{"_id":"12-53654","slug":"Haridwar-53654-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"शादी से पहले दूल्हा हुआ फुर्र, फेरे टले ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शादी से पहले दूल्हा हुआ फुर्र, फेरे टले
Haridwar
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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पथरी। बैंड, बाजा और बाराती तैयार, लेकिन दूल्हा घोड़ी चढ़ने से पहले ही गायब। सज-संवर कर शादी में शामिल होने आए बाराती और घरातियों ने दूल्हे राजा की तलाश में बहुत दौड़-धूप की। लेकिन, देर शाम तक उसका कुछ पता न चल सका। आखिरकार लड़की वालों को मायूस होकर लौटना पड़ा। दूसरी ओर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने में बिरादरी के जिम्मेदारों को भी पसीना बहाना पड़ा।
पथरी थाना क्षेत्र के रानी माजरा गांव निवासी एक युवक की शादी मेरठ निवासी युवती से तय हुई थी। शादी 25 नवंबर को थी। शनिवार को दोनों की सगाई थी। शादी का न्योता रिश्तेदार, दोस्त और बिरादरी को भिजवा दिया गया था। लड़की वाले भी पूरी तैयारी के साथ गांव पहुंच गए। फेरुपुर स्थित वैंकट हॉल भी बुक कर लिया गया था। सगाई से पहले गांव में बैंड-बाजे का भी माहौल तैयार किया गया था। सगाई के बाद घुड़चढ़ी होनी थी, लेकिन, दूल्हा घोड़ी चढ़ने से पहले ही फुर्र हो गया। बताया जा रहा है कि दूल्हा शादी से नाखुश था। उसने अपने परिजनों को पहले ही बता दिया था, लेकिन बिरादरी में बात गिरने के डर से परिवार ने दूल्हे की एक न सुनी गई।
नाराज दूल्हा सगाई वाले दिन गायब हो गया। उसकी तलाश में सजधज के बैठे लड़के-लड़की वालों ने पूरा गांव छान मारा। बिरादरी के जिम्मेदारों ने भी गांव के जवानों को दूल्हे की तलाश में लगा दिया। लेकिन, देर शाम तक उसका कुछ पता नहीं चला। इससे लड़की वाले नाराज हो गए। आखिरकार बिरादरी के लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया। इसके बाद लड़की वाले अपनी बेटी को बिना ब्याह किए ही वापस ले गए।
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पथरी थाना क्षेत्र के रानी माजरा गांव निवासी एक युवक की शादी मेरठ निवासी युवती से तय हुई थी। शादी 25 नवंबर को थी। शनिवार को दोनों की सगाई थी। शादी का न्योता रिश्तेदार, दोस्त और बिरादरी को भिजवा दिया गया था। लड़की वाले भी पूरी तैयारी के साथ गांव पहुंच गए। फेरुपुर स्थित वैंकट हॉल भी बुक कर लिया गया था। सगाई से पहले गांव में बैंड-बाजे का भी माहौल तैयार किया गया था। सगाई के बाद घुड़चढ़ी होनी थी, लेकिन, दूल्हा घोड़ी चढ़ने से पहले ही फुर्र हो गया। बताया जा रहा है कि दूल्हा शादी से नाखुश था। उसने अपने परिजनों को पहले ही बता दिया था, लेकिन बिरादरी में बात गिरने के डर से परिवार ने दूल्हे की एक न सुनी गई।
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नाराज दूल्हा सगाई वाले दिन गायब हो गया। उसकी तलाश में सजधज के बैठे लड़के-लड़की वालों ने पूरा गांव छान मारा। बिरादरी के जिम्मेदारों ने भी गांव के जवानों को दूल्हे की तलाश में लगा दिया। लेकिन, देर शाम तक उसका कुछ पता नहीं चला। इससे लड़की वाले नाराज हो गए। आखिरकार बिरादरी के लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया। इसके बाद लड़की वाले अपनी बेटी को बिना ब्याह किए ही वापस ले गए।
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