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Haridwar News: टैक्स चोरी कर सोलर पावर जनरेटिंग की आड़ में कर रहे थे बैटरी सप्लाई
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हरिद्वार। जीएसटी की हरिद्वार और देहरादून संभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने भगवानपुर क्षेत्र की एक फैक्टरी में छापा मारा। जहां टैक्स चोरी करते हुए सोलर पावर जनरेटिंग सिस्टम की आड़ में बैटरी की सप्लाई की जा रही थी। टैक्स चोरी करने पर पांच करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। फिलहाल फर्माें की तरफ से 1.90 करोड़ मौके पर ही जमा कर दिए गए हैं।
जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर कार्तिकेय वर्मा के मुताबिक, मंगलवार को सूचना मिली थी कि भगवानपुर क्षेत्र में अवस्थित बैटरी निर्माता कंपनी और उसकी सहयोगी चार ट्रेडिंग फर्माें में खेल चल रहा है। इसके बाद हरिद्वार और देहरादून संभाग की विशेष अनुसंधान इकाइयों ने चारों फर्मों में छापा मारा। प्रवर्तन के अलावा कर निर्धारण अधिकारियों ने पड़ताल शुरू की। तब सामने आया कि बैटरी निर्माता फर्म की ओर से सोलर पावर जनरेटिंग सिस्टम की आड़ में बैटरी की सप्लाई की जा रही है। सामने आया कि सोलर पैनल केवल दिखावे के लिए परिवहन के समय भेजे जाते थे फिर वही सोलर पैनल बाद में चालान पर वापस आ जाते थे।
स्टॉक मेंटेन करने के लिए पैनल की खरीद अपनी सहयोगी फर्मों से की जा रही है। निर्माता कंपनी बैटरी की सप्लाई पर देय 28 फीसदी की जगह 12 फीसदी टैक्स ही दर्शा रही थी। टीम ने रात 12 बजे से लेकर डेढ़ बजे तक कार्रवाई की। डिप्टी कमिश्नर कार्तिकेय वर्मा ने बताया कि फिलहाल पांच करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। जांच चल रही है। अभी ये राशि और बढ़ सकती है। कंपनी की तरफ से एक करोड़ 90 लाख का जुर्माना मौके पर ही जमा किया गया है। शेष रकम जल्द जमा की जाएगी।
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जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर कार्तिकेय वर्मा के मुताबिक, मंगलवार को सूचना मिली थी कि भगवानपुर क्षेत्र में अवस्थित बैटरी निर्माता कंपनी और उसकी सहयोगी चार ट्रेडिंग फर्माें में खेल चल रहा है। इसके बाद हरिद्वार और देहरादून संभाग की विशेष अनुसंधान इकाइयों ने चारों फर्मों में छापा मारा। प्रवर्तन के अलावा कर निर्धारण अधिकारियों ने पड़ताल शुरू की। तब सामने आया कि बैटरी निर्माता फर्म की ओर से सोलर पावर जनरेटिंग सिस्टम की आड़ में बैटरी की सप्लाई की जा रही है। सामने आया कि सोलर पैनल केवल दिखावे के लिए परिवहन के समय भेजे जाते थे फिर वही सोलर पैनल बाद में चालान पर वापस आ जाते थे।
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स्टॉक मेंटेन करने के लिए पैनल की खरीद अपनी सहयोगी फर्मों से की जा रही है। निर्माता कंपनी बैटरी की सप्लाई पर देय 28 फीसदी की जगह 12 फीसदी टैक्स ही दर्शा रही थी। टीम ने रात 12 बजे से लेकर डेढ़ बजे तक कार्रवाई की। डिप्टी कमिश्नर कार्तिकेय वर्मा ने बताया कि फिलहाल पांच करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। जांच चल रही है। अभी ये राशि और बढ़ सकती है। कंपनी की तरफ से एक करोड़ 90 लाख का जुर्माना मौके पर ही जमा किया गया है। शेष रकम जल्द जमा की जाएगी।
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