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सरकारी आवास का इंतजार, किराए पर दिन काट रहा परिवार

Wed, 24 Nov 2021 08:30 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 24 Nov 2021 08:30 PM IST
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Broken raw in the hope of concrete, housing scheme has left nowhere
नसीरपुर कलां में सरकारी आवास बनाने के लिए बजट के इंतजार में नींव भरी पड़ी लाभार्थी की जगह । - फोटो : HARIDWAR
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को लाभ दिलाने का आलम यह है कि चयन होने के बाद आठ महीने बाद भी पहली किस्त जारी नहीं हो रही है। चयन होने के बाद एक गरीब महिला ने अपना कच्चा घर तोड़ दिया और खून पसीने की कमाई से नींव भी डलवा दी। इतने महीने बीतने के बाद भी योजना के तहत पहली किस्त भी नहीं मिली। यह परिवार अब किराये के मकान पर रह रहा है।
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नसीरपुर कलां गांव की पिंकी पत्नी गुलाब सिंह समेत पांच लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदन किया था। जानकारी के अनुसार सभी कागजी कार्यवाही करने के बाद आठ महीने पहले योजना के तहत उनका चयन भी हो गया था।
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गांव के बाकी चार परिवार तो अपने कच्चे घर में ही रह रहे हैं। पिंकी ने विकास विभाग के अधिकारियों के कहने और योजना के तहत लाभ मिलने की उम्मीद पर अपना कच्चा घर तोड़ दिया और गांव में ही किसी के यहां किराये पर रहने लगी। यही नहीं उसने अपनी जमा पूंजी से पक्के मकान के लिए नींव भी डलवा दी थी। अभी तक आवास के लिए पहली किस्त भी नहीं मिली है।
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इसके कारण पिंकी आठ महीने से अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रह रही हैं। जिसमें उसे किराया देने के साथ ही अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, ग्राम विकास अधिकारी विनोद मिश्रा का कहना है कि अभी तक आवास के निर्माण के लिए शासन से धनराशि आवंटित नहीं हुई है। पैसा आने पर लाभार्थी देकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। संवाद
ब्लॉक कार्यालय का काट रहे चक्कर
नसीरपुर कलां गांव से जिन अन्य परिवारों का चयन योजना के तहत हुआ है, वह महीनों से विकासखंड कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। चयन प्रक्रिया सिर्फ कागजों तक है। धरातल पर योजना साकार होना तो दूर पहली किस्त तक नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को लाभार्थियों को जल्द पहली किस्त जारी करनी चाहिए।
ऐसे मिलता है पैैसा
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 60 हजार रुपये मिलता है। छत पड़ने पर दूसरी किस्त में 40 हजार और मकान पूरा होने पर 30 हजार रुपये लाभार्थी को उपलब्ध कराया जाता है। जिससे लाभार्थी को कुल एक लाख 30 हजार की राशि आवास बनाने को दी जाती है।
ये हैं मानक
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन परिवारों को योजना का लाभ दिया जाता है। जिनके आवास नहीं है। ऐसे लोग जो झोपड़ी में रहे हों या फिर आवास कच्चा हो। जिन के लोगों के पास ढाई एक्कड़ से अधिक जमीन, मोटर साइकिल समेत कोई वाहन, टीवी, मोबाइल फोन, सरकारी नौकरी आदि होती है। उन्हें योजना में बाहर रखा जाता है।

सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पहली और दूसरी किस्त जारी की जा रही है। जैसे ही सत्यापन रिपोर्ट आती रहती है, वैसे ही लाभार्थियों के खातों में पैसा भेज दिया जाता है। सत्यापन का कार्य तेज करने के निर्देश दिए जाएंगे।
- आरसी तिवारी, परियोजना निदेशक, ग्राम्य विकास विभाग
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