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बीएलओ ने निशुल्क फार्म बेच दिए
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Mon, 18 May 2015 12:02 AM IST
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निर्वाचन विभाग की ओर से चलाए गए मतदाता सत्यापन अभियान को उनके बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) ही पलीता लगाने में जुटे हुए हैं। विभाग की ओर से नए मतदाता बनाने के लिए फार्म निशुल्क उपलब्ध कराए गए हैं लेकिन बीएलओ उन्हें दस-दस रुपये में बेचने में लगे हुए हैं। लोग इसकी लगातार शिकायतें कर रहे हैं।
रविवार को भी कई जगहों से इसकी शिकायतें आई तो अमर उजाला टीम ने इसकी सच्चाई परखी। टीम की ओर से जगजीतपुर की राजविहार कालोनी में फुटबाल ग्राउंड के पास एक दुकान के बाहर बैठी बीएलओ के पास एक महिला को फार्म लेने भेजा। महिला ने दो फार्म मांगे। इसकी एवज में बीएलओ ने महिला से 20 रुपये ले लिए। बीएलओ ने प्रत्येक फार्म की कीमत दस रुपये बताई।
संबंधित विभाग से जानकारी लेने की बात कहते हुए महिला वहां से चल दी तो पीछे से बीएलओ ने 20 रुपये में से दस रुपये लौटा दिए। बीएलओ का कहना था उन्हें विभाग की ओर से पूरे फार्म नहीं मिलते। उन्हें प्रति फार्म दस रुपये फोटोकापी के देने पड़ते हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों में गच्चा दे गए बीएलओ
बहादराबाद। चटक धूप के बावजूद मतदाता पहचान पत्र बनवाने के बूथ पर पहुंचे ग्रामीणों को बीएलओ ने गच्चा दिया। रोहालकी, अलीपुर, अहमपुर गांवों के प्राथमिक विद्यालयों समेत अन्य बूथों पर बीएलओ नदारद रहे। इन बूथों पर लोग वोट बनवाने के लिए दिनभर भटकते रहे।
बूथ पर ताला
धनौरी/पथरी। सरकारी कार्यालयों में लगे बूथ पर ताला लटका रहने से बीएलओ ने घर-घर जाकर लोगों के पहचान पत्रों का काम निपटाया। इस बीच दौलतपुर, बहादरपुर, धनौरा जसवावाला, नसीरपुर कलां, बादशाहपुर आदि क्षेत्रों के लोगों को राहत मिली।
कुर्सी मिली न पानी, लगाया शिविर
मतदाता पहचान पत्र सूची के शुद्धिकरण के लिए निर्वाचन विभाग ने बूथों पर विशेष शिविर लगाया। लेकिन शिविर अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया। कुर्सी नहीं मिलने से बीएलओ बाइक पर बैठकर फार्म भरते रहे।
देवपुरा स्थित एसएमजेएन पीजी कालेज के एक कोने में बीएलओ मौजूद मिले। यहां कुर्सी की कमी के कारण बीएलओ बाइक पर बैठ कर मतदाता पहचान पत्र सूची शुद्धिकरण का काम करते रहे। अव्यवस्था का आलम यह रहा कि अधिकतर बूथ प्राथमिक विद्यालयों और सरकारी कार्यालयों में लगाए गए थे। जहां अवकाश रहने से पेयजल की समस्या बढ़ गई। बीएलओ पानी लेने गए तो उनकी मेज के इर्दगिर्द लोगों की भीड़ इंतजार करती रही।
इनका कहना है
-नए मतदाता बनाने का फार्म निशुल्क दिया जाता है। अगर इसके बदले पैसे लिए जा रहे हैं तो जांच कराई जाएगी। संबंधित बीएलओ से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। निर्वाचन विभाग के पास फार्म की कमी नहीं है, फिर फोटोकापी कराने की जरूरत कहां और क्यों पड़ गई। जिन स्थानों पर बीएलओ नहीं पहुंचने की शिकायत मिलेगी, वहां भी कार्रवाई की जाएगी।
- पीबी बुदलाकोटी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हरिद्वार
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रविवार को भी कई जगहों से इसकी शिकायतें आई तो अमर उजाला टीम ने इसकी सच्चाई परखी। टीम की ओर से जगजीतपुर की राजविहार कालोनी में फुटबाल ग्राउंड के पास एक दुकान के बाहर बैठी बीएलओ के पास एक महिला को फार्म लेने भेजा। महिला ने दो फार्म मांगे। इसकी एवज में बीएलओ ने महिला से 20 रुपये ले लिए। बीएलओ ने प्रत्येक फार्म की कीमत दस रुपये बताई।
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संबंधित विभाग से जानकारी लेने की बात कहते हुए महिला वहां से चल दी तो पीछे से बीएलओ ने 20 रुपये में से दस रुपये लौटा दिए। बीएलओ का कहना था उन्हें विभाग की ओर से पूरे फार्म नहीं मिलते। उन्हें प्रति फार्म दस रुपये फोटोकापी के देने पड़ते हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों में गच्चा दे गए बीएलओ
बहादराबाद। चटक धूप के बावजूद मतदाता पहचान पत्र बनवाने के बूथ पर पहुंचे ग्रामीणों को बीएलओ ने गच्चा दिया। रोहालकी, अलीपुर, अहमपुर गांवों के प्राथमिक विद्यालयों समेत अन्य बूथों पर बीएलओ नदारद रहे। इन बूथों पर लोग वोट बनवाने के लिए दिनभर भटकते रहे।
बूथ पर ताला
धनौरी/पथरी। सरकारी कार्यालयों में लगे बूथ पर ताला लटका रहने से बीएलओ ने घर-घर जाकर लोगों के पहचान पत्रों का काम निपटाया। इस बीच दौलतपुर, बहादरपुर, धनौरा जसवावाला, नसीरपुर कलां, बादशाहपुर आदि क्षेत्रों के लोगों को राहत मिली।
कुर्सी मिली न पानी, लगाया शिविर
मतदाता पहचान पत्र सूची के शुद्धिकरण के लिए निर्वाचन विभाग ने बूथों पर विशेष शिविर लगाया। लेकिन शिविर अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया। कुर्सी नहीं मिलने से बीएलओ बाइक पर बैठकर फार्म भरते रहे।
देवपुरा स्थित एसएमजेएन पीजी कालेज के एक कोने में बीएलओ मौजूद मिले। यहां कुर्सी की कमी के कारण बीएलओ बाइक पर बैठ कर मतदाता पहचान पत्र सूची शुद्धिकरण का काम करते रहे। अव्यवस्था का आलम यह रहा कि अधिकतर बूथ प्राथमिक विद्यालयों और सरकारी कार्यालयों में लगाए गए थे। जहां अवकाश रहने से पेयजल की समस्या बढ़ गई। बीएलओ पानी लेने गए तो उनकी मेज के इर्दगिर्द लोगों की भीड़ इंतजार करती रही।
इनका कहना है
-नए मतदाता बनाने का फार्म निशुल्क दिया जाता है। अगर इसके बदले पैसे लिए जा रहे हैं तो जांच कराई जाएगी। संबंधित बीएलओ से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। निर्वाचन विभाग के पास फार्म की कमी नहीं है, फिर फोटोकापी कराने की जरूरत कहां और क्यों पड़ गई। जिन स्थानों पर बीएलओ नहीं पहुंचने की शिकायत मिलेगी, वहां भी कार्रवाई की जाएगी।
- पीबी बुदलाकोटी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हरिद्वार