{"_id":"58935d574f1c1bda10e80015","slug":"country-heading-towards-financial-freedom","type":"story","status":"publish","title_hn":"आर्थिक आजादी की ओर बढ़ रहा देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आर्थिक आजादी की ओर बढ़ रहा देश
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Thu, 02 Feb 2017 09:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि भारत अब आर्थिक आजादी की ओर बढ़ रहा है। देश का कारोबार बढ़ाने के लिए पतंजलि परिवार का व्यापक योगदान है।
दिव्य योग मंदिर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि नए बजट के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में दस्तक की तैयारी पतंजलि योगपीठ भी कर रही है। देशभर में आयुर्वेद का कारोबार जिस गति से बढ़ा है, उसे देखते हुए अवसरों के द्वार खुल गए हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और जड़ी-बूटियां देश में पहले भी थी, लेकिन विश्व व्यापी बनाने का काम बाबा रामदेव ने किया है। देश में उन्नत अर्थव्यवस्था लाकर प्रगति का मार्ग खोल दिया गया है। केंद्र सरकार के ये प्रयास आने वाले समय में बेहद मुफीद साबित होंगे। पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में योग और आयुर्वेद की मांग बढ़ रही है। सभी पड़ोसी देशों में आयुर्वेद लगातार फैलता जा रहा है। यहां तक कि पाकिस्तान, बंग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे मुस्लिम देशों में भारतीय आयुर्वेदिक औषधियों का प्रचलन बहुत बढ़ गया है।
आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि पतंजलि संस्थानों का देश और नेपाल में विस्तार जारी है। आयुर्वेद और जड़ी-बूटियों को विज्ञान सम्मत बनाकर दुनिया भर में बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब जड़ी-बूटियों के साथ-साथ कृषि विशेषताओं का विस्तार सर्वत्र किया जाएगा। गाय जैसे पशुओं को विकसित करने का काम पतंजलि योगपीठ शुरू कर चुकी है। अब जैविक खाद के माध्यम से कृषि क्रांति की तैयारी की जा रही है।
दिव्य योग मंदिर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि नए बजट के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में दस्तक की तैयारी पतंजलि योगपीठ भी कर रही है। देशभर में आयुर्वेद का कारोबार जिस गति से बढ़ा है, उसे देखते हुए अवसरों के द्वार खुल गए हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और जड़ी-बूटियां देश में पहले भी थी, लेकिन विश्व व्यापी बनाने का काम बाबा रामदेव ने किया है। देश में उन्नत अर्थव्यवस्था लाकर प्रगति का मार्ग खोल दिया गया है। केंद्र सरकार के ये प्रयास आने वाले समय में बेहद मुफीद साबित होंगे। पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में योग और आयुर्वेद की मांग बढ़ रही है। सभी पड़ोसी देशों में आयुर्वेद लगातार फैलता जा रहा है। यहां तक कि पाकिस्तान, बंग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे मुस्लिम देशों में भारतीय आयुर्वेदिक औषधियों का प्रचलन बहुत बढ़ गया है।
विज्ञापन
आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि पतंजलि संस्थानों का देश और नेपाल में विस्तार जारी है। आयुर्वेद और जड़ी-बूटियों को विज्ञान सम्मत बनाकर दुनिया भर में बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब जड़ी-बूटियों के साथ-साथ कृषि विशेषताओं का विस्तार सर्वत्र किया जाएगा। गाय जैसे पशुओं को विकसित करने का काम पतंजलि योगपीठ शुरू कर चुकी है। अब जैविक खाद के माध्यम से कृषि क्रांति की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन