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Haridwar News: बकाया वेतन न मिलने से कंगाली में बीती दीपावली और ईगास
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उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को आयुष सचिव दीपेंद्र कुमार चौधरी से भेंट की और कर्मचारियों को नियमित नियुक्ति श्रेणी का बताते हुए वेतन मद में बजट जारी न होने से उत्पन्न गंभीर आर्थिक संकट से अवगत कराया।
कर्मचारियों ने कहा कि वेतन न मिलने के कारण उनकी दीपावली और ईगास (पहाड़ी दीपावली) कंगाली में बीती है। कर्मचारियों ने कहा कि अगर वित्त विभाग और शासन को कार्रवाई करनी है तो उनके विरुद्ध की जाएं जिन्होंने गलती की है। अनावश्यक रूप से वित्तिय अनियमितता और अन्य मामलों में सामान्य कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद किया जाए।
उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के महामंत्री प्रशांत मेहता ने कहा कि उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कार्मिकों को माह सितंबर से वेतन भुगतान नहीं हुआ है। इससे पहले भी कई चरणों में कई महीनों का वेतन बकाया रहा है, जिसके कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा था। कर्मचारियों ने कहा कि नियमित मासिक वेतन भुगतान के संबंध में उन्हें बार-बार आश्वासन दिए जा रहे हैं लेकिन उन आदेशों का अनुपालन नहीं हो रहा है।
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संगठन ने सचिव से आग्रह किया कि वे सकारात्मक कार्रवाई करें और कर्मचारियों के वेतन भुगतान सहित अनियमित मासिक वेतन की समस्या के निस्तारण के लिए शीघ्र वेतन बजट जारी करवाएं। इस दौरान वित्त विभाग के बजट अनुभाग अपर सचिव मनमोहन सिंह मनेली और वित्त सचिव के निजी सचिव सौरव प्रताप सिंह को उन्होंने डीडीओ कोड या आईएफएमएस के माध्यम से वेतन भुगतान करने करने के लिए पत्रक भी सौंपा। प्रतिनिधि मंडल में उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष खीमानंद भट्ट, सचिव आशुतोष गैरोला, कोषाध्यक्ष अनिल सिंह नेगी, कार्यकारणी सदस्य समीर पाण्डेय आदि मौजूद रहे।
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कर्मचारियों ने कहा कि वेतन न मिलने के कारण उनकी दीपावली और ईगास (पहाड़ी दीपावली) कंगाली में बीती है। कर्मचारियों ने कहा कि अगर वित्त विभाग और शासन को कार्रवाई करनी है तो उनके विरुद्ध की जाएं जिन्होंने गलती की है। अनावश्यक रूप से वित्तिय अनियमितता और अन्य मामलों में सामान्य कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद किया जाए।
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उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के महामंत्री प्रशांत मेहता ने कहा कि उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कार्मिकों को माह सितंबर से वेतन भुगतान नहीं हुआ है। इससे पहले भी कई चरणों में कई महीनों का वेतन बकाया रहा है, जिसके कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा था। कर्मचारियों ने कहा कि नियमित मासिक वेतन भुगतान के संबंध में उन्हें बार-बार आश्वासन दिए जा रहे हैं लेकिन उन आदेशों का अनुपालन नहीं हो रहा है।
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संगठन ने सचिव से आग्रह किया कि वे सकारात्मक कार्रवाई करें और कर्मचारियों के वेतन भुगतान सहित अनियमित मासिक वेतन की समस्या के निस्तारण के लिए शीघ्र वेतन बजट जारी करवाएं। इस दौरान वित्त विभाग के बजट अनुभाग अपर सचिव मनमोहन सिंह मनेली और वित्त सचिव के निजी सचिव सौरव प्रताप सिंह को उन्होंने डीडीओ कोड या आईएफएमएस के माध्यम से वेतन भुगतान करने करने के लिए पत्रक भी सौंपा। प्रतिनिधि मंडल में उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष खीमानंद भट्ट, सचिव आशुतोष गैरोला, कोषाध्यक्ष अनिल सिंह नेगी, कार्यकारणी सदस्य समीर पाण्डेय आदि मौजूद रहे।