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करोड़ों की चपत लगने के बाद सुधारी व्यवस्थाएं
Haridwar
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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लक्सर। तीन करोड़ से अधिक की चपत लगने के बाद पंजाब नेशनल बैंक की लक्सर शाखा ने कई व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी हैं। अब ग्राहकों को कंप्यूटरराइज सीरियल नंबर और समययुक्त रसीद जारी की जा रही है। नगदी एंट्री और स्टेटमेंट हाथों-हाथ दी जा रही है।
लक्सर पीएनबी के हेड कैशियर राजेंद्र कुमार ने 20 से अधिक उपभोक्ताओं की तीन करोड़ से अधिक की राशि का गबन कर लिया गया था। सबसे ज्यादा ऊर्जा निगम की दो करोड़ सत्तर लाख की राशि गबन की गई थी। जो उपभोक्ता गबन के शिकार हुए उनके पास रिसीविंग रसीद तो है लेकिन रसीदों पर न तो सीरियल नंबर है और न ही समय अंकित था। बैंक की इंटरनल जांच में पता चला था कि बैंक में कई व्यवस्थाएं ठप हैं। जिससे कैशियर ने करोड़ों रुपये का यह खेल खेला। करोड़ों रुपये का घोटाला होने के बाद बैंक ने अपनी बिगड़ी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया है। अब कंप्यूटरराइज सीरियल नंबर और समययुक्त रिसीविंग रसीद उपभोक्ताओं को जारी की जा रही है। स्टेटमेंट भी इच्छुक उपभोक्ताओं को हाथों-हाथों दी जा रही है।
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लक्सर पीएनबी के हेड कैशियर राजेंद्र कुमार ने 20 से अधिक उपभोक्ताओं की तीन करोड़ से अधिक की राशि का गबन कर लिया गया था। सबसे ज्यादा ऊर्जा निगम की दो करोड़ सत्तर लाख की राशि गबन की गई थी। जो उपभोक्ता गबन के शिकार हुए उनके पास रिसीविंग रसीद तो है लेकिन रसीदों पर न तो सीरियल नंबर है और न ही समय अंकित था। बैंक की इंटरनल जांच में पता चला था कि बैंक में कई व्यवस्थाएं ठप हैं। जिससे कैशियर ने करोड़ों रुपये का यह खेल खेला। करोड़ों रुपये का घोटाला होने के बाद बैंक ने अपनी बिगड़ी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया है। अब कंप्यूटरराइज सीरियल नंबर और समययुक्त रिसीविंग रसीद उपभोक्ताओं को जारी की जा रही है। स्टेटमेंट भी इच्छुक उपभोक्ताओं को हाथों-हाथों दी जा रही है।
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