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चुनावी दंगल में सियासत की धुरी बनी धर्मनगरी
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चुनावी दंगल में धर्मनगरी सियासत की धुरी बन गई है। हरिद्वार जिले में उत्तराखंड की सर्वाधिक 11 विधानसभा सीटें हैं। खेती-किसानी और आबादी के लिहाज से भी जिला प्रदेश में अव्वल है। प्रदेश में सत्ता की कुर्सी की राह आसान करने में धर्मनगरी के लोग अहम भूमिका निभाते हैं। यही वजह है मतदान की तिथि नजदीक आने के साथ ही हरिद्वार राजनेताओं का केंद्र बिंदु बन गया है। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के हुंकार भरने के बाद रविवार से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तीन दिन हरिद्वार में रहेंगे। इसी हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गंगा आरती में शामिल होने की भी संभावना है।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सत्ता की बागडोर के लिए भाजपा-कांग्रेस में घमासान मचा है। इस बार आम आदमी पार्टी भी चुनावी मैदान में है। जिले की कुछ सीटों पर बसपा भी भाजपा और कांग्रेस को चुनौती दे रही है। हरिद्वार जिला पहाड़ और मैदान को जोड़ता है। प्रदेश में सबसे अधिक 11 सीटें इसी जिले में हैं। हरिद्वार ही गढ़वाल का प्रवेश द्वार है। सियासी संग्राम में राजनीतिक दल मुद्दाविहीन हैं। दशकों पुराने घिसे-पीटे वादों के साथ जनता दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। भाजपा अपने कार्यकाल के कार्य गिनवा रही है तो कांग्रेस भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों को भुना रही है। चुनाव में युवा, महिला और किसान वोटर निर्णायक हैं।
हरिद्वार जिला हर लिहाज से इनमें आगे है। यही वजह है कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को हरिद्वार से पूरे प्रदेश के वोटरों को साधकर लौट चुके हैं। उनका पूरा फोकस किसानों, युवाओं और व्यापारियों के वोट बैंक पर रहा। वहीं, आम आदमी पार्टी के संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी रविवार को हरिद्वार पहुंच गए। केजरीवाल तीन दिन धर्मनगरी में रहेंगे और अपनी मुफ्त गारंटी योजनाओं से मतदाताओं को लुभाएंगेे। दूसरी ओर, नौ या 10 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन या आरती में शामिल होने की संभावना है। हालांकि, अभी प्रधानमंत्री का कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है, लेकिन भाजपा के स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर पार्टी को लग रहा है कि हरिद्वार जिले की 11 सीटों की जीत के साथ सत्ता की कुर्सी की राह आसान हो जाएगी।
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वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सत्ता की बागडोर के लिए भाजपा-कांग्रेस में घमासान मचा है। इस बार आम आदमी पार्टी भी चुनावी मैदान में है। जिले की कुछ सीटों पर बसपा भी भाजपा और कांग्रेस को चुनौती दे रही है। हरिद्वार जिला पहाड़ और मैदान को जोड़ता है। प्रदेश में सबसे अधिक 11 सीटें इसी जिले में हैं। हरिद्वार ही गढ़वाल का प्रवेश द्वार है। सियासी संग्राम में राजनीतिक दल मुद्दाविहीन हैं। दशकों पुराने घिसे-पीटे वादों के साथ जनता दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। भाजपा अपने कार्यकाल के कार्य गिनवा रही है तो कांग्रेस भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों को भुना रही है। चुनाव में युवा, महिला और किसान वोटर निर्णायक हैं।
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हरिद्वार जिला हर लिहाज से इनमें आगे है। यही वजह है कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को हरिद्वार से पूरे प्रदेश के वोटरों को साधकर लौट चुके हैं। उनका पूरा फोकस किसानों, युवाओं और व्यापारियों के वोट बैंक पर रहा। वहीं, आम आदमी पार्टी के संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी रविवार को हरिद्वार पहुंच गए। केजरीवाल तीन दिन धर्मनगरी में रहेंगे और अपनी मुफ्त गारंटी योजनाओं से मतदाताओं को लुभाएंगेे। दूसरी ओर, नौ या 10 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन या आरती में शामिल होने की संभावना है। हालांकि, अभी प्रधानमंत्री का कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है, लेकिन भाजपा के स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर पार्टी को लग रहा है कि हरिद्वार जिले की 11 सीटों की जीत के साथ सत्ता की कुर्सी की राह आसान हो जाएगी।
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