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टूटी सड़कें और खुले सीवर चेंबर बने मुसीबत
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हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) की ओर से सराय में विकसित किए गए ट्रांसपोर्ट नगर में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। सड़कें क्षतिग्रस्त होने के साथ ही सीवर चैंबर के ढक्कन खुले होने से मुसीबत खड़ी हो रही है। झाड़ियां उगने से सांप बिच्छुओं के आने का खतरा दुकानदारों को सता रहा है। स्ट्रीट लाइटें न होने से शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है। शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है।
एचआरडीए की ओर से वर्ष 2009 में कृषि उत्पादन मंडी समिति ज्वालापुर से आगे सराय रोड के पास ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना की गई थी। यहां करीब 70 ट्रांसपोर्टरों के साथ ही बड़े वाहनों के मिस्त्रियों को दुकानें आवंटित की गई हैं। दुकानों का आवंटन तो एचआरडीए ने कर दिया, लेकिन सुविधाएं देना भूल गया।
शुक्रवार को अमर उजाला ने ट्रांसफर नगर की व्यवस्थाओं को लेकर पड़ताल की। चारों तरफ अव्यवस्थाएं ही नजर आई। सड़कों में जगह-जगह गहरे गड्ढे होने के साथ ही सीवर चैंबर खुले पड़े दिखे। अंदर चारों तरफ बड़ी-बड़ी झाड़ियां और गंदगी का अंबार था। झाड़ियों से ट्रांसपोर्ट की तस्वीर जंगल की तरह नजर आ रही थी।
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ट्रांसपोर्ट नगर में काफी समस्याओं से दुकानदारों को जूझना पड़ रहा है। सड़क खराब होने के साथ ही सीवर चैंबर खुले पड़े हैं। झाड़ियां उगी हुई हैं और रात को अंधेरा पसरा रहता है। रास्तों पर जगह-जगह अवैध कब्जे हो गए। जिससे बड़ी गाड़ियां भी अंदर नहीं पहुंच पाती हैं।
समस्याओं के समाधान के लिए कई बार एचआरडीए के अधिकारियों से लेकर डीएम को पत्र लिखा गया। लेकिन आज तक भी समस्याएं ज्यों की त्यों हैं। जिससे मिस्त्री और ट्रांसपोर्टरों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
ट्रांसपोर्ट नगर की समस्याओं की तरफ कोई ध्यान देने को तैयार नहीं है। सड़कें खराब पड़ी हैं। तमाम असुविधाएं होने से दुकानदारों के सामने परेशानी खड़ी हो रही है।
ट्रांसपोर्ट नगर योजना से जुड़ी सभी समस्याएं दूर कराई जाएंगी। इसको लेकर बोर्ड बैठक में अनुमति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरा कराई जा रही है। जल्द व्यवस्थाएं दुरुस्त करा दी जाएंगी।
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एचआरडीए की ओर से वर्ष 2009 में कृषि उत्पादन मंडी समिति ज्वालापुर से आगे सराय रोड के पास ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना की गई थी। यहां करीब 70 ट्रांसपोर्टरों के साथ ही बड़े वाहनों के मिस्त्रियों को दुकानें आवंटित की गई हैं। दुकानों का आवंटन तो एचआरडीए ने कर दिया, लेकिन सुविधाएं देना भूल गया।
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शुक्रवार को अमर उजाला ने ट्रांसफर नगर की व्यवस्थाओं को लेकर पड़ताल की। चारों तरफ अव्यवस्थाएं ही नजर आई। सड़कों में जगह-जगह गहरे गड्ढे होने के साथ ही सीवर चैंबर खुले पड़े दिखे। अंदर चारों तरफ बड़ी-बड़ी झाड़ियां और गंदगी का अंबार था। झाड़ियों से ट्रांसपोर्ट की तस्वीर जंगल की तरह नजर आ रही थी।
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ट्रांसपोर्ट नगर में काफी समस्याओं से दुकानदारों को जूझना पड़ रहा है। सड़क खराब होने के साथ ही सीवर चैंबर खुले पड़े हैं। झाड़ियां उगी हुई हैं और रात को अंधेरा पसरा रहता है। रास्तों पर जगह-जगह अवैध कब्जे हो गए। जिससे बड़ी गाड़ियां भी अंदर नहीं पहुंच पाती हैं।
समस्याओं के समाधान के लिए कई बार एचआरडीए के अधिकारियों से लेकर डीएम को पत्र लिखा गया। लेकिन आज तक भी समस्याएं ज्यों की त्यों हैं। जिससे मिस्त्री और ट्रांसपोर्टरों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
ट्रांसपोर्ट नगर की समस्याओं की तरफ कोई ध्यान देने को तैयार नहीं है। सड़कें खराब पड़ी हैं। तमाम असुविधाएं होने से दुकानदारों के सामने परेशानी खड़ी हो रही है।
ट्रांसपोर्ट नगर योजना से जुड़ी सभी समस्याएं दूर कराई जाएंगी। इसको लेकर बोर्ड बैठक में अनुमति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरा कराई जा रही है। जल्द व्यवस्थाएं दुरुस्त करा दी जाएंगी।