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Haridwar News: तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाने वालों पर कसेगा शिकंजा
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हरिद्वार। जनपद में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई और तेज करने का फैसला किया है। ओवरस्पीड, नशे में वाहन संचालन, ओवरलोडिंग और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय शनिवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया।
जिला कार्यालय सभागार में एडीएम (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जनवरी से मई 2026 तक पुलिस विभाग ने 52,736 वाहनों के चालान किए और 2,882 वाहन सीज किए। वहीं परिवहन विभाग ने 30,519 चालान करते हुए 2,110 वाहन सीज किए। इस प्रकार दोनों विभागों ने पांच माह में 83 हजार से अधिक चालान और करीब पांच हजार वाहनों को सीज किया।
पुलिस विभाग ने जानकारी दी कि नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत 158 चालान किए गए हैं। जानकारी दी कि सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में ओवरस्पीडिंग और शराब पीकर वाहन चलाना शामिल है। इन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सड़क सुरक्षा कोष से खरीदे गए अल्कोमीटर पुलिस और परिवहन विभाग को दिए गए।
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एडीएम ने ओवरलोडिंग, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग, सीट बेल्ट न लगाने और तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ अभियान अधिक सख्ती से चलाने के निर्देश दिए। बैठक में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलने वाली राहत और मुआवजा योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
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जिला कार्यालय सभागार में एडीएम (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जनवरी से मई 2026 तक पुलिस विभाग ने 52,736 वाहनों के चालान किए और 2,882 वाहन सीज किए। वहीं परिवहन विभाग ने 30,519 चालान करते हुए 2,110 वाहन सीज किए। इस प्रकार दोनों विभागों ने पांच माह में 83 हजार से अधिक चालान और करीब पांच हजार वाहनों को सीज किया।
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पुलिस विभाग ने जानकारी दी कि नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत 158 चालान किए गए हैं। जानकारी दी कि सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में ओवरस्पीडिंग और शराब पीकर वाहन चलाना शामिल है। इन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सड़क सुरक्षा कोष से खरीदे गए अल्कोमीटर पुलिस और परिवहन विभाग को दिए गए।
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एडीएम ने ओवरलोडिंग, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग, सीट बेल्ट न लगाने और तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ अभियान अधिक सख्ती से चलाने के निर्देश दिए। बैठक में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलने वाली राहत और मुआवजा योजनाओं की भी समीक्षा की गई।