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Haridwar News: चंडीदेवी मंदिर ट्रस्ट में फर्जीवाड़े में आठ नामजद
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हरिद्वार। चंडी देवी मंदिर परमार्थ ट्रस्ट के विवाद में अब पूर्व में मुख्य ट्रस्टी रहे महंत रोहित गिरी ने अपनी पूर्व पत्नी, बेटे और सहयोगियों पर ट्रस्ट की संपत्ति हड़पने, फर्जी इस्तीफा तैयार करने और ट्रस्ट का अवैध रूप से नवीनीकरण कराने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश के बाद श्यामपुर पुलिस ने आठ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पुलिस के अनुसार, महंत रोहित गिरी निवासी चंडीघाट, श्यामपुर कांगड़ी ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह चंडी देवी मंदिर के मुख्य ट्रस्टी और एकमात्र सेवारत हैं। मंदिर की धार्मिक गतिविधियों, संपत्तियों और परमार्थ ट्रस्ट के संचालन की जिम्मेदारी उन्हीं के पास है। उनकी पूर्व पत्नी गीतांजलि निवासी नेचरो विला, लालतप्पड़ थाना डोईवाला, देहरादून, नीरज पांडेय निवासी लक्ष्मी नारायण मंदिर यमना कॉलोनी, देहरादून, उनका पुत्र भवानी नंदन गिरी, आकाश कुसुम बच्छेती प्रधानाचार्य होली एंजेल स्कूल, रेशम माजरी लाल तप्पड़ डोईवाला, पुष्पांजलि गौड़ निवासी उत्तरांचल मॉडर्न स्कूल, गुमानीवाला, ऋषिकेश, निखिल खन्ना निवासी ग्रेटर नोएडा केयर ऑफ होली एंजेल स्कूल, लाल तप्पड़, मोहित तोमर फड़ दुकानदार चंडी देवी मंदिर और धीरज बच्छेती उर्फ शंकर निवासी हरिपुर कला थाना रायवाला ऋषिकेश ने साजिश रची।
महंत रोहित ने आरोप लगाया कि उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए सभी अभियुक्तों ने आपस में सांठगांठ कर पंजाब पुलिस की मदद से उन्हें बीती 14 मई को उन्हें घर से गिरफ्तार कराकर जेल भिजवा दिया। जेल में रहते हुए उन्हें जानकारी मिली कि इन लोगों ने मिलीभगत कर उनके नकली हस्ताक्षर बनाकर 13 मई का एक फर्जी इस्तीफा तैयार किया और उसे असली बताकर परमार्थ ट्रस्ट में प्रस्तुत कर दिया।
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आरोप है कि इसी जाली इस्तीफे के आधार पर सभी ने 27 मई को तहसील ऋषिकेश में ट्रस्ट का फर्जी नवीनीकरण करा दिया, जिसमें महंत रोहित के पुत्र भवानी नंदन गिरी को मुख्य ट्रस्टी दिखा दिया। इसके बाद ट्रस्ट की संपत्ति, बैंक खाते और चढ़ावे के पैसों का दुरुपयोग शुरू कर दिया गया। थानाध्यक्ष मनोज शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस के अनुसार, महंत रोहित गिरी निवासी चंडीघाट, श्यामपुर कांगड़ी ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह चंडी देवी मंदिर के मुख्य ट्रस्टी और एकमात्र सेवारत हैं। मंदिर की धार्मिक गतिविधियों, संपत्तियों और परमार्थ ट्रस्ट के संचालन की जिम्मेदारी उन्हीं के पास है। उनकी पूर्व पत्नी गीतांजलि निवासी नेचरो विला, लालतप्पड़ थाना डोईवाला, देहरादून, नीरज पांडेय निवासी लक्ष्मी नारायण मंदिर यमना कॉलोनी, देहरादून, उनका पुत्र भवानी नंदन गिरी, आकाश कुसुम बच्छेती प्रधानाचार्य होली एंजेल स्कूल, रेशम माजरी लाल तप्पड़ डोईवाला, पुष्पांजलि गौड़ निवासी उत्तरांचल मॉडर्न स्कूल, गुमानीवाला, ऋषिकेश, निखिल खन्ना निवासी ग्रेटर नोएडा केयर ऑफ होली एंजेल स्कूल, लाल तप्पड़, मोहित तोमर फड़ दुकानदार चंडी देवी मंदिर और धीरज बच्छेती उर्फ शंकर निवासी हरिपुर कला थाना रायवाला ऋषिकेश ने साजिश रची।
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महंत रोहित ने आरोप लगाया कि उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए सभी अभियुक्तों ने आपस में सांठगांठ कर पंजाब पुलिस की मदद से उन्हें बीती 14 मई को उन्हें घर से गिरफ्तार कराकर जेल भिजवा दिया। जेल में रहते हुए उन्हें जानकारी मिली कि इन लोगों ने मिलीभगत कर उनके नकली हस्ताक्षर बनाकर 13 मई का एक फर्जी इस्तीफा तैयार किया और उसे असली बताकर परमार्थ ट्रस्ट में प्रस्तुत कर दिया।
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आरोप है कि इसी जाली इस्तीफे के आधार पर सभी ने 27 मई को तहसील ऋषिकेश में ट्रस्ट का फर्जी नवीनीकरण करा दिया, जिसमें महंत रोहित के पुत्र भवानी नंदन गिरी को मुख्य ट्रस्टी दिखा दिया। इसके बाद ट्रस्ट की संपत्ति, बैंक खाते और चढ़ावे के पैसों का दुरुपयोग शुरू कर दिया गया। थानाध्यक्ष मनोज शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच शुरू कर दी है।