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संस्कार से परिपूर्ण होनी चाहिए शिक्षा: शंकराचार्य
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार।
Updated Wed, 19 Apr 2017 09:20 PM IST
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जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए कि नैतिकता, आध्यात्मिकता और राष्ट्रीयता जिसके आधार हों। उन्होंने प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने की सलाह दी। बुधवार की शाम कनखल स्थित जगद्गुरु आश्रम पहुंचे राज्य के शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय ने जगद्गुरु शंकराचार्य से आशीर्वाद लिया।
इस दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए शिक्षा का योगदान सबसे ज्यादा है। शिक्षा का अर्थ केवल यह नहीं है कि प्रमाणपत्र लेकर नौकरी मिल जाए। बल्कि शिक्षा का अर्थ यह है कि व्यक्ति में संस्कार और स्वाभिमान पैदा हो। उन्होंने कहा कि देश का दुर्भाग्य है कि देश में हावी लॉर्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति ने लोगों के व्यक्तित्व को नौकर बनाकर रख दिया है। इस स्थिति को बदलने की जरूरत है। शिक्षा का आधार संस्कार से परिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने शिक्षा विभाग में व्यापक सुधार और विकास के लिए शिक्षामंत्री को आशीर्वाद और साधुवाद प्रदान किया। सपत्नीक आशीर्वाद लेने पहुंचे शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय के साथ जगद्गुरु शंकराचार्य ने काफी देर तक चर्चा की। इस मौके पर भाजयुमो जिलाध्यक्ष हरजीत सिंह, अमित शर्मा, अभिषेक शर्मा, विनीत कुमार, पुष्पेंद्र कश्यप, सुनील कुमार आदि ने शिक्षा मंत्री का स्वागत किया।
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इस दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए शिक्षा का योगदान सबसे ज्यादा है। शिक्षा का अर्थ केवल यह नहीं है कि प्रमाणपत्र लेकर नौकरी मिल जाए। बल्कि शिक्षा का अर्थ यह है कि व्यक्ति में संस्कार और स्वाभिमान पैदा हो। उन्होंने कहा कि देश का दुर्भाग्य है कि देश में हावी लॉर्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति ने लोगों के व्यक्तित्व को नौकर बनाकर रख दिया है। इस स्थिति को बदलने की जरूरत है। शिक्षा का आधार संस्कार से परिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने शिक्षा विभाग में व्यापक सुधार और विकास के लिए शिक्षामंत्री को आशीर्वाद और साधुवाद प्रदान किया। सपत्नीक आशीर्वाद लेने पहुंचे शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय के साथ जगद्गुरु शंकराचार्य ने काफी देर तक चर्चा की। इस मौके पर भाजयुमो जिलाध्यक्ष हरजीत सिंह, अमित शर्मा, अभिषेक शर्मा, विनीत कुमार, पुष्पेंद्र कश्यप, सुनील कुमार आदि ने शिक्षा मंत्री का स्वागत किया।
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