फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   A farmer was served a notice of Rs 5.69 lakh without paying the loan, the commission cancelled it.

Haridwar News: बिना लोन दिए किसान को थमाया 5.69 लाख का नोटिस, आयोग ने रद्द किया

Tue, 24 Mar 2026 07:57 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 24 Mar 2026 07:57 PM IST
विज्ञापन
A farmer was served a notice of Rs 5.69 lakh without paying the loan, the commission cancelled it.
रोशनाबाद। बिना ऋण राशि दिए एक किसान को लाखों रुपये की रिकवरी का नोटिस भेजना बैंक ऑफ इंडिया को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग हरिद्वार ने इसे बैंक की सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार मानते हुए 5.69 लाख रुपये का रिकवरी नोटिस निरस्त कर दिया है। साथ ही बैंक पर जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन

मामला लक्सर तहसील के मुंडाखेड़ा कला गांव निवासी किसान हरपाल से जुड़ा है। हरपाल ने आयोग में वाद दायर कर बताया कि बैंक ऑफ इंडिया की पुरकाजी मुजफ्फरनगर शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक और एक अन्य व्यक्ति रामकुमार ने उसे पॉलीहाउस में फूलों की खेती के लिए लोन दिलाने का झांसा दिया था। 70 प्रतिशत सब्सिडी का लालच देकर उससे खसरा-खतौनी समेत कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए गए। परिवार की असहमति के चलते उसने लोन लेने से मना कर दिया और बैंक से कोई धनराशि प्राप्त नहीं की। इसके बावजूद बैंक ने उस पर 5,69,346 रुपये (ब्याज सहित) की वसूली का नोटिस जारी कर दिया।
विज्ञापन

सुनवाई के दौरान बैंक ने दावा किया कि किसान की सहमति से 5 लाख रुपये की केसीसी लिमिट स्वीकृत की गई थी और 4.90 लाख रुपये तीसरे पक्ष (एक पौधशाला) को डिमांड ड्राफ्ट के जरिए दिए गए। हालांकि आयोग ने पाया कि बैंक की ओर से प्रस्तुत प्राधिकरण पत्र अधूरा था और उसमें किसी लाभार्थी का नाम तक दर्ज नहीं था। आयोग ने यह भी कहा कि बैंक यह साबित करने में विफल रहा कि ऋण राशि वास्तव में किसान या उसकी सहमति से किसी अन्य खाते में ट्रांसफर की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

आयोग के अध्यक्ष गगन कुमार गुप्ता, सदस्य डॉ. अमरेश रावत और सदस्य रंजना गोयल की पीठ ने 18 मार्च 2026 को निर्णय सुनाते हुए 5,69,346 रुपये का रिकवरी नोटिस निरस्त कर दिया। साथ ही बैंक को 45 दिनों के भीतर किसान को 15,000 रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और 8,000 रुपये वाद व्यय के रूप में देने के निर्देश दिए।
स्पष्ट किया गया कि निर्धारित समय में भुगतान न होने पर बैंक को इस राशि पर वाद दायर करने की तिथि से अंतिम भुगतान तक 10 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देना होगा।

----------------------
अन्य किसानों को भी राहत
मामले में विपक्षी रामकुमार के खिलाफ परिवाद निरस्त कर दिया गया। आयोग के अनुसार, इसी तरह के अन्य मामलों में भी कई किसानों के खिलाफ बैंक की ओर से जारी रिकवरी नोटिस रद्द किए गए हैं, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed