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उत्तराखंड में कोरोना : ... तो क्या मरीजों के फर्जी पर्चें बनाकर हो रही थी कालाबाजारी
Mon, 03 May 2021 01:53 PM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 03 May 2021 01:53 PM IST
सार
ऐसे में डॉक्टर के पर्चे पर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके मरीजों के नाम पर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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Remdesivir injections
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कोरोना संक्रमण काल में गंभीर मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए सबसे अधिक जद्दोजहद रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए हो रही है। इस इंजेक्शन को पाने के लिए लोग वीआईपी एप्रोच तक लगा रहे हैं। ऐसे में डॉक्टर के पर्चे पर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके मरीजों के नाम पर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि कहीं रेमडेसिविर के लिए मरीजों के फर्जी पर्चे तो नहीं तैयार किए जा रहे हैं।
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वैश्विक महामारी कोरोना से मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। कोई दवा के लिए परेशान है तो कोई ऑक्सीजन के लिए। रेमडेसिविर की मांग बढ़ने पर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले लोग भी सक्रिय हो गए हैं। हाल ही में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हरिद्वार के रानीपुर कोतवाली क्षेत्र से नकली लेबल लगाकर रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह को पकड़ा था।
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अब कनखल थाना क्षेत्र में डॉक्टर के पर्चे लेकर दो अलग-अलग मरीजों के नाम से रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदने का मामला सामने आया है। आरोपी के पास से पर्चे भी अस्पताल से दो दिन पूर्व डिस्चार्ज हो चुके मरीजों के नाम पर मिले हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अस्पताल के डॉक्टर का पर्चा मरीज के पास न होकर सुनील के पास कैसे आया।
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वहीं, पूछताछ के दौरान सुनील ने बताया कि पर्चा उसे जीवन रक्षक ब्लड बैंक के मैनेजर जगबीर सिंह ने दिया है। इसके बाद पुलिस फरार जगबीर को पकड़ने के लिए दबिश देने में जुटी है। जगबीर के पकड़े जाने के बाद ही पता चल पाएगा कि डॉक्टर के पर्चे उसके पास कैसे पहुंचे। अस्पताल प्रबंधन भी जांच की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ने में जुटा है। संवाद
जगबीर के पकड़े जाने से खुलेंगे कई राज
जीवन रक्षक ब्लड बैंक के मैनेजर जगबीर सिंह के पकड़े जाने के बाद ही इस मामले में और राज खुलेंगे। ऐसे में पुलिस के सामने चुनौती है कि वह जल्द से जल्द जगबीर को पकड़कर उससे पूछताछ करे।