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परिजन को बिना बताए चला आया था गिरिजेश
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Fri, 01 Jan 2016 11:35 PM IST
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हरिद्वार। लॉज में गोली मारकर आत्महत्या करने वाला स्टील कारोबारी गिरिजेश परिजन को बिना बताए घर से चला आया था। फरवरी में उसकी शादी हुई थी ओर पत्नी छह माह की गर्भवती है। कई माह से कारोबारी तनाव में चल रहा था। शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजन ने खड़खड़ी श्मशान घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया।
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हरकी पैड़ी चौकी से कुछ दूर स्थित एक लॉज में ठहरे स्टील कारोबारी गिरिजेश कुमार (29 वर्ष, पुत्र त्रियुगी नारायण दुबे, निवासी गांव मझौहा बलेपुर, देवरिया, हाल निवासी मकान-64, सेक्टर-12, प्रताप विहार, निकट संतोष मेडिकल कालेज, गाजियाबाद, यूपी) ने बृहस्पतिवार को पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। दो दिन पूर्व पेशे से स्टील कारोबारी ने लॉज में कमरा किराए पर लिया था। गोली चलने की आवाज होटल प्रबंधन को सुनाई नहीं दी थी। बृहस्पतिवार दोपहर चेकआउट का टाइम होने पर जब होटलकर्मी पहुंचा तो दरवाजा नहीं खुला। तब जाकर असलियत सामने आई थी। मेरठ रोड (गाजियाबाद) पर युवराज मेटल के नाम से दुकान चला रहे कारोबारी ने 70 लाख के कर्ज तले दबे होने की बाद सुसाइड नोट में लिखी थी। कोतवाली प्रभारी महेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि कारोबारी का भाई, पत्नी एवं पिता हरिद्वार पहुंच गए थे, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
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