालय को भेजने में देरी की गई, जिस पर शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने भी कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा। कार्यालय में शैक्षिक कार्य में सुधार की आवश्यकता है।
राजेश सैनी, जिलाध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षक संघ, हरिद्वार
तीन विद्यालयों ने फिर भी नहीं भेजी सूची
शिक्षकों और कर्मचारियों की सूची भेजने में हीलाहवाली की गई। इसके बावजूद भी तीन विद्यालयों की सूची नहीं आई, जिन कॉलेजों की सूची आई थी, उसे निदेशालय को भेज दिया गया है।
-केके गुप्ता, मुख्य शिक्षा अधिकारी, हरिद्वार