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साध्वी पद्मावती से मिले अच्युतानंद तीर्थ
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साध्वी पद्मावती
- फोटो : अमर उजाला
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गंगा की अविरलता को लेकर आमरण अनशन कर रही मातृसदन की अनुयायी साध्वी पद्मावती से भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज ने मुलाकात की। उन्होंने गंगा की अविरलता और निर्मलता को बेहद जरूरी बताया। साथ ही मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती और साध्वी पद्मावती से इस मुद्दे पर चर्चा भी की।
मंगलवार को तीन बजे मातृसदन पहुंचे स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने पद्मावती की कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने स्वामी शिवानंद सरस्वती से गंगा को लेकर चर्चा की। बाद में पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि गंगा की चिंता सभी को करनी चाहिए। गंगा भारतीय संस्कृति की आधार है। उसे निर्मल और अविरल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज तो वे सामान्य तौर पर शिष्टाचार भेंट करने आए थे। आंदोलन को समर्थन देने के बारे में वे विचार विमर्श के बाद ही निर्णय लेंगे।
इस बीच साध्वी पद्मावती का आमरण अनशन मंगलवार को 24वें दिन भी जारी रहा। मंगलवार को राष्ट्रीय लोकदल के पदाधिकारियों ने भी मातृसदन पहुंचकर साध्वी पद्मावती के आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। इस दौरान लोकदल के प्रदेश सचिव अर्जुन सिंह, रजनीश चौहान, धनवीर सिंह, सचिन चौधरी, शफाहत , धीरज चौधरी, जाहिद हसन और नवनीत चौधरी आदि शामिल रहे। इन सभी नेताओं ने गंगा को लेकर मातृृसदन की चिंता को उचित बताया।
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नमाज के बाद हिंसा इबादत का भी अपमान
हरिद्वार। भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज ने एनआरसी और सीएए को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग एनआरसी और सीएए को वर्ग विशेष का विरोधी बताकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जुमे की नमाज के बाद देश के कई शहरों में हिंसा हुई। शांतिप्रिय विचारधारा से संबंध रखने वाले मुसलमानों को समझना चाहिए कि जब इबादत करने आए हैं तो उसके बाद हिंसा की शिक्षा किसने दी। जो धर्म हमें इबादत करते हुए सद्भाव बनाने की शिक्षा देता है तो हिंसा का पाठ किसने पढ़ाया।
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मंगलवार को तीन बजे मातृसदन पहुंचे स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने पद्मावती की कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने स्वामी शिवानंद सरस्वती से गंगा को लेकर चर्चा की। बाद में पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि गंगा की चिंता सभी को करनी चाहिए। गंगा भारतीय संस्कृति की आधार है। उसे निर्मल और अविरल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज तो वे सामान्य तौर पर शिष्टाचार भेंट करने आए थे। आंदोलन को समर्थन देने के बारे में वे विचार विमर्श के बाद ही निर्णय लेंगे।
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इस बीच साध्वी पद्मावती का आमरण अनशन मंगलवार को 24वें दिन भी जारी रहा। मंगलवार को राष्ट्रीय लोकदल के पदाधिकारियों ने भी मातृसदन पहुंचकर साध्वी पद्मावती के आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। इस दौरान लोकदल के प्रदेश सचिव अर्जुन सिंह, रजनीश चौहान, धनवीर सिंह, सचिन चौधरी, शफाहत , धीरज चौधरी, जाहिद हसन और नवनीत चौधरी आदि शामिल रहे। इन सभी नेताओं ने गंगा को लेकर मातृृसदन की चिंता को उचित बताया।
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नमाज के बाद हिंसा इबादत का भी अपमान
हरिद्वार। भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज ने एनआरसी और सीएए को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग एनआरसी और सीएए को वर्ग विशेष का विरोधी बताकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जुमे की नमाज के बाद देश के कई शहरों में हिंसा हुई। शांतिप्रिय विचारधारा से संबंध रखने वाले मुसलमानों को समझना चाहिए कि जब इबादत करने आए हैं तो उसके बाद हिंसा की शिक्षा किसने दी। जो धर्म हमें इबादत करते हुए सद्भाव बनाने की शिक्षा देता है तो हिंसा का पाठ किसने पढ़ाया।