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ड्रिप सिंचाई के लिए मध्यप्रदेश मॉडल अपनाएं : उनियाल
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कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाना है। अधिकारी किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि किसान ड्रिप सिंचाई के लिए मध्य प्रदेश मॉडल अपनाएं।
कृषि मंत्री शुक्रवार को मायापुर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी राज्य अतिथि गृह में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने जिला योजना के अंतर्गत अधिकारियों से प्राप्त बजट की जानकारी ली। अधिकारियों से ड्रिप सिंचाई के लिए मध्य प्रदेश मॉडल की तर्ज पर कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बीजों की सप्लाई, प्रोक्यूरमेंट नियम, मधुग्राम की जानकारी भी ली। मधुग्राम बनाने जाने के लिए मधुमक्खियों की पेटियों को इधर से उधर लेने जाने के लिए सब्सिडी की व्यवस्था है। पॉली हाउस में वर्तमान में क्या स्थिति है, उसकी जानकारी भी ली।
मुख्य उद्यान अधिकारी नरेंद्र यादव ने बताया कि डाटा क्लेक्शन के लिए एप तैयार कराया जा रहा है। एप को तैयार करने में लगभग 25000 रुपये का खर्च आएगा। एप पूरा उत्तराखंड कवर करेगा। उन्होंने बताया कि मोबाइल एप के साथ ही पोर्टल भी बनेगा। कृषि मंत्री ने एप का नाम फार्मर एप रखने का सुझाव दिया। कृषि मंत्री ने कहा कि उद्यान एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में काफी सारी संभावनाएं हैं। इनको विकसित करके किसानों की आय को दोगुनी कर सकते हैं, जिसे अब धरातल पर उतारने का समय आ गया है। इस दौरान उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशक विनोद आर्य, संयुक्त निदेशक गढ़वाल डॉॅक्टर हरमिंदर सिंह बवेजा, संयुक्त निदेशक कुमाऊं रतन कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. हरीश तिवारी आदि मौजूद रहे।
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कृषि मंत्री शुक्रवार को मायापुर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी राज्य अतिथि गृह में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने जिला योजना के अंतर्गत अधिकारियों से प्राप्त बजट की जानकारी ली। अधिकारियों से ड्रिप सिंचाई के लिए मध्य प्रदेश मॉडल की तर्ज पर कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बीजों की सप्लाई, प्रोक्यूरमेंट नियम, मधुग्राम की जानकारी भी ली। मधुग्राम बनाने जाने के लिए मधुमक्खियों की पेटियों को इधर से उधर लेने जाने के लिए सब्सिडी की व्यवस्था है। पॉली हाउस में वर्तमान में क्या स्थिति है, उसकी जानकारी भी ली।
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मुख्य उद्यान अधिकारी नरेंद्र यादव ने बताया कि डाटा क्लेक्शन के लिए एप तैयार कराया जा रहा है। एप को तैयार करने में लगभग 25000 रुपये का खर्च आएगा। एप पूरा उत्तराखंड कवर करेगा। उन्होंने बताया कि मोबाइल एप के साथ ही पोर्टल भी बनेगा। कृषि मंत्री ने एप का नाम फार्मर एप रखने का सुझाव दिया। कृषि मंत्री ने कहा कि उद्यान एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में काफी सारी संभावनाएं हैं। इनको विकसित करके किसानों की आय को दोगुनी कर सकते हैं, जिसे अब धरातल पर उतारने का समय आ गया है। इस दौरान उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशक विनोद आर्य, संयुक्त निदेशक गढ़वाल डॉॅक्टर हरमिंदर सिंह बवेजा, संयुक्त निदेशक कुमाऊं रतन कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. हरीश तिवारी आदि मौजूद रहे।
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