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भेल इंजीनियर ने पत्नी-बेटे को ठुकराया
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Sat, 04 Feb 2017 10:03 PM IST
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भेल के एक इंजीनियर ने अपनी पत्नी और दो साल के मासूम बेटे को अपनाने से इंकार कर डाला। दर-दर की ठोकर खा रही महिला और उसके बेटे के लिए अब पुलिस ही सुरक्षित छत ढूंढने में जुटी है।
शुक्रवार को भेल क्षेत्र में पुलिस को लावारिस अवस्था में घूमते हुए एक महिला और उसका दो साल का बेटा मिला। पुलिस उसे कोतवाली ले आई। महिला से पूछताछ में बताया कि उसकी दिमागी स्थिति ठीक नहीं है। हालांकि, महिला ने अपना नाम शताब्दी चक्रवर्ती बताते हुए जानकारी दी कि उसका पति शांतन चक्रवती भेल में इंजीनियर है। पता चला कि महिला मूल रूप से अलीपुर कोलकाता की रहने वाली है और उसका सगा भाई ही उसे रेलवे स्टेशन ज्वालापुर पर छोड़कर गायब हो गया है। पुलिस ने खोजबीन कर उसके पति को ढूंढ निकाला। पति अपनी मां के साथ कोतवाली पहुंचा। तब पता चला कि वर्ष 2013 में शादी हुई थी और फिर महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक न होने पर वर्ष 2015 में इंजीनियर पत्नी को कोलकाता छोड़ आया था। तब से महिला के मायके पक्ष के लोग उससे संपर्क कर शताब्दी को ले जाने की बात कह रहे थे, लेकिन वह राजी नहीं हुआ। पुलिस के कहने पर भी पति और उसकी मां ने महिला और उसके बच्चे को अपनाने से मना कर दिया। कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि भेलकर्मी पति के अपनाने से इंकार करने पर अब एसडीएम कोर्ट के आदेश के बाद ही मां-बेटे का भविष्य तय हो सकेगा।
शुक्रवार को भेल क्षेत्र में पुलिस को लावारिस अवस्था में घूमते हुए एक महिला और उसका दो साल का बेटा मिला। पुलिस उसे कोतवाली ले आई। महिला से पूछताछ में बताया कि उसकी दिमागी स्थिति ठीक नहीं है। हालांकि, महिला ने अपना नाम शताब्दी चक्रवर्ती बताते हुए जानकारी दी कि उसका पति शांतन चक्रवती भेल में इंजीनियर है। पता चला कि महिला मूल रूप से अलीपुर कोलकाता की रहने वाली है और उसका सगा भाई ही उसे रेलवे स्टेशन ज्वालापुर पर छोड़कर गायब हो गया है। पुलिस ने खोजबीन कर उसके पति को ढूंढ निकाला। पति अपनी मां के साथ कोतवाली पहुंचा। तब पता चला कि वर्ष 2013 में शादी हुई थी और फिर महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक न होने पर वर्ष 2015 में इंजीनियर पत्नी को कोलकाता छोड़ आया था। तब से महिला के मायके पक्ष के लोग उससे संपर्क कर शताब्दी को ले जाने की बात कह रहे थे, लेकिन वह राजी नहीं हुआ। पुलिस के कहने पर भी पति और उसकी मां ने महिला और उसके बच्चे को अपनाने से मना कर दिया। कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि भेलकर्मी पति के अपनाने से इंकार करने पर अब एसडीएम कोर्ट के आदेश के बाद ही मां-बेटे का भविष्य तय हो सकेगा।
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