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Haridwar News: दिव्यांगों के अधिकार और मानसिक स्वास्थ्य के लिए चलेगा अभियान
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हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने वर्ष 2026 के लिए अपनी सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम और वार्षिक कार्य योजना की घोषणा की है। इसका उद्देश्य कानूनी सहायता, जागरूकता और आउटरीच पहलों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना है। अब जून में जारी कार्ययोजना के अनुसार दिव्यांगों के अधिकार और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अभियान चलाया जाएगा।
यह कार्यक्रम प्रत्येक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, तहसील विधिक सेवा समिति और पैरा लीगल स्वयंसेवक को जन-केंद्रित और प्रभावशाली गतिविधियां आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इस का मुख्य लक्ष्य उत्तराखंड में कमजोर समूहों के लिए न्याय तक पहुंच बढ़ाना है। इसमें महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति/जनजाति समुदाय शामिल हैं। आपदा पीड़ित और मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित लोग भी इस लक्ष्य का हिस्सा हैं।
प्राधिकरण कानूनी सेवा शिविर मॉड्यूल के माध्यम से कानूनी साक्षरता भी बढ़ाएगा। केंद्रीय और राज्य कल्याण योजनाओं के साथ तालमेल बिठाना एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है। नालसा योजनाओं और अन्य कानूनी सहायता सेवाओं का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। सभी कार्यान्वयन एजेंसियों को अगले महीने की पांच तारीख तक अपनी प्रगति रिपोर्ट प्राधिकरण को प्रस्तुत करनी होगी।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने बताया कि अप्रैल में श्रमिकों, उपभोक्ताओं और पीड़ितों के लिए न्याय और उनके अधिकारों के लिए कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी तरह मई माह में बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों का सशक्तीकरण कार्यक्रम के उद्देश्यों में शामिल रहा। अब जून में जारी कार्ययोजना के अनुसार दिव्यांगों के अधिकार और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अभियान चलाया जाएगा। इसमें दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम होंगे।
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यह कार्यक्रम प्रत्येक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, तहसील विधिक सेवा समिति और पैरा लीगल स्वयंसेवक को जन-केंद्रित और प्रभावशाली गतिविधियां आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इस का मुख्य लक्ष्य उत्तराखंड में कमजोर समूहों के लिए न्याय तक पहुंच बढ़ाना है। इसमें महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति/जनजाति समुदाय शामिल हैं। आपदा पीड़ित और मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित लोग भी इस लक्ष्य का हिस्सा हैं।
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प्राधिकरण कानूनी सेवा शिविर मॉड्यूल के माध्यम से कानूनी साक्षरता भी बढ़ाएगा। केंद्रीय और राज्य कल्याण योजनाओं के साथ तालमेल बिठाना एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है। नालसा योजनाओं और अन्य कानूनी सहायता सेवाओं का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। सभी कार्यान्वयन एजेंसियों को अगले महीने की पांच तारीख तक अपनी प्रगति रिपोर्ट प्राधिकरण को प्रस्तुत करनी होगी।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने बताया कि अप्रैल में श्रमिकों, उपभोक्ताओं और पीड़ितों के लिए न्याय और उनके अधिकारों के लिए कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी तरह मई माह में बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों का सशक्तीकरण कार्यक्रम के उद्देश्यों में शामिल रहा। अब जून में जारी कार्ययोजना के अनुसार दिव्यांगों के अधिकार और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अभियान चलाया जाएगा। इसमें दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम होंगे।