{"_id":"5ced7a66bdec2206fd72cd54","slug":"155906728710-haridwar-news26","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिग का अपहरण करने वाले को सुनाई एक साल की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
नाबालिग का अपहरण करने वाले को सुनाई एक साल की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, रोशनाबाद
नाबालिग लड़की का अपहरण करने वाले युवक को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो/ अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना सागर ने एक वर्ष की कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता आदेश चौहान ने बताया कि पीड़ित बालिका के पिता ने 3 दिसंबर 2017 को झबरेड़ा थाने पर एक तहरीर दी थी, जिसमें उसने कहा था कि एक दिसंबर 2017 की शाम को 7 बजे उसकी बेटी को पड़ोस में रहने वाली लड़कियां घर से बुलाकर गई थी तब से वापस नहीं आई थी। तलाश करने के दौरान गांव के लोगों ने आरोपी अंकुर के साथ बालिका को जाते देखना रिपोर्ट कर्ता को बताया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी अंकुर पुत्र संदीप निवासी ग्राम मिलकपुर थाना देवबंद जिला सहारनपुर के खिलाफ नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने के संबंध में मुकदमा दर्ज किया था। उसके बाद पीड़ित बालिका को पुलिस ने 27 दिसंबर 2017 को आरोपी के साथ देवबंद रेलवे स्टेशन से बरामद किया था। मुकदमे में वादी पक्ष की ओर से 13 गवाहों के बयान कराए गए। पीड़ित बालिका ने न्यायालय में दिए बयानों में वादी पक्ष की कहानी का समर्थन नहीं किया। जिस पर उसे पक्ष द्रोही घोषित किया गया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने अंकुर को दोषी पाते हुए 1 वर्ष की कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन
नाबालिग लड़की का अपहरण करने वाले युवक को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो/ अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना सागर ने एक वर्ष की कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता आदेश चौहान ने बताया कि पीड़ित बालिका के पिता ने 3 दिसंबर 2017 को झबरेड़ा थाने पर एक तहरीर दी थी, जिसमें उसने कहा था कि एक दिसंबर 2017 की शाम को 7 बजे उसकी बेटी को पड़ोस में रहने वाली लड़कियां घर से बुलाकर गई थी तब से वापस नहीं आई थी। तलाश करने के दौरान गांव के लोगों ने आरोपी अंकुर के साथ बालिका को जाते देखना रिपोर्ट कर्ता को बताया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी अंकुर पुत्र संदीप निवासी ग्राम मिलकपुर थाना देवबंद जिला सहारनपुर के खिलाफ नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने के संबंध में मुकदमा दर्ज किया था। उसके बाद पीड़ित बालिका को पुलिस ने 27 दिसंबर 2017 को आरोपी के साथ देवबंद रेलवे स्टेशन से बरामद किया था। मुकदमे में वादी पक्ष की ओर से 13 गवाहों के बयान कराए गए। पीड़ित बालिका ने न्यायालय में दिए बयानों में वादी पक्ष की कहानी का समर्थन नहीं किया। जिस पर उसे पक्ष द्रोही घोषित किया गया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने अंकुर को दोषी पाते हुए 1 वर्ष की कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन