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डेनमार्क में विचार क्रांति की अलख जगाएगा देसंविवि
hridwar uttrakhanda india
Updated Wed, 03 Aug 2016 11:58 PM IST
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डेनमार्क में भी देवसंवि
- फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय डेनमार्क में विचार क्रांति की अलख जगाएगा। इस बारे में विवि और ज्ञानसिटी डेनमार्क के बीच एमओयू हुआ है। इसके अंतर्गत शोध के नए आयामों, स्कॉलरशिप, कांफ्रेंस, सेमिनार, शैक्षिक व शिक्षण तकनीकों इत्यादि के क्षेत्र में काम करने पर सहमति बनी है। दोनों संस्थाएं शोध के विभिन्न क्षेत्रों में ज्ञान के विविध आयामों पर विचारों का आदान-प्रदान करेगा। एमओयू में देसंविवि के कंप्यूटर विभागाध्यक्ष प्रो. अभय सक्सेना एवं ज्ञानसिटी डेनमार्क के डायरेक्टर विश्वजीत पांडेय ने हस्ताक्षर किए।
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देवसंस्कृति विश्वविद्यालय 14 वर्ष की अवधि में योग, शिक्षा, शोध, सेवा और विभिन्न उपलब्धियों के अनेक कीर्तिमान गढ़े हैं। इन्हीं उपलब्धियों पर ज्ञानसिटी डेनमार्क के डायरेक्टर विश्वजीत पांडेय देसंविवि पहुंचे जहां उन्होंने एमओयू हस्ताक्षर किए। उन्होंने विवि के अभिनव प्रयोगों को ज्ञानसिटी के साथ मिलकर नई उपलब्धियां गढ़ने की दिशा में कदम आगे बढ़ाने की बात कही। प्रतिकुलपति डा. चिन्मय पंड्या ने कहा कि इस समझौते से तकनीकी एवं ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में नए विचारों को शोधात्मक दृष्टि से देखकर उसे समाज के उपयोग के लिए विकसित करेंगे।
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कुलाधिपति डा. प्रणव पंड्या ने कहा कि प्रकृतिगत ज्ञान और तकनीकी समन्वय ही व्यक्ति व समाज को परिमार्जित कर सकता है। ज्ञानसिटी डेनमार्क से मिलकर इंटरनेशनल जनरल्स का प्रकाशन भी इस एमओयू का मुख्य हिस्सा है। ज्ञानसिटी डेनमार्क के डायरेक्टर विश्वजीत पांडेय ने कहा कि देसंविवि व ज्ञानसिटी मिलकर ज्ञान एवं विभिन्न आयामों को वैज्ञानिक तकनीकी से शोध करेगा। कहा इटली के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ यूरो फिजिक्स विभाग से भी जुड़े है। उल्लेखनीय है कि देसंविवि ने अब तक अर्जेंटीना, जर्मनी, इटली, स्विटजरलैंड, रशिया, लाटविया, अमेरिका, इंग्लैंड, चीन सहित 15 से अधिक देशों के शैक्षणिक संस्थानों से एमओयू किए हैं।
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