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पनवाड़ की फली खाने से दो मासूमों की मौत
Haridwar
Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
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लक्सर। रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में कहर बरपाने के बाद अब लक्सर क्षेत्र में भी पनवाड़ की जहरीली फली ने दो मासूमों की जान ले ली है। दो बच्चों की मौत से ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। क्षेत्र में अभी तक पनवाड़ की फली खाने से नौ बच्चों की मौत हो चुकी है।
लक्सर क्षेत्र के कुड़ी नेटवाला गांव निवासी पोपिन की चार वर्षीय पुत्री वंशिका दो दिन पहले क्षेत्र के ही गांव बालावाली अपने मामा के यहां गई थी। बताया जाता है कि बुधवार को वंशिका अपनी हमउम्र ममेरी बहन वसुमा के साथ खेलते-खेलते खेतों की तरफ चली गई। वंशिका और वसुमा ने वहां उगी पनवाड़ की झाड़ियों से फली तोड़कर खा लीं। पनवाड़ की फली खाने से उनके मुंह से झाग निकलने लगा और चक्कर खाकर गिर पड़ीं। दोनों मासूमों की यह हालत को देखकर परिजनों के होश उड़ गए। पहले तो परिजनों ने समझा कि उन्हें किसी जहरीले कीड़े ने काटा है। लेकिन जब उलटियां करने पर पनवाड़ के बीज निकले तो वह समझ गए कि उन्होंने पनवाड़ की फली खा ली हैं। परिजन दोनों को लेकर कस्बे के एक निजी नर्सिंग होम पहुंचे। दोनों की हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन उनको लेकर हायर सेंटर ले जा रहे थे कि वंशिका ने लक्सर में ही दम तोड़ दिया। वसुमा को जौलीग्रांट अस्पताल भर्ती किया गया, लेकिन चिकित्सक उसे भी नहीं बचा सके। एक साथ मासूमाें की मौत से गांव में सन्नाटा पसरा है। गांवों में पनवाड़ को लेकर दहशत बनी है। पनवाड़ की फली खाने से अभी तक नौ बच्चों की मौत हो चुकी है।
पनवाड़ की फली खाने से मासूमों की मौत की जानकारी संज्ञान में नही है। दो बच्चियों की मौत की वजह का पता लगाया जाएगा। पनवाड़ को लेकर आम आदमी को जागरूक किया जाएगा।
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- डॉ. अनिल वर्मा, डिप्टी सीएमओ लक्सर
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लक्सर क्षेत्र के कुड़ी नेटवाला गांव निवासी पोपिन की चार वर्षीय पुत्री वंशिका दो दिन पहले क्षेत्र के ही गांव बालावाली अपने मामा के यहां गई थी। बताया जाता है कि बुधवार को वंशिका अपनी हमउम्र ममेरी बहन वसुमा के साथ खेलते-खेलते खेतों की तरफ चली गई। वंशिका और वसुमा ने वहां उगी पनवाड़ की झाड़ियों से फली तोड़कर खा लीं। पनवाड़ की फली खाने से उनके मुंह से झाग निकलने लगा और चक्कर खाकर गिर पड़ीं। दोनों मासूमों की यह हालत को देखकर परिजनों के होश उड़ गए। पहले तो परिजनों ने समझा कि उन्हें किसी जहरीले कीड़े ने काटा है। लेकिन जब उलटियां करने पर पनवाड़ के बीज निकले तो वह समझ गए कि उन्होंने पनवाड़ की फली खा ली हैं। परिजन दोनों को लेकर कस्बे के एक निजी नर्सिंग होम पहुंचे। दोनों की हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन उनको लेकर हायर सेंटर ले जा रहे थे कि वंशिका ने लक्सर में ही दम तोड़ दिया। वसुमा को जौलीग्रांट अस्पताल भर्ती किया गया, लेकिन चिकित्सक उसे भी नहीं बचा सके। एक साथ मासूमाें की मौत से गांव में सन्नाटा पसरा है। गांवों में पनवाड़ को लेकर दहशत बनी है। पनवाड़ की फली खाने से अभी तक नौ बच्चों की मौत हो चुकी है।
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पनवाड़ की फली खाने से मासूमों की मौत की जानकारी संज्ञान में नही है। दो बच्चियों की मौत की वजह का पता लगाया जाएगा। पनवाड़ को लेकर आम आदमी को जागरूक किया जाएगा।
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- डॉ. अनिल वर्मा, डिप्टी सीएमओ लक्सर